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Workers Protest: एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से नोएडा में मजदूर बिगुल दस्ते ने बढ़ा दी थी सक्रियता, जांच जारी
सुशांत समदर्शी, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:57 AM IST
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सार
पता चला है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से ही मजदूर बिगुल दस्ता नोएडा में सक्रिय हो गया था। इस संगठन से जुड़े लोगों का उदेश्य नोएडा में अशांति फैलाना था। पुलिस ने इस ग्रुप की सक्रियता से लेकर अन्य जानकारी एकत्र की है।
फ्लैग मार्च करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वेतन को लेकर नोएडा में हुए हिंसक श्रमिक प्रदर्शन को लेकर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। इसमें पता चला है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से ही मजदूर बिगुल दस्ता नोएडा में सक्रिय हो गया था। इस संगठन से जुड़े लोगों का उदेश्य नोएडा में अशांति फैलाना था। पुलिस ने इस ग्रुप की सक्रियता से लेकर अन्य जानकारी एकत्र की है।
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28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद 31 मार्च से इस ग्रुप की सक्रियता नोएडा में बढ़ गई। 31 मार्च से 11 अप्रैल तक लगातार इस ग्रुप के लोगों ने मजदूरों के साथ बैठकें की और उन्हें आंदोलन को लेकर उकसाया। कई लोगों से अलग-अलग मुलाकात की। मजदूर बिगुल दस्ता प्रमुख रूपेश रॉय, आदित्य आनंद समेत अन्य लोगों ने कई स्थानों पर भाषण दिया।
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इसके बाद इन लोगों ने कई व्हाट्स एप ग्रुप बनाए। इसके कुछ एडमिन तेलंगाना, कर्नाटक व पश्चिम बंगाल में थे। इन ग्रुपों में आठ सौ से एक हजार से अधिक लोगों को क्यूआर कोड के जरिए जोड़ा गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि इस ग्रुप के लोगों ने साजिश के तहत नोएडा में अशांति फैलाने का काम किया है। इसमें मजदूर बिगुल दस्ता प्रमुख है। सीपी ने बताया कि ये लोग सीएए, एनआरसी से लेकर भूमि अधिग्रहण और मजदूरों के कई आंदोलन में शामिल होते रहे हैं। कई राज्यों में इन लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाया है। इसके इनपुट भी पुलिस को मिले हैं।
17 संगठनों में शामिल हैं आरोपी, हुलिया भी बदला
पुलिस की जांच में पता चला है कि मजदूर बिगुल दस्ता में शामिल रूपेश रॉय, आदित्य आनंद समेत अन्य लोग 17 अलग अलग संगठनों में शामिल हैं। इन सभी संगठनों में शामिल होकर इस तरह के आंदोलन में शामिल होते हैं। पुलिस का दावा है कि नोएडा के हिंसक प्रदर्शन में शामिल कई लोगों ने सोमवार को हिंसा होने के बाद अपना हुलिया बदल लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि इन लोगों ने जानबूझकर हिंसा को बढ़ाया।
ऑटो चालक है रूपेश
पुलिस का कहना है कि मजदूर बिगुल संस्था से जुड़ा रूपेश खुद को ऑटो चालक बताता है लेकिन उसकी उपस्थिति कई राज्यों में रहती है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम के राज्यों में वह भ्रमण करता है। लगातार आंदोलनों में हिस्सा लेता है। ऑटो चलाकर वह कैसे इतना भ्रमण कर सकता है। इस कारण उसके खाते की भी जांच की जा रही है।
नकाबपोशों की पहचान
पुुलिस ने जांच के क्रम में कई ऐसे वीडियो खंगाले हैं जिनमें कई लोग नकाबपोश होकर प्रदर्शन को हिंसक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ये आरोपी पहनावे से श्रमिक नहीं लग रहे हैं। पुलिस की टीम ऐसे कई वीडियो की जांच कर रही है। इनमें कुछ लोगों की पहचान करने का भी दावा किया गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि मजदूर बिगुल दस्ता की टीम सोमवार को हिंसा में शामिल थी। इसके बाद भी इसके कई लोग सक्रिय थे।
वेतनवृद्धि के लिए सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
नोएडा-ग्रेनो के बीच एक्वा मेट्रो लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन पर बृहस्पतिवार की सुबह सफाई कर्मियों ने काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतनवृद्धि थी। यह कर्मचारी एजेंसी के जरिए स्टेशन परिसर में सफाई व्यवस्था में तैनात हैं। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी संजीव ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को प्रति महीने 11,500 रुपये वेतन मिलता है।
