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Noida News: ओसी-सीसी के बाद दो माह के अंदर देना होगा ऑफर ऑफ पजेशन पत्र
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यूपी रेरा ने तीन माह की जगह समय सीमा को दो माह किया
फाइनल डिमांड नोटिस को नहीं माना जाएगा कब्जा प्रस्ताव, बिल्डर को अलग से भेजना होगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने घर खरीदारों को कब्जा देने वाले नियमों में बदलाव किया है। यूपी रेरा ने साफ किया है कि ऑक्यूपेंसी या कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब दो माह के अंदर बिल्डर को ऑफर ऑफ पजेशन पत्र देना होगा। पहले इसके लिए तीन माह का समय होता था। वहीं बिल्डर के फाइनल डिमांड नोटिस को कब्जा प्रस्ताव पत्र नहीं माना जाएगा। पत्र पर ऑफर ऑफ पजेशन लिखा होना जरूरी है। उधर यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर भी डीम्ड ओसी और सीसी का नियम लागू होता है।
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि ओसी या सीसी मिलने के बाद तीन माह के अंदर बिल्डर को खरीदार के नाम बिक्री विलेख कराना और कब्जा देना होता है। अब समय सीमा को घटाकर दो माह कर दिया गया है। दो माह के अंदर लिखित रूप में खरीदार को कब्जा लेने का प्रस्ताव देना होगा। जो खरीदार के ई-मेल या डाक के माध्यम से भेजना जरूरी है। बिल्डरों को अपने ग्राहक सेवा कार्यालय में ओसी-सीसी चस्पा करने होंगे।
अफसरों ने बताया कि बिल्डर फाइनल डिमांड नोटिस को ही कब्जा पत्र बना देते है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कब्जा पत्र पर ऑफर ऑफ पजेशन लिखा होना चाहिए। स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि ओसी-सीसी मिलने के बाद कब्जा दिया जा रहा है। इसका प्रारूप निर्धारित है। इसका पालन नहीं किया तो फिर कार्रवाई होगी। यूपी रेरा ने खरीदारों से भी कहा है कि कब्जा पत्र मिलने के बाद तय समय के अंदर अपनी संपत्ति पर कब्जा लेना होगा।
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कानूनी रूप से अस्थायी प्रमाण पत्र मान्य नहीं
कुछ मामलों में प्राधिकरण अस्थायी या अंतरिम सीसी या ओसी जारी कर रहे हैं लेकिन कानून के रूप में यह व्यवस्था नहीं है। प्राधिकरणों को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी होगी। वहीं ओसी व सीसी में प्राधिकरण को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह प्रमाण पत्र किन टावरों, ब्लॉकों, चरणों (फेज) या प्लॉटों पर लागू है। ताकि घर खरीदारों को अपनी संपत्ति की सही स्थिति समझने में आसानी हो सके। प्रोजेक्ट की पूर्णता को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा।
तीनों प्राधिकरण पर लागू है डीम्ड ओसी का नियम
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर डीम्ड ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का नियम लागू है। खरीदारों को सलाह दी है कि बिल्डर के कब्जा देने से संबंधित नियमों की जानकारी उनको होनी चाहिए। ताकि किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
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फाइनल डिमांड नोटिस को नहीं माना जाएगा कब्जा प्रस्ताव, बिल्डर को अलग से भेजना होगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने घर खरीदारों को कब्जा देने वाले नियमों में बदलाव किया है। यूपी रेरा ने साफ किया है कि ऑक्यूपेंसी या कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब दो माह के अंदर बिल्डर को ऑफर ऑफ पजेशन पत्र देना होगा। पहले इसके लिए तीन माह का समय होता था। वहीं बिल्डर के फाइनल डिमांड नोटिस को कब्जा प्रस्ताव पत्र नहीं माना जाएगा। पत्र पर ऑफर ऑफ पजेशन लिखा होना जरूरी है। उधर यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर भी डीम्ड ओसी और सीसी का नियम लागू होता है।
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि ओसी या सीसी मिलने के बाद तीन माह के अंदर बिल्डर को खरीदार के नाम बिक्री विलेख कराना और कब्जा देना होता है। अब समय सीमा को घटाकर दो माह कर दिया गया है। दो माह के अंदर लिखित रूप में खरीदार को कब्जा लेने का प्रस्ताव देना होगा। जो खरीदार के ई-मेल या डाक के माध्यम से भेजना जरूरी है। बिल्डरों को अपने ग्राहक सेवा कार्यालय में ओसी-सीसी चस्पा करने होंगे।
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अफसरों ने बताया कि बिल्डर फाइनल डिमांड नोटिस को ही कब्जा पत्र बना देते है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कब्जा पत्र पर ऑफर ऑफ पजेशन लिखा होना चाहिए। स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि ओसी-सीसी मिलने के बाद कब्जा दिया जा रहा है। इसका प्रारूप निर्धारित है। इसका पालन नहीं किया तो फिर कार्रवाई होगी। यूपी रेरा ने खरीदारों से भी कहा है कि कब्जा पत्र मिलने के बाद तय समय के अंदर अपनी संपत्ति पर कब्जा लेना होगा।
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कानूनी रूप से अस्थायी प्रमाण पत्र मान्य नहीं
कुछ मामलों में प्राधिकरण अस्थायी या अंतरिम सीसी या ओसी जारी कर रहे हैं लेकिन कानून के रूप में यह व्यवस्था नहीं है। प्राधिकरणों को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी होगी। वहीं ओसी व सीसी में प्राधिकरण को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह प्रमाण पत्र किन टावरों, ब्लॉकों, चरणों (फेज) या प्लॉटों पर लागू है। ताकि घर खरीदारों को अपनी संपत्ति की सही स्थिति समझने में आसानी हो सके। प्रोजेक्ट की पूर्णता को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा।
तीनों प्राधिकरण पर लागू है डीम्ड ओसी का नियम
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण पर डीम्ड ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का नियम लागू है। खरीदारों को सलाह दी है कि बिल्डर के कब्जा देने से संबंधित नियमों की जानकारी उनको होनी चाहिए। ताकि किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।