Hanuman Ansh: फिल्म 'हनुमान अंश' की रिलीज टली, मेकर्स ने साझा की नई तारीख; जानें थिएटर में कब देगी दस्तक?
Hanuman Ansh Movie Release Postponed: बाबा नीम करौरी के जीवन पर एक फिल्म ‘हनुमान अंश’ बनकर तैयार थी। यह फिल्म पहले 31 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन अचानक इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई। जानिए, क्या है फिल्म की नई रिलीज डेट?
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नीब करौरी बाबा के जीवन और विरासत से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' की रिलीज डेट मेकर्स ने आगे बढ़ा दी है। इस फिल्म में बाबा नीम करौरी की जीवन और आध्यात्मिक यात्रा को दिखाया जाएगा। नीब करौरी बाबा के भक्तों के लिए यह फिल्म एक खास ताेहफा है।
अगस्त महीने में होगी फिल्म रिलीज
मेकर्स ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की नई रिलीज डेट की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। अब यह फिल्म 7 अगस्त को रिलीज होगी। इस फिल्म को कई चर्चित शख्सियतों ने सराहा है। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स के बीच इसकी काफी चर्चा है।
फिल्म को लेकर उत्साहित हैं निर्देशक विशाल चतुर्वेदी
विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में शोभिना डब्ल्यू सत्या, विहान एस हेगड़े, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल के रस्तोगी और गुलशन पांडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। एएनआई से बात करते हुए डायरेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर 'हनुमान अंश' टाइटल चुना जिससे किसी संत की सीधे पहचान बताने के बजाय एक आध्यात्मिक सोच को दिखाया जा सके।
वह कहते हैं, ‘मैं इस बात को लेकर बहुत सावधान था कि उनका नाम सीधे तौर पर इस्तेमाल न किया जाए। जब मैं अपनी रिसर्च के दौरान नीब करौरी गांव पहुंचा, तो वहां के लोगों ने मुझे बताया कि उन्हें 'अंशिक हनुमान' या 'अंशिक अवतार' के नाम से जाना जाता था। 'हनुमान अंश' एक सोच पर आधारित नाम है। मैं सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा हूं कि नीब करौरी बाबा ही 'हनुमान अंश' थे। यह फिल्म 'हनुमान अंश' नाम की एक सोच की कहानी है, जो नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित है।’
रिसर्च में निर्देशक ने लगाया बहुत समय
फिल्ममेकर ने बताया कि स्क्रिप्ट तैयार करते समय उन्होंने कई सोर्स का सहारा लिया। वह कहते हैं, ‘मैंने भारतीय लेखकों, किताबों, वेबसाइटों और संदर्भों का अध्ययन किया, लोगों से बात की और बाबा से जुड़ी जगहों पर जाकर खुद भी रिसर्च की। बाद में मैंने इन सभी जानकारियों को 'डिवाइन डिटूर' नाम की किताब में संकलित किया और उन्हीं स्रोतों के आधार पर इसे एक कहानी में बदला।’
विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक यह थी कि फिल्म की आध्यात्मिक भावना से समझौता किए बिना इसे युवा दर्शकों के लिए भी प्रासंगिक बनाया जाए।