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ऑस्कर: 31वीं हिंदी फिल्म बनी 'द विलेज रॉकस्टार’, सिर्फ 3 हुई नॉमिनेट, नहीं मिला कोई अवॉर्ड
Sat, 23 Feb 2019 06:23 PM IST
विजय जैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 23 Feb 2019 06:23 PM IST
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village rockstars
- फोटो : file photo
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भारतीय सिनेप्रेमियों को ऑस्कर हमेशा से रिझाता रहा है, ये अलग बात है कि अब तक कोई भी भारतीय फिल्म फॉरेन कैटेगरी में अबतक अवॉर्ड नहीं जीत पाई। ऑस्कर के एकेडमी अवॉर्ड्स के विदेशी फिल्म कैटेगरी में इस साल 'द विलेज रॉकस्टार’ को भेजा गया है। ये फिल्म कुल मिलाकर 31वीं भारतीय फिल्म है, जिसे ऑस्कर के लिए भेजा गया है। अबतक भेजी गई 40 से ज्यादा फिल्मों में महज 3 ही फिल्में आगे बढ़ पाई, बाकियों को तो नॉमिनेशन के बाद ही पुरस्कार की दौड़ से बाहर होना पड़ा। आगे जानें, कौन सी फिल्में भेजी गई और कौन सी फिल्में मुख्य प्रतियोगिता में आगे बढ़ पाई...
फाइल फोटो
भारत की ओर से साल 1957 में पहली बार 'मदर इंडिया' फिल्म को आधिकारिक तौर पर एकेडमी अवॉर्स्ड के लिए भेजा गया था। ये फिल्म महबूब खान ने बनाई थी। इसे नॉमिनेशन भी मिला था। पर इसके बाद 15 फिल्में ऑस्कर भेजी गई। पर मुख्य दौर में शामिल ही नहीं हो पाई। आगे जानें, कौन सी थी वो 15 फिल्में और इसके बाद कौन सी फिल्म मुख्य प्रतियोगिता में शामिल हुई....
Saagar
- फोटो : Saagar
भारत की ओर से हिंदी फिल्मों मदर इंडिया के बाद 1958 में मधुमती, 1962 में साहिब बीबी और गुलाम,1963 महानगर, 1965 में गाइड, 1966 में आम्रपाली, 1967 में आखिरी खत, 1968 में मझली दीदी, 1969 में देवा मागन, 1971 में रेशमा और शेरा, 1972 में उपहार, 1973 में सौदागर, 1974 में गरम हवा, 1977 में मंथन, 1978 में शतरंज के खिलाड़ी, 1980 में पायल की झंकार, 1984 में सारांश, 1985 में सागर, 1986 में स्वाति मुत्तम, 1987 में नायकन, 1989 परिंदा,1990 में अंजलि, 1992 थेवर मगन, 1996 में इंडियन,1997 में गुरू,1998 में जींस, फिल्में एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भेजी गई। पर इनमें से कोई भी फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई। आगे जानें, दूसरी कौन सी फिल्म थी, जिसने मुख्य दौर में जगह बनाई...
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Salaam Bombay
- फोटो : file photo
भारत की ओर से साल 1988 में हिंदी फिल्म 'सलाम बांबे' को एकेडमी के लिए भेजा गया। इस फिल्म को मीरा नायर ने बनाया था। ये फिल्म आखिरी दौर तक पहुंची, पर अवॉर्ड जीत पाने में विफल रही। इसके बाद 6 अन्य हिंदी फिल्में भी भेजी गई। पर वो भी मुख्य दौर में जगह बनाने में नाकामयाब रही। आगे जानें, उन सभी फिल्मों के नाम...
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बैंडिट क्वीन
- फोटो : bandit queen
भारत की ओर से साल 1989 में परिंदा फिल्म को भेजा गया। इसके बाद 1991 में हिना, 1993 में रुदाली, 1994 में बैंडिट क्वीन, 1999 में अर्थ, 2000 में हे राम(तमिल+हिंदी) को भेजा गया। पर सभी फिल्में नाकामयाब रही। इसके बाद तीसरी फिल्म जो मुख्य प्रतियोगिता में शामिल हुई, वो आमिर खान की फिल्म थी। आगे की स्लाइड में जानें, अहम बातें....