अंधाधुन के प्रोड्यूसर ने बनाया 2019 का प्लान, नए लेखकों के लिए खोले दरवाजे
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फिल्म अंधाधुन के प्रोड्यूसर संजय राउतरे ने अमर उजाला से की खास मुलाकात। बताया क्या है इस साल का उनका प्लॉन -
20 साल हो गए आपको हिंदी सिनेमा में निर्देशकों की पूरी एक जमात जमाते जमाते, कितना कुछ बदस गया अंधाधुन तक आते आते?
सबसे बड़ा बदलाव तो यही आया है कि पहले फाइनेंसर फोन करके पूछते थे कि अगली फिल्म में किस स्टार को साइन कर रहे हो, अब पूछते हैं कि कहानी कोई मिली क्या दमदार? अब सितारे कहानी के बाद आते हैं। पहले सितारे आते थे। कहानी तो अक्सर सेट पर ही लिख जाती थी।
इंडस्ट्री में कहा जाता है कि संजय के पास कहानियां पकड़ने वाली दृष्टि है, ऐसा क्यों?
देखिए, अब तक इतने सारे डायरेक्टर्स को अपनी पहली फिल्म से शोहरत की बुलंदी तक पहुंचते और फिर वहां से लुढ़कर फिर नीचे आते देख लिया है तो ये तो समझ आता ही है कि किसी डायरेक्टर या एक्टर को बनाती –बिगाड़ती इनकी फिल्मों की कहानी है। आज की तारीख में कोई डायरेक्टर, कोई एक्टर बॉक्स ऑफिस की ओपनिंग की गारंटी नहीं ले सकता, हां, कहानी दमदार तो ट्रेलर ही बता देता है कि फिल्म चलेगी कि नहीं चलेगी।
अंधाधुन की कहानी में दांव लगाने वाला क्या था?
श्रीराम और मैं पहले भी साथ काम कर चुके हैं। मुझे पता है कि किसी डायरेक्टर का किसी कहानी को लेकर पागलपन क्या होता है। डायरेक्टर को जब कहानी पर इतना भरोसा हो तो फिर अच्छे एक्टर खुद डायरेक्टर के पास ऐसी कहानियां करने आते हैं।
लेकिन, अच्छी कहानियों तक तो चलकर कोई नहीं जाता?
- हम जा रहे हैं ना। हमने अपनी कंपनी का नाम मैचबॉक्स पिक्चर्स इसीलिए तो रखा। सिर्फ तीली हो तो नहीं जलती और सिर्फ माचिस का खोखा हो तो भी नहीं जलता। बारूद को जलाने के लिए रगड़ की जरूरत होती है। हमारा दफ्तर हर नए-पुराने लेखकों के लिए खुला है। मैं खुद कहानियां सुनता हूं। हर राइटर को आधा घंटा मिलता है अपना मजमा जमाने को।
इतनी सारी विज्ञापन फिल्में करने का क्या तजुर्बा रहा?
टीवीसी बहुत कमाल की चीज़ है। 60 सेकेंड में पूरी दुनिया की कहानी समेटनी होती है। और, दर्शकों को वह चीज़ बेच भी देनी होती है। यही काम जब आपको 120 मिनट या उससे ज्यादा में करना होता है तो चुनौती उतनी बड़ी नहीं रह जाती। लेकिन, हां फिल्म का रिस्क टीवीसी से कहीं बड़ा है।
अब 2010 का क्या प्लान है?
मैचबॉक्स पिक्चर्स ने ये तय किया है कि हम सिर्फ ऐसी फिल्में, वेब सीरीज या वीडियोज बनाएंगे, जिसमें कहानियां को अहमियत दी जाए। तमाम बड़े सितारों ने अंधाधुन के बाद हमारे साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है। इस साल हम कम से कम तीन फिल्में एनाउंस करने वाले हैं। कुछ बड़े सरप्राइज सामने आने वाले हैं। इसके अलावा हमने शॉर्ट फिल्मों पर भी फोकस करने की प्लानिंग की है। बहुत कुछ हो रहा है, आपके साथ जल्द ही ये सब साझा करेंगे