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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Nuh News ›   If the thumb fails then the eyes will become the identity.

Nuh News: अंगूठा फेल तो आंख बनेगी पहचान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 12:26 AM IST
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नूंह के 2.24 लाख राशन कार्डधारकों के लिए 507 डिपो हुए हाईटेक
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5जी आधारित नई मशीनों से राशन वितरण में बढ़ेगी पारदर्शिता



रिजवान खान
नूंह। कई बार बुजुर्गों के कांपते हाथ, मजदूरों की घिस चुकी उंगलियां और मशीन पर बार-बार फेल होते फिंगरप्रिंट गरीब परिवारों के लिए राशन लेना भी एक बड़ी जंग बना देते थे। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी जब मशीन पहचान नहीं करती थी तो कई जरूरतमंद मायूस होकर खाली हाथ लौट जाते थे। अब ऐसे लोगों के लिए राहत की खबर है।
हरियाणा सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को हाईटेक बनाते हुए 5जी आधारित नई मशीनों में आई-स्कैन तकनीक जोड़ दी है, जिससे अब अंगूठा फेल होने पर आंखों की पहचान से राशन मिलेगा और किसी पात्र परिवार को राशन से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुरानी पीओएस मशीनों में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही थीं। कई बार नेटवर्क समस्या या फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण पात्र लोगों को राशन लेने में परेशानी होती थी।
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खासकर बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों के अंगूठे के निशान साफ न आने से उन्हें कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता था। अब नई मशीनों में आई-स्कैन तकनीक जोड़ी गई है, जिससे फिंगरप्रिंट फेल होने पर आंखों की स्कैनिंग के जरिये पहचान कर राशन दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था का सीधा फायदा नूंह जिले के 2 लाख 24 हजार 802 राशन कार्ड धारकों को मिलेगा। जिले में कुल 11 लाख 73 हजार 542 यूनिट दर्ज हैं। नूंह में सरकारी राशन डिपो की कुल संख्या 507 है और 500 से अधिक राशन वितरण मशीनें सक्रिय हैं। इनमें अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के 11 हजार 257 कार्ड और 41 हजार 90 यूनिट शामिल हैं, जबकि एसबीपीएल श्रेणी में 2 लाख 13 हजार 545 कार्ड और 11 लाख 32 हजार 452 यूनिट दर्ज हैं। नई तकनीक लागू होने से जिले में राशन वितरण पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।



- धांधली और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

5जी आधारित नई मशीनों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फर्जी राशन कार्डों और राशन वितरण में होने वाली हेराफेरी पर काफी हद तक रोक लगेगी। राशन तभी जारी होगा जब लाभार्थी की पहचान पूरी तरह सत्यापित हो जाएगी। इससे सरकारी अनाज सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा और वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। विभाग द्वारा सभी डिपो संचालकों को चरणबद्ध तरीके से नई मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मशीन पर लाभार्थी को अपना अंगूठा या आंख स्कैन करनी होगी, जिसके बाद पर्ची निकलेगी और राशन वितरित किया जाएगा।



- इलेक्ट्रॉनिक कांटों से होगी सही तौल

सरकार नई मशीनों के साथ आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कांटे भी राशन डिपो पर उपलब्ध करा रही है। इससे राशन तौलने में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में अनाज मिल सकेगा। विभाग का कहना है कि मशीनों को तेजी से इंस्टॉल किया जा रहा है ताकि राशन वितरण में किसी तरह की देरी न हो।



- जून महीने का गेहूं पहुंचा डिपो पर

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मई महीने का गेहूं अप्रैल में ही वितरित कर दिया गया था, जबकि अब जून महीने के गेहूं की सप्लाई राशन डिपो तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही मई महीने के कोटे के अनुसार तेल और चीनी भी वितरित की जाएगी ताकि पात्र परिवारों को समय पर सभी आवश्यक खाद्य सामग्री मिल सके।

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नई मशीनें आ गई हैं। जिनको जल्द ही इंस्टॉल करवाया जाएगा। नई मशीनें आधुनिक रूप से तैयार की गई हैं जो पारदर्शिता को बनाकर रखेंगी। हमारी कोशिश है कि हर गरीब परिवार को सरकार की योजना का लाभ बिल्कुल पारदर्शिता के साथ पहुंचे। - सीमा शर्मा, डीएफएससी नूंह।
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