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UP: जिला अस्पताल में भर्ती घोटाले में उच्चस्तरीय जांच का दायरा बढ़ा, जल्द स्पष्ट रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

Fri, 14 Aug 2026 12:05 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Fri, 14 Aug 2026 12:05 PM IST
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Scope of high-level probe into district hospital admission scam expanded
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

नोएडा जिला अस्पताल में नियमों को ताक पर रखकर की गई 17 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के बाद तीन साल तक सैलरी निकलने के मामले में अब उच्चस्तरीय जांच का दायरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने और जल्द स्पष्ट आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की नियमों के खिलाफ भर्ती कर तीन साल तक वेतन दिया गया। इस मामले का खुलासा होने पर सीएमओ ने 17 स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोक दिया है। नियमों के अनुसार स्थानीय स्तर पर इनकी भर्ती नहीं हो सकती थी, इसके बावजूद भर्ती की गई। ऐसे में स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन भर्ती के नाम पर जिला अस्पताल में एक बड़ा घोटाला होने की संभावना जताई जा रही है।
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यह खबर आते ही नोएडा स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल समेत लखनऊ स्वास्थ्य महानिदेशालय में भी चर्चाएं तेज हो गई है कि आखिर यह घोटाला किसकी सह पर हुआ। कुछ जगह ऐसी चर्चा भी हैं कि मामले  में लखनऊ के अधिकारी भी शामिल हैं। सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया, स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएस और स्वास्थ्य महानिदेशालय से मामले में स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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डब्ल्यूटीटी के मामले में प्राधिकरण से लिए दस्तावेज
नोएडा सेक्टर-16 स्थित वर्ल्ड ट्रेड टावर से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण से परियोजना और भूखंड से संबंधित दस्तावेज लिए। दिल्ली पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल के एसीपी ने बुधवार को सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध रिकॉर्ड जांच टीम को सौंप दिए गए। अब दिल्ली पुलिस इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। प्राधिकरण के ओएसडी इंदु शेखर ने बताया पुलिस टीम को भूखंड के आवंटन से संबंधित दस्तावेज, कंसोर्टियम से जुड़े रिकॉर्ड, लीज डीड समेत प्राधिकरण स्तर पर उपलब्ध अन्य अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। 

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