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Delhi NCR News: दो थाना प्रभारियों के तबादले पर सवाल, भ्रष्टाचार के आरोप भी चर्चा में
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू।
जिले में दो थाना प्रभारियों को लेकर पुलिस महकमे के भीतर और बाहर चर्चाओं का दौर तेज है। पुलिस सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा कि इन दोनों अधिकारियों को किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति के बाद भी उनका तबादला नहीं हो पाया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार जिले में नए पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद कई पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, लेकिन दो थाना प्रभारी अपने पदों पर यथावत बने हुए हैं। इन अधिकारियों की नियुक्ति भी कथित रूप से सिफारिश के आधार पर हुई थी और आज भी उन्हें पूर्व पुलिस अधीक्षक का समर्थन प्राप्त है। यही कारण बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ शिकायतों और आरोपों के बावजूद उनके तबादले की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इन दोनों अधिकारियों पर अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा भूमाफियाओं के साथ कथित सांठगांठ कर महंगी जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अवैध कब्जों और अन्य मामलों को लेकर कई शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं, लेकिन संबंधित थाना क्षेत्रों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं।
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तावड़ू।
जिले में दो थाना प्रभारियों को लेकर पुलिस महकमे के भीतर और बाहर चर्चाओं का दौर तेज है। पुलिस सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा कि इन दोनों अधिकारियों को किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति के बाद भी उनका तबादला नहीं हो पाया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार जिले में नए पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद कई पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, लेकिन दो थाना प्रभारी अपने पदों पर यथावत बने हुए हैं। इन अधिकारियों की नियुक्ति भी कथित रूप से सिफारिश के आधार पर हुई थी और आज भी उन्हें पूर्व पुलिस अधीक्षक का समर्थन प्राप्त है। यही कारण बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ शिकायतों और आरोपों के बावजूद उनके तबादले की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इन दोनों अधिकारियों पर अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा भूमाफियाओं के साथ कथित सांठगांठ कर महंगी जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अवैध कब्जों और अन्य मामलों को लेकर कई शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं, लेकिन संबंधित थाना क्षेत्रों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं।
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