दो घंटे तक हुआ हंगामा: मंदिर में 500 लोगों ने घुसकर पुजारियों-महिलाओं से की मारपीट, दानपात्र लूटा; देखें Video
पलवल के शेखसाई गांव स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में हरियाली तीज पर 500 से अधिक लोगों ने दानपात्र तोड़कर पुजारियों और महिलाओं से मारपीट की। पुलिस की निष्क्रियता के आरोप के बीच पुजारियों ने पलायन की अनुमति मांगी।
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शेखसाई गांव के भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में हरियाली तीज के अवसर पर हुई हिंसा का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में लोग मंदिर परिसर में घुसे हुए हैं। लोग पुजारियों और महिलाओं के साथ हाथापाई कर रहे हैं। यह झगड़ा पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे अब पुलिस पर भी निष्क्रियता और पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं।
500 से ज्यादा लोग मंदिर में जबरन दाखिल हुए
पुजारियों ने आरोप लगाया कि इनेलो नेता अजीत बॉबी के नेतृत्व में गांव बांसवा के 500 से ज्यादा लोग मंदिर में जबरन दाखिल हुए। उन्होंने मंदिर हॉल में रखे दानपात्र का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी चंदे की राशि निकाल ली। जब सेवारत महिलाओं और पुजारियों ने विरोध किया तो उनके साथ जमकर मारपीट की गई। वायरल वीडियो में यह दृश्य स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि महिलाएं चीख-चीखकर बचाव की गुहार लगा रही हैं, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पुजारियों ने पलायन की अनुमति मांगी
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट से आक्रोशित पुजारियों ने अब मुख्यमंत्री से पूरे गांव से पलायन की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह कदम उठाने को मजबूर होंगे।
घटना करीब दो घंटे तक चली
इस घटना के दौरान होडल थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल और हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। घटना करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस बार-बार कंट्रोल रूम से अतिरिक्त बल की मांग करती रही, लेकिन सीईटी परीक्षा के चलते बल नहीं मिल सका। बाद में डीएसपी विवेक चौधरी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
हमला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था
पुजारी हरिराम, सुनील कुमार, रामेश्वर आदि ने आरोप लगाया कि यह हमला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। मार्च माह में भी मंदिर पर कब्जे की कोशिश की गई थी, जिसे तत्कालीन एसपी और डीसी ने विफल कर दिया था। अब फिर से भंडारे का बहाना बनाकर हमला किया गया है। हसनपुर थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर लिखे जाने तक गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल तैनात है।
क्या है मंदिर की विशेषता
भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर की ऐतिहासिक मान्यता है। वरिष्ठ पुजारी राजाराम गोस्वामी के अनुसार, यह मंदिर लगभग 850 वर्ष पुराना है। मान्यता है कि गांव खिरबी के दो भक्त भाइयों राघौ और रामदास को परिक्रमा के दौरान भगवान ने दर्शन दिए और एक विशेष स्थान पर मूर्ति मिलने का संकेत दिया। बाद में खुदाई में मूर्ति मिली और वहीं यह मंदिर स्थापित किया गया। यहां हर वर्ष आंवला एकादशी और अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
