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Nuh News: भाजपा सेंधमारी की तैयारी में तो इनेलो भी खोई हुई सियासी जमीन की तलाश में
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25 जुलाई को पुन्हाना में आयोजित रैली में भाजपा दिखाएगी दम
27 सितंबर को इनेलो चौधरी देवीलाल की जयंती पर करेगी प्रदेशस्तरीय रैली
शेर सिंह डागर
नूंह। हरियाणा विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन मेवात की सियासत गर्म है। प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की नजर मेवात पर है। कांग्रेस व इनेलो का मजबूत गढ़ रहे इस क्षेत्र में पहली बार भाजपा आक्रामक रणनीति के साथ उतरती दिखाई दे रही है। वहीं इनेलो अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के लिए सक्रिय है और जजपा भी संगठन को फिर से खड़ा करने में जुट गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मेवात हरियाणा की राजनीति का सबसे चर्चित रणक्षेत्र बनने की ओर दिख रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा की रणनीति को लेकर है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा है कि भाजपा कांग्रेस के पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन विधायक इसराइल को अपने साथ जोड़कर मेवात में बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है। इसी बीच 25 जुलाई को पुन्हाना में मुख्यमंत्री नायब सिंह की प्रस्तावित रैली को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मेवात में भाजपा की ताकत दिखाने का मंच भी बन सकती है। इसके लिए रैली के आयोजक एवं कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास के लड़के गांवों में पसीना बहा रहे हैं।
उधर, कभी मेवात की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाली इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) भी अपनी खोई जमीन वापस हासिल करने की कवायद में जुट गई है। पार्टी ने 27 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती का प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम कर नूंह में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इनेलो की कोशिश है कि पुराने समर्थकों को फिर से अपने साथ जोड़ा जाए और क्षेत्र में नई राजनीतिक ऊर्जा पैदा की जाए।
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जननायक जनता पार्टी (जजपा) भी मेवात को लेकर गंभीर नजर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चौटाला हाल ही में लगातार दो दिन मेवात में रहे। उन्होंने गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात की तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संदेश दिया।
इन गतिविधियों के बीच कांग्रेस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। पुन्हाना और हथीन के विधायकों द्वारा भाजपा को समर्थन देने के बाद कांग्रेस को मेवात में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। यही कारण है कि पार्टी अब नए चेहरों को आगे लाने, संगठन को मजबूत करने और संभावित राजनीतिक नुकसान की भरपाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है।
भाजपा के लिए मेवात विधानसभा सीटों का मामला नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल भी है। नूंह जिले की किसी भी विधानसभा सीट पर भाजपा जीत का कमल नहीं खिला सकी है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पूर्व डिप्टी स्पीकर, पूर्व विधायक और कई प्रभावशाली मेव नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को नई ताकत मिली है।
वर्तमान में नूंह से आफताब अहमद, फिरोजपुर झिरका से मामन खान, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से इसराइल कांग्रेस के विधायक हैं जिनमें से इलियास व इसराइल कांग्रेस से भाजपा के पाले में खड़े हो गए हैं।
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27 सितंबर को इनेलो चौधरी देवीलाल की जयंती पर करेगी प्रदेशस्तरीय रैली
शेर सिंह डागर
नूंह। हरियाणा विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन मेवात की सियासत गर्म है। प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की नजर मेवात पर है। कांग्रेस व इनेलो का मजबूत गढ़ रहे इस क्षेत्र में पहली बार भाजपा आक्रामक रणनीति के साथ उतरती दिखाई दे रही है। वहीं इनेलो अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के लिए सक्रिय है और जजपा भी संगठन को फिर से खड़ा करने में जुट गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मेवात हरियाणा की राजनीति का सबसे चर्चित रणक्षेत्र बनने की ओर दिख रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा की रणनीति को लेकर है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा है कि भाजपा कांग्रेस के पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन विधायक इसराइल को अपने साथ जोड़कर मेवात में बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है। इसी बीच 25 जुलाई को पुन्हाना में मुख्यमंत्री नायब सिंह की प्रस्तावित रैली को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मेवात में भाजपा की ताकत दिखाने का मंच भी बन सकती है। इसके लिए रैली के आयोजक एवं कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास के लड़के गांवों में पसीना बहा रहे हैं।
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उधर, कभी मेवात की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाली इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) भी अपनी खोई जमीन वापस हासिल करने की कवायद में जुट गई है। पार्टी ने 27 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती का प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम कर नूंह में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इनेलो की कोशिश है कि पुराने समर्थकों को फिर से अपने साथ जोड़ा जाए और क्षेत्र में नई राजनीतिक ऊर्जा पैदा की जाए।
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जननायक जनता पार्टी (जजपा) भी मेवात को लेकर गंभीर नजर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चौटाला हाल ही में लगातार दो दिन मेवात में रहे। उन्होंने गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात की तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संदेश दिया।
इन गतिविधियों के बीच कांग्रेस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। पुन्हाना और हथीन के विधायकों द्वारा भाजपा को समर्थन देने के बाद कांग्रेस को मेवात में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। यही कारण है कि पार्टी अब नए चेहरों को आगे लाने, संगठन को मजबूत करने और संभावित राजनीतिक नुकसान की भरपाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है।
भाजपा के लिए मेवात विधानसभा सीटों का मामला नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल भी है। नूंह जिले की किसी भी विधानसभा सीट पर भाजपा जीत का कमल नहीं खिला सकी है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पूर्व डिप्टी स्पीकर, पूर्व विधायक और कई प्रभावशाली मेव नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को नई ताकत मिली है।
वर्तमान में नूंह से आफताब अहमद, फिरोजपुर झिरका से मामन खान, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से इसराइल कांग्रेस के विधायक हैं जिनमें से इलियास व इसराइल कांग्रेस से भाजपा के पाले में खड़े हो गए हैं।