‘फ्री फलस्तीन’ पर हंसने पर घिरे सैफ अली खान, नेटिजंस बोले- ‘यह मजाक का विषय नहीं’
Saif Ali Khan: सैफ अली खान एक बार फिर निशाने पर आ गए हैं। इस बार वजह है फ्री फलस्तीन को लेकर वायरल उनका वीडियो। जानिए क्या है पूरा मामला…
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विस्तार
अभिनेता सैफ अली खान इन दिनों अपनी एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चाओं में हैं। दरअसल, एक हालिया इंटरव्यू के दौरान जब ‘फ्री फलस्तीन’ नारे का जिक्र आया, तो सैफ अली खान हंसने लगे। ऑनलाइन वायरल हो रहे इस वीडियो की शुरुआत तब हुई जब इंटरव्यूवर ने स्पैनिश एक्टर जेवियर बार्डम के एक पसंदीदा कोट (कथन) का ज़िक्र किया। कोट पूरा होने से पहले ही सैफ ने बीच में ही पूछा, ‘क्या यह 'फ्री फलस्तीन' है?’ इसके बाद ही दोनों लोग हंसने लगे। अब ये वीडियो तेजी से वायरल है।
लोगों ने की सैफ की आलोचना
हालांकि, बाद में होस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया कि उस कोट का फलस्तीन से कोई लेना-देना नहीं था। इस क्लिप पर दर्शकों की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोगों ने इस बातचीत की आलोचना की है और सवाल उठाया है कि फलस्तीनियों के दुख-दर्द से जुड़े नारे को मजाक का विषय क्यों बनाया गया?
आलोचकों का कहना है कि फ्री फलस्तीन वाक्यांश मानवाधिकारों, नागरिकों की सुरक्षा और हिंसा को खत्म करने की मांग का प्रतीक बन गया है। उनका तर्क है कि ऐसी बातचीत के दौरान हंसना असंवेदनशील व्यवहार है, खासकर ऐसे समय में जब गाजा में मानवीय स्थिति दुनिया भर के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
सोशल मीडिया के एक यूजर ने लिखा: ‘यह हंसने की बात नहीं है। लोग तकलीफ झेल रहे हैं और आम परिवारों के दुख को मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए।’ एक अन्य कमेंट करने वाले ने कहा: ‘जब मानवीय पीड़ा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही हो, तो एक पब्लिक फिगर की जिम्मेदारी है कि वह सहानुभूति दिखाए।’
कुछ ने किया एक्टर का सपोर्ट
हालांकि, कुछ यूजर्स ने सैफ अली खान का बचाव करते हुए कहा कि यह बातचीत बहुत छोटी थी और किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले बातचीत के संदर्भ पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। यह विवाद गाजा में जारी युद्ध के बीच खड़ा हुआ है, जहां अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, हजारों फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों लोगों को विस्थापन, भोजन की कमी और चिकित्सा सुविधाएं न मिल पाने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सैफ अली खान ने अब तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
हालांकि, अभी तक सैफ अली खान ने वायरल क्लिप को लेकर हो रही आलोचना पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह घटना ऑनलाइन बहस का विषय बनी हुई है, जिसमें मशहूर हस्तियों की जिम्मेदारी, अभिव्यक्ति की आजादी और मानवीय संकटों के प्रति संवेदनशीलता जैसे मुद्दे शामिल हैं।
मानवीय संदेश बन गया है ‘फ्री फलस्तीन’ नारा
‘फ्री फलस्तीन’ का नारा दुनिया भर में फलस्तीनी अधिकारों के समर्थकों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक अहम राजनीतिक और मानवीय संदेश बन गया है। कई लोगों के लिए, यह आम नागरिकों की तकलीफों को खत्म करने और फलस्तीनियों के आत्म-निर्णय के अधिकार का समर्थन करने की मांग को दिखाता है।