सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Noida engineer death Case Differences in reports from three departments

नोएडा इंजीनियर मौत मामला: रिपोर्ट में किए गए दावे, कहीं पड़ न जाए भारी; तीनों विभागों की रिपोर्ट्स में अंतर

माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 30 Jan 2026 10:52 AM IST
विज्ञापन
सार

युवराज मामले में पुलिस, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्टों में विरोधाभास सामने आया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बयानों में भिन्नता के कारण कई अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं। एसआईटी ने मुख्यमंत्री को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है।

Noida engineer death Case Differences in reports from three departments
इंजीनियर युवराज मौत मामला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

युवराज मामले में तीनों विभागों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में अंतर दिख रहा है। पुलिस, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयानों में फर्क साफ दिखा। किसी ने जल्दी पहुंचने का दावा किया तो कोई अन्य विभाग के कर्मचारियों को देरी से पहुंचने की बात कही। जिससे कार्रवाई के दायरे में कई अधिकारी आ गए हैं।

Trending Videos

शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीनों विभागों, पुलिस, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्ट के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। एसआईटी ने नोएडा में पांच दिन तक जांच को जारी रखा। हर पहलुओं से मामले की जांच की गई। इस दौरान टीम ने दो बार घटनास्थल का भी दौरा किया। जिम्मेदार विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और चश्मदीदों को मिलाकर तकरीबन 150 लोगों ने बयान दर्ज किए गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में सबसे पहले स्वयं के पहुंचने का दावा किया गया है। जिसके बाद पीआरवी ने अन्य राहत बचाव दल को मामले की जानकारी दी। एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि युवराज की मौत पहले हो गई थी। गड्ढे से आने वाली रोशनी गाड़ी की हेडलाइट बताई गई। इसके अलावा युवराज को बचाने का प्रयास करने वाले मोनिंदर की लोकेशन भी घटनास्थल से दूर बताई गई। उधर, मोनिंदर घटनास्थल पर होने का दावा कर रहा है। राहत बचाव दल के कुछ कर्मचारियों ने भी उसके पक्ष में बयान दिए हैं। स्थिति और गंभीर तब हुई जब चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए।

आगामी सप्ताह में हो सकती है कार्रवाई
एसआईटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद से विभागों के दफ्तरों का माहौल बदल गया है। लगातार कार्रवाई को लेेकर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि एसआईटी की ओर से सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट में जिन विभागों की लापरवाही दर्शाई गई है उनके अधिकारियों और कर्मचारियों पर आगामी सप्ताह कार्रवाई हो सकती है।

लखनऊ तक संपर्क में अफसर
सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गठित एसआईटी जांच के बाद से अधिकारी कार्रवाई से बचने के लिए पैरवी करने में जुटे हैं। कई अधिकारी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के चक्कर काट रहे हैं।

अब आज होगी बिल्डरों की जमानत पर सुनवाई
नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में गिरफ्तार लोट्स ग्रीन बिल्डर कंपनी के दो पदाधिकारियों की जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बृहस्पतिवार को सुनवाई की। जिसके बाद दोनों की न्यायिक हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी गई। अब शुक्रवार को फिर से सुनवाई होगी।

नोएडा के सेक्टर-150 में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के बेसमेंट के गड्ढे में भरे पानी में डूबकर इंजीनियर युवराज की मौत हो गई थी। इस मामले में एमजेड विजटाउन प्लानर्स और लोट्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने विजटाउन कंपनी के पदाधिकारी अभय कुमार और लोट्स ग्रीन के पदाधिकारी रवि बंसल व सचिन करनवाल को गिरफ्तार किया था। बृहस्पतिवार को आरोपी रवि व सचिन की जमानत याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। काफी देर तक बहस चली। उसके बाद कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी और शुक्रवार को फिर सुनवाई की तिथि तय की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed