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'उड़ता पंजाब' पर हाईकोर्ट ने कल तक टाला निर्णय
टीम डिजिटल/अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Updated Wed, 08 Jun 2016 06:10 PM IST
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उड़ता पंजाब को रिलीज करने का आदेश
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'उड़ता पंजाब' फिल्म पर मुंबई हाईकोर्ट ने निर्णय कल तक के लिए टाल दिया है। माना जा रहा है कोर्ट ए सर्टिफिकेट के साथ फिल्म को रिलीज होने की अनुमति दे सकती है।बता दें कि फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप फिल्म में हर सीन से पंजाब शब्द हटाने के खिलाफ कोर्ट में गए थे।
मालूम हो कि सेंसर बोर्ड ने कहा था कि उड़ता पंजाब फिल्म से फिल्म के शीर्षक के साथ हर उस डायलॉग से पंजाब को हटाना होगा। पूरी फिल्म में करीब 89 जगहों पर पंजाब शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
सेंसर बोर्ड का यह निर्देश फिल्म के निर्माता-निर्देशकों को बिल्कुल पंसद नहीं आया। इधर सेंसर बोर्ड इस बात पर अड़ा हुआ था कि बिना पंजाब शब्द को हटाए वह इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।
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सेंसर बोर्ड के इसी फैसले के खिलाफ बुधवार को इस फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप ने मुंबई हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी।
अदालत कल इस पर कोई निर्णय दे सकती है। पूरी संभावना है कि फिल्म को ए सर्टिफिकेट के साथ प्रदर्शन की इजाजत दे दी जाए। हालांकि फिल्म के निर्माता और निर्देशक एक इंटरव्यू में पहले ही यह बात कह चुके हैं कि फिल्म को ए सर्टिफिकेट के साथ ही रिलीज किया जाए।
सेंसर बोर्ड को फिल्म के नाम के साथ एक गाने पर भी एतराज था। सेंसर बोर्ड के सदस्यों का मानना था कि फिल्म में पंजाब का या फिर पंजाब के चुनाव का कोई जिक्र नहीं होना चाहिए।
इसके पहले मंगलवार को अनुराग कश्यप की इस लड़ाई में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी भी कूद पड़े थे। इन दोनों ने ही इस फिल्म को बिना कट के साथ रिलीज करने की बात का समर्थन किया था। इसके जवाब में अनुराग कश्यप ने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की थी कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। वह अपनी लड़ाई खुद ही लड़ेंगे।
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मालूम हो कि सेंसर बोर्ड ने कहा था कि उड़ता पंजाब फिल्म से फिल्म के शीर्षक के साथ हर उस डायलॉग से पंजाब को हटाना होगा। पूरी फिल्म में करीब 89 जगहों पर पंजाब शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
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सेंसर बोर्ड का यह निर्देश फिल्म के निर्माता-निर्देशकों को बिल्कुल पंसद नहीं आया। इधर सेंसर बोर्ड इस बात पर अड़ा हुआ था कि बिना पंजाब शब्द को हटाए वह इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।
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सेंसर बोर्ड के इसी फैसले के खिलाफ बुधवार को इस फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप ने मुंबई हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी।
अदालत कल इस पर कोई निर्णय दे सकती है। पूरी संभावना है कि फिल्म को ए सर्टिफिकेट के साथ प्रदर्शन की इजाजत दे दी जाए। हालांकि फिल्म के निर्माता और निर्देशक एक इंटरव्यू में पहले ही यह बात कह चुके हैं कि फिल्म को ए सर्टिफिकेट के साथ ही रिलीज किया जाए।
सेंसर बोर्ड को फिल्म के नाम के साथ एक गाने पर भी एतराज था। सेंसर बोर्ड के सदस्यों का मानना था कि फिल्म में पंजाब का या फिर पंजाब के चुनाव का कोई जिक्र नहीं होना चाहिए।
इसके पहले मंगलवार को अनुराग कश्यप की इस लड़ाई में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी भी कूद पड़े थे। इन दोनों ने ही इस फिल्म को बिना कट के साथ रिलीज करने की बात का समर्थन किया था। इसके जवाब में अनुराग कश्यप ने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की थी कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। वह अपनी लड़ाई खुद ही लड़ेंगे।
निर्माताओं में भी चल रही थी लड़ाई?
उड़ता पंजाब
- फोटो : getty
उड़ता पंजाब की लड़ाई बाहर के साथ भीतर भी शुरू हो गई है। एक तरफ अनुराग कश्यप सेंसर बोर्ड पर तीखे हमले कर रहे हैं वहीं फिल्म के दूसरे निर्माताओं का मानना है कि फिल्म में सुझाए गए 89 कट को स्वीकार करके इसे समय पर रिलीज करना चाहिए।
फिल्म उड़ता पंजाब के निर्माताओं में सेंसर विवाद को लेकर फूट पड़ने की खबर आ रही हैं। फिल्म का निर्माण एकता कपूर की बालाजी फिल्म्स और अनुराग कश्यप की फेंटम फिल्म्स ने मिलकर किया है। सूत्रों का कहना है कि एक तरफ सेंसर बोर्ड की समिति द्वारा फिल्म में सुझाए पहले 40 और रिवाइजिंग कमेटी द्वारा कहे 89 कट पर अनुराग लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं बालाजी फिल्म्स हर हालत में फिल्म को समय से रिलीज करना चाहता है। उसका मानना है कि सेंसर बोर्ड ने जो कट सुझाए हैं उन्हें मान लिया जाना चाहिए। फिल्म की रिलीज तारीख अभी 17 जून है परंतु जारी विवाद के बीच इसके समय से सिनेमाघरों में पहुंचने के आसार कम दिख रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो बालाजी के अधिकारी इस संबंध में अनुराग को पिछले एक हफ्ते से समझाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि सोमवार को बालाजी की टीम ने सेंसर विवाद को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया, जब ऐक्टर तुषार कपूर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पिता जितेंद्र का यह बयान जारी किया कि हम पंजाब के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी हाल में उन्हें आहत नहीं करना चाहते। हम सदा सेंसर बोर्ड द्वारा दी गई सही सलाह को स्वीकार करते आए हैं और आगे भी करेंगे। फिल्में मनोरंजन के लिए होती हैं न कि किसी का सम्मान आहत करने के लिए। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है और मैं खुद को पंजाब का बेटा मानकर गौरवान्वित महसूस करता हूं।
इसके बाद ही साफ हो गया कि बालाजी और फेंटम के बीच सब कुछ सही नहीं है। अब खबर है कि रिलीज तारीख करीब आने के साथ विवाद बढ़ गया है। सूत्र कह रहे हैं कि अगर एक-दो दिनों में कोई रास्ता नहीं निकलता है तो बालाजी निर्माता के रूप में फिल्म से अपने आप को अलग भी कर सकता है।
फिल्म उड़ता पंजाब के निर्माताओं में सेंसर विवाद को लेकर फूट पड़ने की खबर आ रही हैं। फिल्म का निर्माण एकता कपूर की बालाजी फिल्म्स और अनुराग कश्यप की फेंटम फिल्म्स ने मिलकर किया है। सूत्रों का कहना है कि एक तरफ सेंसर बोर्ड की समिति द्वारा फिल्म में सुझाए पहले 40 और रिवाइजिंग कमेटी द्वारा कहे 89 कट पर अनुराग लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं बालाजी फिल्म्स हर हालत में फिल्म को समय से रिलीज करना चाहता है। उसका मानना है कि सेंसर बोर्ड ने जो कट सुझाए हैं उन्हें मान लिया जाना चाहिए। फिल्म की रिलीज तारीख अभी 17 जून है परंतु जारी विवाद के बीच इसके समय से सिनेमाघरों में पहुंचने के आसार कम दिख रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो बालाजी के अधिकारी इस संबंध में अनुराग को पिछले एक हफ्ते से समझाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि सोमवार को बालाजी की टीम ने सेंसर विवाद को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया, जब ऐक्टर तुषार कपूर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पिता जितेंद्र का यह बयान जारी किया कि हम पंजाब के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी हाल में उन्हें आहत नहीं करना चाहते। हम सदा सेंसर बोर्ड द्वारा दी गई सही सलाह को स्वीकार करते आए हैं और आगे भी करेंगे। फिल्में मनोरंजन के लिए होती हैं न कि किसी का सम्मान आहत करने के लिए। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है और मैं खुद को पंजाब का बेटा मानकर गौरवान्वित महसूस करता हूं।
इसके बाद ही साफ हो गया कि बालाजी और फेंटम के बीच सब कुछ सही नहीं है। अब खबर है कि रिलीज तारीख करीब आने के साथ विवाद बढ़ गया है। सूत्र कह रहे हैं कि अगर एक-दो दिनों में कोई रास्ता नहीं निकलता है तो बालाजी निर्माता के रूप में फिल्म से अपने आप को अलग भी कर सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होगी 'उड़ता पंजाब'
फिल्म के निर्माता
- फोटो : getty
असल में अनुराग के साथ एकता और उनकी कंपनी की नाराजगी अचानक नहीं पैदा हुई। सूत्रों की मानें तो एकता उसी समय अनुराग से नाराज हो गई थीं जब उन्होंने उड़ता पंजाब के अगले हफ्ते ही यानी 24 जून को अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म रमन राघव की रिलीज रख दी थी। दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस हुई। एकता का कहना था कि उड़ता पंजाब के अगले हफ्ते अपनी फिल्म रख कर अनुराग ने शाहिद-आलिया स्टारर के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की संभावनाएं कम कर दी हैं। अगर 24 को अनुराग द्वारा निर्देशित नवाजुद्दीन सिद्दिकी स्टारर फिल्म रिलीज न हो तो उस दिन तीन नॉन स्टारर फिल्में (जुनूनियत, शोरगुल और 7 ऑवर्स टू गो) आ रही हैं। इनमे से कोई ऐसा नाम नहीं है जो अपने दम पर दर्शकों को आकर्षित कर सके।
इस विवाद के बाद सेंसर बोर्ड से अनुराग के उलझने ने एकता और उनकी टीम की नाराजगी की आग में घी का काम किया। बताया जाता है कि अब दोनों बैठकर एक-दूसरे से बात करने के लिए भी राजी नहीं हैं। एकता की टीम का कहना है कि अनुराग ने अपनी फिल्म रमन राघव में तो सेंसर द्वारा सुझाए कट स्वीकार कर लिए, फिर उड़ता पंजाब पर क्यों हंगामा खड़ा कर रहे हैं? रमन राघव में सेंसर ने 6 कट लगाए हैं।
इस विवाद के बाद सेंसर बोर्ड से अनुराग के उलझने ने एकता और उनकी टीम की नाराजगी की आग में घी का काम किया। बताया जाता है कि अब दोनों बैठकर एक-दूसरे से बात करने के लिए भी राजी नहीं हैं। एकता की टीम का कहना है कि अनुराग ने अपनी फिल्म रमन राघव में तो सेंसर द्वारा सुझाए कट स्वीकार कर लिए, फिर उड़ता पंजाब पर क्यों हंगामा खड़ा कर रहे हैं? रमन राघव में सेंसर ने 6 कट लगाए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होगी 'उड़ता पंजाब'
शाहिद कपूर
- फोटो : getty
इन मुद्दों पर हुआ विवाद
सेंसर का कहना है कि फिल्म में पंजाब को गलत रोशनी में दिखाया गया है। सेंसर के नियम कहते हैं कि फिल्में देश की नीतियों, किसी क्षेत्र/राज्य विशेष, धर्म, संप्रदाय और व्यक्ति को गलत ढंग से नहीं दिखा सकतीं। सेंसर के सूत्रों के मुताबिक उड़ता पंजाब में दिखाया गया है कि राज्य के 70 फीसदी लोग नशा करते हैं। फिल्म 95 फीसदी पंजाब में आधारित है और इसमें पंजाबी ही बोली गई है।
फिल्म में पंजाब के लुधियाना, जालंधर और अन्य शहरों का नशा और इसके कारोबार से सीधा संबंध दिखाया गया है।
फिल्म में एक कुत्ते का नाम जैकी चैन है। सेंसर चाहता है कि नाम को सिर्फ जैकी किया जाए क्योंकि जैकी चैन अंतरराष्ट्रीय स्टार हैं, जिनके भारत में भी लाखों फैन हैं।
फिल्म में कई आपत्तिजनक संवाद हैं जिनमें पंजाब तथा इसके लोगों की छवि खराब होगी और भावनाएं भी आहत होंगी।
सेंसर का कहना है कि फिल्म में पंजाब को गलत रोशनी में दिखाया गया है। सेंसर के नियम कहते हैं कि फिल्में देश की नीतियों, किसी क्षेत्र/राज्य विशेष, धर्म, संप्रदाय और व्यक्ति को गलत ढंग से नहीं दिखा सकतीं। सेंसर के सूत्रों के मुताबिक उड़ता पंजाब में दिखाया गया है कि राज्य के 70 फीसदी लोग नशा करते हैं। फिल्म 95 फीसदी पंजाब में आधारित है और इसमें पंजाबी ही बोली गई है।
फिल्म में पंजाब के लुधियाना, जालंधर और अन्य शहरों का नशा और इसके कारोबार से सीधा संबंध दिखाया गया है।
फिल्म में एक कुत्ते का नाम जैकी चैन है। सेंसर चाहता है कि नाम को सिर्फ जैकी किया जाए क्योंकि जैकी चैन अंतरराष्ट्रीय स्टार हैं, जिनके भारत में भी लाखों फैन हैं।
फिल्म में कई आपत्तिजनक संवाद हैं जिनमें पंजाब तथा इसके लोगों की छवि खराब होगी और भावनाएं भी आहत होंगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होगी 'उड़ता पंजाब'
उड़ता पंजाब
- फोटो : getty
फिल्म के कई संवादों और गानों में ड्रग्स लेना शामिल है। शाहिद कपूर और अन्य ऐक्टरों को ड्रग्स का सेवन करते दिखाया गया है। शाहिद फिल्म में पॉप सिंगर बने हैं जो अपने गानों में युवाओं को ड्रग्स लेने के लिए प्रेरित करते हैं। सेंसर की गाइडलाइंस किसी को ड्रग्स का सेवन करते दिखाने के विरुद्ध है।
फिल्म में एक नेता को चुनाव प्रचार के दौरान ड्रग्स बांटते दिखाया गया है। जबकि सभी राजनीतिक दल ड्रग्स की समस्या के विरुद्ध हैं।
ड्रग्स किस तरह से तैयार होते हैं। उनमें कौन-कौन से रसायन होते हैं। इन सबका विवरण और चित्रण फिल्म में हैं। सेंसर बोर्ड को यह स्वीकार नहीं है।
फिल्म में आलिया भट्ट बिहार से आई गरीब-मजदूर युवती बनी हैं जो ड्रग्स की शिकार हो जाती है। इसके बाद वह ड्रग्स हासिल करने के लिए पैसों के अभाव में कई पुरुषों से संबंध बनाती है।
फिल्म के दर्जनों संवादों में गालियां भरी पड़ी हैं। सेंसर बोर्ड का मानना है कि गालियां और ड्रग्स युवाओं को गलत रास्ता दिखाने का काम करेंगे। जबकि अनुराग कश्यप और उनके हिमायती कह रहे हैं कि वह सिर्फ सच्चाई दिखा रहे हैं।
फिल्म की रिलीज को लेकर निर्माता-निर्देशक बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे थे। आखिरकार इतने विवादों के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को उड़ता पंजाब फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया है।
फिल्म में एक नेता को चुनाव प्रचार के दौरान ड्रग्स बांटते दिखाया गया है। जबकि सभी राजनीतिक दल ड्रग्स की समस्या के विरुद्ध हैं।
ड्रग्स किस तरह से तैयार होते हैं। उनमें कौन-कौन से रसायन होते हैं। इन सबका विवरण और चित्रण फिल्म में हैं। सेंसर बोर्ड को यह स्वीकार नहीं है।
फिल्म में आलिया भट्ट बिहार से आई गरीब-मजदूर युवती बनी हैं जो ड्रग्स की शिकार हो जाती है। इसके बाद वह ड्रग्स हासिल करने के लिए पैसों के अभाव में कई पुरुषों से संबंध बनाती है।
फिल्म के दर्जनों संवादों में गालियां भरी पड़ी हैं। सेंसर बोर्ड का मानना है कि गालियां और ड्रग्स युवाओं को गलत रास्ता दिखाने का काम करेंगे। जबकि अनुराग कश्यप और उनके हिमायती कह रहे हैं कि वह सिर्फ सच्चाई दिखा रहे हैं।
फिल्म की रिलीज को लेकर निर्माता-निर्देशक बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे थे। आखिरकार इतने विवादों के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को उड़ता पंजाब फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया है।