{"_id":"6a83922180e4b6ade8024255","slug":"cinema-hall-licensing-process-to-go-online-multi-noc-system-scrapped-sop-was-formulated-in-2015-in-delhi-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: सिनेमाघरों के लाइसेंस की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, खत्म हुई बहु-एनओसी व्यवस्था, 2015 में बनी थी एसओपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: सिनेमाघरों के लाइसेंस की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, खत्म हुई बहु-एनओसी व्यवस्था, 2015 में बनी थी एसओपी
Tue, 18 Aug 2026 04:39 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 18 Aug 2026 04:39 AM IST
सार
दिल्ली में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स चलाने के लिए अब अलग-अलग विभागों से एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी। दिल्ली सरकार ने सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस के लिए नई एसओपी लागू कर बहु-एनओसी व्यवस्था खत्म कर दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स चलाने के लिए अब अलग-अलग विभागों से एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी। दिल्ली सरकार ने सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस के लिए नई एसओपी लागू कर बहु-एनओसी व्यवस्था खत्म कर दी है। आवेदन से लेकर निरीक्षण, निर्णय और लाइसेंस जारी होने तक पूरी प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए होगी। इसका उद्देश्य लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाना है।
विज्ञापन
नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस देने का अंतिम अधिकार जिला लाइसेंसिंग समिति (डीएलसी) के पास होगा। संबंधित जिले के डीएम या डिप्टी कमिश्नर समिति के अध्यक्ष होंगे। इसमें पुलिस, फायर, नगर निगम या डीडीए, जल बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। सभी विभागों की जांच एकीकृत प्रक्रिया के तहत होगी और अलग-अलग एनओसी के बजाय संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार होगी।
विज्ञापन
नई एसओपी में प्रत्येक चरण के लिए समय-सीमा तय की गई है। आवेदन की प्रारंभिक जांच सात कार्यदिवस में पूरी होगी। इसके बाद जिला निरीक्षण समिति 45 दिन के भीतर संयुक्त निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद डीएलसी को 30 दिन के भीतरनिर्णय लेना होगा। यदि निरीक्षण रिपोर्ट में सभी कानूनी और सुरक्षा मानक पूरे पाए गए हैं और डीएलसी निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं लेती है तो ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए लाइसेंस स्वत: जारी हो सकेगा। हालांकि सुरक्षा या वैधानिक शर्तें पूरी न होने पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।
विज्ञापन
ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ सुरक्षा पर जोर : आवेदन, शुल्क भुगतान, निरीक्षण रिपोर्ट, निर्णय और लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निरीक्षण समिति ई-साइन और जियोटैग्ड रिपोर्ट तैयार करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया आसान करने का मतलब सुरक्षा मानकों में कोई ढील देना नहीं है। सिनेमाघरों में सालाना संयुक्त निरीक्षण, औचक निरीक्षण और वर्ष में दो बार मॉक ड्रिल का प्रावधान होगा।
2015 में बनी थी एसओपी, अब लागू
सरकार के अनुसार नई एसओपी वर्ष 2015 में तैयार की गई थी, लेकिन लागू नहीं हो सकी थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था उपहार सिनेमा त्रासदी से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।