मालवीय नगर अग्निकांड: साकेत कोर्ट में पेश हुए आरोपी होटल मालिक और मैनेजर, दोनों की पुलिस हिरासत बढ़ी
मालिक लवकेश बजाज और मैनेजर जय मिश्रा को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उनकी हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने यह मांग स्वीकार कर ली है।
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मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में बुधवार को पुलिस ने आरोपियों होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंट कम मैनेजर जय मिश्रा को हिरासत समाप्त होने पर साकेत कोर्ट में पेश किया। लवकेश बजाज चार दिन और मिश्रा दो दिन हिरासत में है। पुलिस ने संयुक्त पूछताछ के लिए मिश्रा की दो दिन और बजाज की अतिरिक्त दो दिन की हिरासत मांगी। कोर्ट ने यह मांग स्वीकार कर ली।
कल दोनों को आमने-सामने बिठाकर हुई पूछताछ
मंगलवार को पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंट कम मैनेजर जय मिश्रा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। दोनों से क्रॉस सवाल किए गए। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल किया है।
आरोपी जय मिश्रा का कहना है कि उसने मालिक लवकेश बजाज के कहने पर ही लाइसेंस के लिए अपने दस्तावेज उसको सौंपे थे। बाद में लवकेश ने ही लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरा करवाया था। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि लवकेश ने टूरिज्म विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से तो लाइसेंस प्राप्त नहीं किया।
मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लवकेश बजाज व जय मिश्रा से होटल के लाइसेंस के अलावा दस्तावेजों, ऑपरेशन और सुरक्षा मानकों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी जय मिश्रा ने खुलासा किया है कि वह पिछले करीब 10 साल से लवकेश के साथ काम कर रहा है।
जय मिश्रा दो शिफ्ट में करता था काम
होटल में सबसे ज्यादा उसकी ही 35 हजार रुपये सैलरी थी जय मिश्रा दो शिफ्ट में सुबह और शाम काम करता था। पूरे स्टाफ के ऑपरेशन की उसकी जिम्मेदारी थी। होटल के तमाम दस्तावेजों से लेकर सामान तक की जिम्मेदारी जय मिश्रा के कंधों पर थी। लवकेश ने होटल पूरी तरह उसकी जिम्मेदारी पर छोड़ा हुआ था।
पूछताछ के दौरान जय मिश्रा ने बताया कि अग्निकांड के समय वह होटल के पास ही मौजूद था। सुबह करीब 9.30 बजे वह होटल पहुंचा। बाद में वह होटल के पास कुछ देर रुका। बाद में उसे डर लगा तो वह होटल के पास से चला गया। इस बीच वह घूमता रहा। मोबाइल पर लाइव न्यूज देखकर स्थिति का पता करता रहा।
जब जय मिश्रा को होटल में विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत का पता चला तो वह भाग गया। उसे जब लगा कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी तो उसने कोर्ट में जाकर सरेंडर कर दिया। बता दें कि 3 जून को मालवीय नगर स्थित हौजरानी के होटल में लगी आग में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है।