फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Nuh News ›   The face of Nuh's new grain market is set to change.

Nuh News: नूंह की नई अनाज मंडी की तस्वीर बदलेगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नूंह। वर्षों से जर्जर सड़कों, जलभराव और बदहाल बुनियादी सुविधाओं की समस्या से जूझ रही नूंह की नई अनाज मंडी अब नए स्वरूप में नजर आएगी। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी के व्यापक विकास और विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 2 करोड़ 51 लाख 39 हजार रुपये की परियोजना को मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मंडी में किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
मंडी में लंबे समय से टूटी सड़कें, बरसात में जलभराव और कमजोर सीवरेज व्यवस्था किसानों व व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी। हर फसल सीजन में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी, जिससे कृषि उपज के उठान और कारोबार पर भी असर पड़ता था। नई परियोजना का उद्देश्य इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
विज्ञापन

परियोजना के तहत मंडी परिसर की सभी प्रमुख आंतरिक सड़कों और सर्विस रोड की विशेष मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण किसानों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी दूर होगी तथा फसल की ढुलाई पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बरसात के दिनों में मंडी परिसर में पानी भर जाना सबसे बड़ी समस्या रही है। इसे देखते हुए सीवरेज नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा तथा आधुनिक जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन के लिए अंडरग्राउंड टैंक का निर्माण भी कराया जाएगा, जिससे मंडी परिसर में पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
मंडी में किसानों और आढ़तियों के उपयोग में आने वाले प्लेटफॉर्मों की मरम्मत कर उन्हें मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही बाउंड्री वॉल का भी नवीनीकरण किया जाएगा, जिससे मंडी की सुरक्षा और सौंदर्य दोनों में सुधार होगा।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, गुरुग्राम मंडल द्वारा जारी कार्यादेश के अनुसार परियोजना की कुल लागत 2.51 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य को 13 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विशेष बात यह है कि निर्माण कार्य की तीन वर्ष की दोष दायित्व अवधि भी निर्धारित की गई है, जिसके दौरान किसी भी तकनीकी कमी के लिए ठेकेदार जिम्मेदार रहेगा।



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed