पेपर लीक हंगामा: सड़क से संसद तक संग्राम तेज, प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी चोटिल, देर रात टकराव से लेकर पथराव तक
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दो जगह हुए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
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नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक जारी संग्राम बुधवार को और तेज हो गया। दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दो जगह हुए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस व आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।
रात को मौके पर भारी पुलिस बल बुला लिया गया। देर रात जंतर-मंतर व आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे और तनाव का माहौल बना हुआ था। इस बीच, दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन अब अन्य शहरों में भी फैल गया है। बुधवार को पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम व मुंबई समेत देशभर में छात्रों ने कई जगह प्रदर्शन किए और प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस ने बताया कि शाम करीब 4ः30 बजे जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों के पथराव में एसीपी जय प्रकाश घायल हो गए। इसके बाद रात करीब 8ः30 बजे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कनॉट प्लेस की तरफ जा रहे थे। टॉलस्टॉय मार्ग-जनपाथ क्रॉसिंग पर एसीपी, कनॉट प्लेस विवेक भगत ने उन्हें रोका तो भीड़ ने पत्थरों व बोतल से हमला किया। एसीपी लहुलूहान हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए एसीपी को निकाला। कुछ पुलिसकर्मियों व आरएएफ जवानों के साथ भी मारपीट की गई। दो एसीपी व चार पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंदोलन में असामाजिक तत्व भी घुसे
जंतर-मंतर के पास पथराव को लेकर सीजेपी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में असामाजिक तत्व भी आंदोलनकारियों के बीच घुस गए हैं। वे शांतिपूर्ण विरोध को बेपटरी करने में जुटे हैं।
- अब तक 10 एफआईआर : पुलिस ने 20 जुलाई और उसके बाद प्रदर्शन पर अब तक 10 एफआईआर दर्ज की है।
- 16 मेट्रो स्टेशन रहे बंद, शाम को खुले : बवाल के चलते दिल्ली मेट्रो ने 16 स्टेशन बंद कर दिए, जिन्हें शाम को खोला गया।
सीआरपीएफ और आरएएफ की 24 कंपनियां बुलाईं
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। वहीं, सीआरपीएफ व उसकी विशेष इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 24 कंपनियां भी दिल्ली बुला ली गई हैं।
वांगचुक ने नड्डा-जितेंद्र को लिखा पत्र, कहा-
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार अगर प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर कोई दंडात्मक कानूनी कार्रवाई न करने का भरोसा दे, तो वे अनशन खत्म कर देंगे। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में यह बात कही।
- दोनों मंत्रियों ने मंगलवार रात मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मिलकर भरोसा दिया था कि सरकार उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। इनमें नीट पेपर लीक के बाद खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना और शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर विचार सहित परीक्षा में गड़बड़ियों पर संसद में सार्थक चर्चा कराना शामिल है
- वांगचुक ने लिखा, सरकार से भराेसा मिलते ही वे छात्रों से आंदोलन टालने की अपील करेंगे
नड्डा के घर पर वार्ता नहीं: सीजेपी
सीजेपी ने कहा कि वह सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, पर वार्ता किसी मंत्री के घर या दफ्तर में होने के बजाय जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आवास पर वार्ता के लिए बुलाया है। मगर, हमने किसी के घर जाने से मना कर दिया।