बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 'लाल सिंह चड्ढा' के फ्लॉप हो जाने के बाद एक्टिंग से दूरी बना ली है। हाल ही में उन्होंने एलान किया था कि वह कुछ समय के लिए अभिनय की दुनिया से ब्रेक ले रहे हैं और इस दौरान वह प्रोडक्शन का काम संभालेंगे। हालांकि ब्रेक के बाद आमिर एक बार फिर दमदार वापसी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो स्त्री फिल्म के प्रोड्यूसर दिनेश विजन की अगली फिल्म में आमिर नजर आ सकते हैं।
Aamir Khan: 'लाल सिंह चड्ढा' के बाद दमदार वापसी को तैयार आमिर, 'स्त्री' प्रोड्यूसर की फिल्म से करेंगे धमाका
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आमिर वास्तविक व्यक्तित्वों के प्रेरित चरित्रों के प्रति हिंदी सिनेमा के मिस्टर परफेक्शनिस्ट अभिनेता है। आमिर की रुचि पहले मंगल पांडे:द राइजिंग फिर दंगल फिल्म में सिनेप्रेमियों को दिख चुकी है। इस क्रम में अब उनके पद्मश्री से सम्मानित पब्लिक प्रासिक्यूटर (सरकारी अभियोजक) उज्जवल निकम की बायोपिक पर काम करने की खबरें हैं।
बता दें कि उज्ज्वल निकम की बायोपिक बनने की खबरें काफी पहले से ही चर्चा में हैं, हालांकि विभिन्न कारणों से फिल्म पर आगे काम नहीं बढ़ पाया। इससे पहले फिल्मकार उमेश शुक्ला ने मीडिया से एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में पुष्टि की थी कि वह उज्ज्वल निकम की बायोपिक पर काम कर रहे हैं। हालांकि, उसके बाद फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।
सिनेमाई गलियारों की रिपोर्ट्स के अनुसार, उज्ज्वल की बायोपिक का प्रस्ताव आमिर के पास कोरोना महामारी से पहले आया था। उसके बाद कई अन्य निर्माताओं ने यह फिल्म बनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अब आमिर इस फिल्म को निर्माता दिनेश विजन के साथ बनाने जा रहे हैं। पहले इस फिल्म में आमिर के अभिनय करने की भी खबरें थी। हालांकि, पिछले साल प्रदर्शित फिल्म लाल सिंह चड्ढा की असफलता के बाद आमिर ने अभिनय से दूरी बना ली। ऐसे में अब वह स्वयं इस फिल्म में अभिनय करेंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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वहीं उज्जवल निकम की बात करें तो, उज्जवल को आंतकवाद संबंधी मामलों का मास्टर माना जाता है। उनके बारे में यह कहा जाता है कि वह जिस केस को अपने हाथ में ले लें उसमें गुनहगार सजा से बच नहीं पाता है। उज्जवल चर्चा में तब आए जब उन्हें 26/11 हमले में पकड़े गए एकमात्र जिंदा आतंकी कसाब का केस उन्हें सौंपा गया। इसके अलावा उन्होंने 1993 के बॉम्बे बम धमाकों, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्या मामलों के संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलाने में मदद की। उज्जवल ने अपने करीब 30 सालों के करियर में 628 मुल्जिमों को उम्रकैद और 37 को फांसी की सजा दिलाई है। कहा जाता है कि कई बार उन्हें अंडरवर्ल्ड और आतंकी संगठनों से धमकी भी मिल चुकी है। जिसके चलते केन्द्र सरकार ने उन्हें जेड प्लस सुरक्षा भी दी। ऐसी सुरक्षा प्राप्त करने वाले वह देश के इकलौते वकील रहे हैं।
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