संजय पांडेय भोजपुरी अभिनेता हैं। भोजपुरी फिल्मों में वो विलेन के किरदार के लिए पहचाने जाते हैं। फिल्मों में उनके रोल की वजह से लोग उन्हें सच में ‘गुंडा’ समझने लगे थे। संजय पांडेय ने फिल्मों में उनके विलेन की भूमिका और लड़ाई के सीन को देखकर परिवार की प्रतिक्रिया पर एक किस्सा सुनाया है। आपको बता दें कि संजय पांडेय 250 से ज्यादा फिल्मों में पिटाई वाला सीन कर चुके हैं। वो इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहते हैं और अपनी तस्वीरों के साथ ही शूटिंग तस्वीरें और वीडियोज भी अपलोड करते रहते हैं।
भोजपुरी फिल्मों का किस्सा: 250 से ज्यादा फिल्मों में मार खा चुका है ये अभिनेता, पिटता देख बेटी चिल्लाने लगी थी
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संजय पांडेय ने कहा कि उनकी बेटी पिता को फिल्मों में पिटता हुआ नहीं देख सकती थी। बेटी को लगता था कि मेरे पिता असली में पिट रहे हैं। संजय पांडेय ने कहा कि एक बार उनकी पत्नी किचन में काम कर रही थी और उनकी बेटी चिल्ला रही थी कि...पापा मारो, पापा मारो... मारो मारो मारो… तो पत्नी को लगा ये किसे कह रही है कि मारो। उन्होंने बताया कि वो उस वक्त हिप्पो को मार रहे थे।
संजय पांडेय को उनके नेगेटिव किरदार के लिए जाना जाता है। वो 250 से ज्यादा फिल्मों में मार खा चुके हैं। उनका कहना है कि अब मैं फिल्मों में पॉजिटिव किरदार निभाना चाहता हूं। हालांकि, उन्होंने पिता, भाई और दोस्त जैसे किरदार भी फिल्मों में निभाए हैं, जिन्हें पसंद भी किया गया है।
फाइट सीन से पहले जाते हैं मंदिर
संजय पांडेय का कहना है कि वो फाइट सीन से पहले मंदिर जाते हैं। उन्होंने यह बात अपने एक इंटरव्यू में कही थी। उनका कहना था, जिस दिन मेरा फाइट सीन होता है, मैं सबसे पहले मंदिर जाता हूं। जब पता चलता है कि फाइट सीन किसी नए एक्टर के साथ है, तो मैं भगवान को झुक कर प्रणाम करता हूं।