जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत: ठेकेदार ने चैंबर में उतारे अनट्रेंड लेबर, JCB से सीवर को तोड़कर निकाली गई लाश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। देर रात शव निकालने के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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हरियाणा के फिरोजपुर झिरका शहर में देर रात सीवर सफाई के दौरान बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने के लिए सीवर में उतरा तीसरा कर्मचारी गंभीर रूप से बेहोश हो गया। समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई है। हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के परिजनों की शिकायत पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ, कनिष्ठ अभियंता (जेई) और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनट्रेंड थे दोनों मजदूर
जानकारी के अनुसार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से सीवर सफाई का कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक ठेकेदार को दिया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने बिना किसी प्रशिक्षित कर्मचारी और सुरक्षा उपकरणों के अनट्रेंड युवकों को सीवर चेंबर में उतार दिया। जैसे ही चेंबर का ढक्कन खोला गया और कर्मचारी नीचे उतरे, वहां पहले से भरी जहरीली गैस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही क्षणों में दो कर्मचारी बेहोश होकर सीवर में गिर पड़े।
जेसीबी से तोड़ा सीवर चेंबर
अपने साथियों को बचाने के प्रयास में तीसरा कर्मचारी भी नीचे उतर गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस से प्रभावित होकर बेहोश हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गया। एसडीएम लक्ष्मी नारायण और पुलिस अधिकारियों ने रातभर मौके पर डटे रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। वहीं ठेकेदार व उसके कर्मचारी मौके से नदारद रहे। राहत टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से सीवर चेंबर को तोड़कर करीब ढाई से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अल आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो कर्मचारियों को मृत घोषित कर दिया।
मरने वाला एक यूपी तो दूसरा पलवल का था
मृतकों की पहचान अब्दुल कलाम (30) पुत्र जमशेद निवासी नूनाबाड़ी, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और राजेंद्र पुत्र खिच्चू निवासी गांव सेवली, तहसील होडल, जिला पलवल के रूप में हुई है। वहीं तीसरे कर्मचारी अरबाज पुत्र भूरा, निवासी उत्तर प्रदेश का अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
बिना सुरक्षा उपकरणों के उतार दिए मजदूर
इस हादसे ने विभागीय कार्यप्रणाली और ठेकेदारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारा गया। उनके पास न गैस मास्क थे, न ऑक्सीजन सिलेंडर, न सेफ्टी बेल्ट और न ही अन्य जरूरी सुरक्षा संसाधन। यही नहीं, मौके पर कोई प्रशिक्षित सुपरवाइजर या तकनीकी कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि मुख्य ठेकेदार ने यह काम स्थानीय ठेकेदार को पेटी पर दे रखा था, जो मनमाने तरीके से मजदूरों से काम करा रहा था।
पिता बोले- बेटे को नहीं था अनुभव
मृतक अब्दुल कलाम के पिता जमशेद ने बताया कि सात बेटियों के बाद उनका इकलौता बेटा अब्दुल कलाम हुआ था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को सीवर सफाई का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन पैसों का लालच देकर ठेकेदार उसे यहां काम पर ले आया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस का बयान
डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों की शिकायत पर सिटी थाना फिरोजपुर झिरका में ठेकेदार, एसडीओ और जेई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के अनुसार शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
मुआवजे की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। देर रात शव निकालने के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर सीवर सफाई में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही की भयावह तस्वीर सामने लाता है।

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