Kerala: अमेरिका से यूएई तक के विद्वानों से जुड़ेंगे केरल के शैक्षणिक संस्थान, स्कॉलर कनेक्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म
Kerala Government: केरल सरकार राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और संयुक्त अरब अमीरात के विद्वानों से जोड़ने के लिए एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा ‘स्कॉलर कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया जाएगा।
शिक्षा सहयोग को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
उन्होंने बताया कि केरल देश का पहला राज्य है, जिसने शिक्षकों और विशेषज्ञों को जोड़ने के लिए एक खास डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसके जरिए छात्रों और संस्थानों को पढ़ाई से जुड़ी सलाह, अतिथि लेक्चर, बाहर से आने वाले प्रोफेसरों, कोर्स को बेहतर बनाने और साथ मिलकर रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन और आमने-सामने, दोनों तरह की सहभागिता को सपोर्ट करेगा, जिससे दूर रहकर भी शिक्षा से जुड़ा सहयोग लगातार बना रहेगा।
वैश्विक विद्वानों की भागीदारी और वर्चुअल मेंटरशिप
- अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, आयरलैंड, यूएई, दक्षिण अफ्रिका, हांगकांग, जर्मनी और स्वीडन सहित कई देशों के विद्वान पहले ही इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं।
- विभिन्न देशों के विद्वानों की भागीदारी से इस पोर्टल में वैश्विक स्तर पर गहरी रुचि देखने को मिल रही है।
- पोर्टल की एक प्रमुख खासियत इसका वर्चुअल मेंटरशिप मॉड्यूल है।
- इस मॉड्यूल के जरिए केरल के शिक्षक अपनी शैक्षणिक और शोध संबंधी जरूरतें साझा कर सकते हैं।
- इनमें पाठ्यक्रम को बेहतर बनाना, रिसर्च की पद्धति, ग्रांट लिखने में मदद और कोर्स विकास शामिल है।
- शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई को मजबूत करने से जुड़ी जरूरतें भी पोस्ट कर सकते हैं।
- प्रवासी विद्वान अपनी विशेषज्ञता और समय की उपलब्धता के अनुसार इन जरूरतों पर जवाब दे सकेंगे।
- इससे जरूरत के अनुसार सहयोग मिलेगा और बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद होगी।
वैश्विक शिक्षा सहयोग के लिए डिजिटल मंच
यह प्लेटफॉर्म अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस के जाने-माने शिक्षकों द्वारा बनाए गए अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के निर्देशन में काम करेगा। इसके साथ ही केरल में एक प्रशासनिक सलाहकार बोर्ड भी होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सभी काम राज्य की शिक्षा नीतियों के अनुसार हों।
‘स्कॉलर कनेक्ट’ को केएसएचईसी के पुराने ब्रेन गेन कार्यक्रम के अनुभव पर बनाया गया है और इसे दुनिया भर के शिक्षाविदों और संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए एक आसान और बढ़ाने योग्य मॉडल बनाया गया है। भविष्य में इसके जरिए छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त और दोहरी डिग्री कोर्स, क्रेडिट ट्रांसफर और अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारी जैसी सुविधाओं को बढ़ाने की योजना है।