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Noida News: सेक्टर-150 में भरे पानी को निकालने की परियोजना को आईआईटी की मंजूरी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 10:08 PM IST
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IIT Approves Project to Drain Water from Sector-150
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सेक्टर-150 में भरे पानी को निकालने की परियोजना को आईआईटी की मंजूरी
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31 करोड़ 39 लाख रुपये आएगी लागत, सेक्टर-150 समेत 13 सेक्टरों का बारिश का पानी हिंडन में जाएगा

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की 16 जनवरी को प्लाॅट में डूबकर मौत के बाद सेक्टर-150 का जलभराव मुद्दा बना हुआ है। नोएडा प्राधिकरण ने इस सेक्टर समेत आस-पड़ोस के 13 सेक्टरों से बारिश का पानी निकलवाने का परियोजना प्रस्ताव सिंचाई विभाग से तैयार करवाया है।
परियोजना का यह प्रस्ताव आईआईटी के परीक्षण में पास हो गया है। रेगुलेटर व करीब 800 मीटर नाला बनाकर सेक्टर-150 व सेक्टर-152 के नालों से जोड़कर पानी निकालने की परियोजना पर 31 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत का आकलन हुआ है। अब नोएडा प्राधिकरण सिंचाई विभाग को बजट जारी करेगा। सिंचाई विभाग को आगे का काम करवाना है।
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आईआईटी की मंजूरी के बाद सोमवार को सिंचाई विभाग के इंजीनियर नोएडा प्राधिकरण पहुंचे और स्वीकृत परियोजना के दस्तावेज सौंपे। गौरतलब है कि नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे किनारे के इन सेक्टर में प्राधिकरण ने सड़क, नाली, सीवर समेत सभी विकास कार्य करवाए हैं। सेक्टर-150 के एक तरफ हिंडन तो दूसरी तरफ यमुना है। बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध भी हैं। इसी तरह सेक्टर-151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161, 162 सेक्टर में भी विकास कार्य हुए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक अभी इन सेक्टर का पानी सेक्टर-168 की तरफ मोड़कर नाले से ले जाकर यमुना तक पहुंचाया जाता है। सामान्य दिनों में तो इस नेटवर्क से पानी निकलता रहता है लेकिन बारिश होने पर यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो सेक्टर-135 का रेगुलेटर बंद कर दिया जाता है। ये सेक्टर ऊंचाई में भी कम हैं। ऐसे में इस तरफ पानी आने लगता है। प्राधिकरण की तैयारी इतने लंबे नाला नेटवर्क के बजाय सीधे नाला बनवाकर सेक्टर-150 से हिंडन में बारिश का पानी निकालने की है। इसको लेकर सिंचाई विभाग ने योजना तैयार की है। 2023 में इसको लेकर प्राधिकरण व सिंचाई विभाग का संयुक्त निरीक्षण भी हुआ था। फिर परियोजना की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई थी। युवराज की मौत के बाद फिर इस परियोजना पर चर्चा शुरू हुई।

शासन ने पूछा, खतरनाक जगहों के लिए क्या इंतजाम किए

पानी में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में जनहित याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। शासन की तरफ से कोर्ट में पक्ष रखा जा रहा है। इस क्रम में शासन ने नोएडा प्राधिकरण से हादसे के बाद शहर में अन्य ऐसी खतरनाक जगहों पर किए गए इंतजामों पर जवाब मांगा है। यह जवाब नोएडा प्राधिकरण की तरफ से शासन को भेज दिया गया है। इसमें खतरनाक स्थलों के सर्वे से लेकर वहां पर काम करवाने के लिए हुए टेंडर व अन्य इंतजाम का ब्यौरा दिया गया है। शासन ने ऐसे हादसों की स्थिति में एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ के साथ सामंजस्य बनाने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने के लिए कहा है।
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