{"_id":"6a69ee6842e4a469ef099f11","slug":"tarun-murder-case-questions-raised-over-claim-that-prime-accused-is-a-minor-court-seeks-report-from-police-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-148089-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"तरुण हत्याकांड: मुख्य आरोपी के नाबालिग होने के दावे पर सवाल, अदालत ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तरुण हत्याकांड: मुख्य आरोपी के नाबालिग होने के दावे पर सवाल, अदालत ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-मृतक तरुण के परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए उसके परिजनों ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया
-परिजनाें ने कहा, पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, अदालत की तरफ करना पड़ा रूख
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तम नगर के हस्तसाल इलाके में होली की रात हुए तरुण हत्याकांड में मुख्य आरोपी की उम्र को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में द्वारका की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालत ने उत्तम नगर थाना पुलिस को नोटिस जारी कर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। मृतक तरुण के परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए उसके परिजनों ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद अदालत का रुख किया गया।
तरुण के चाचा टेकचंद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में शिकायत दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी की मां, पिता और नाना ने उसे नाबालिग दिखाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। शिकायत के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र सामने आए। एक प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 7 अक्तूबर 2007 दर्ज है, जबकि दूसरे में 7 अक्तूबर 2011 लिखी गई है। परिवार का आरोप है कि बाद में तैयार किए गए दूसरे प्रमाण पत्र के जरिये आरोपी को नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई। सुनवाई में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उत्तम नगर थाना के एसएचओ को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत ने पुलिस से यह भी पूछा कि शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई, एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई और यदि कार्रवाई में देरी हुई तो उसका कारण क्या था। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। वहीं, आरोपित की उम्र को लेकर चल रहे विवाद के कारण जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) में लंबित कार्यवाही पर अपीलीय अदालत ने 1 अगस्त तक अंतरिम रोक लगा रखी है। उस दिन इस मामले पर भी सुनवाई होगी।
विज्ञापन
-परिजनाें ने कहा, पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, अदालत की तरफ करना पड़ा रूख
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तम नगर के हस्तसाल इलाके में होली की रात हुए तरुण हत्याकांड में मुख्य आरोपी की उम्र को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में द्वारका की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालत ने उत्तम नगर थाना पुलिस को नोटिस जारी कर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। मृतक तरुण के परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए उसके परिजनों ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद अदालत का रुख किया गया।
तरुण के चाचा टेकचंद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में शिकायत दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी की मां, पिता और नाना ने उसे नाबालिग दिखाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। शिकायत के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र सामने आए। एक प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 7 अक्तूबर 2007 दर्ज है, जबकि दूसरे में 7 अक्तूबर 2011 लिखी गई है। परिवार का आरोप है कि बाद में तैयार किए गए दूसरे प्रमाण पत्र के जरिये आरोपी को नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई। सुनवाई में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उत्तम नगर थाना के एसएचओ को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत ने पुलिस से यह भी पूछा कि शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई, एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई और यदि कार्रवाई में देरी हुई तो उसका कारण क्या था। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। वहीं, आरोपित की उम्र को लेकर चल रहे विवाद के कारण जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) में लंबित कार्यवाही पर अपीलीय अदालत ने 1 अगस्त तक अंतरिम रोक लगा रखी है। उस दिन इस मामले पर भी सुनवाई होगी।
विज्ञापन