Exclusive: 'हम भारतीय बहुत भावुक हैं, लोगों का दर्द समझते हैं'; सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' पर बोले अरशद वारसी
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विस्तार
अरशद वारसी और राजकुमार हिरानी ने 'प्रीतम एंड पेड्रो' से पहले 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' और 'लगे रहो मुन्ना भाई' जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है, जहां अरशद वारसी का ‘सर्किट’ वाला किरदार काफी पॉपुलर हुआ था। अरशद ने हाल ही में अमर उजाला से बातचीत के दौरान अपनी नई सीरीज, राजकुमार हिरानी के साथ दोबारा काम करने, उनके बेटे वीर हिरानी के साथ अपने अनुभव, बॉलीवुड की सच्चाई और साइबर फ्रॉड जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान, उन्होंने अजय देवगन का भी जिक्र किया।
‘राजकुमार हिरानी का बेटा है तो क्या हुआ, गलत करेगा तो डांट पड़ेगी’
बता दें, राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी इस सीरीज के साथ एक्टिंग डेब्यू कर रहे है। वीर के साथ काम करने के अनुभव पर अरशद ने कहा कि उनके साथ काम करना काफी सहज रहा, क्योंकि वह उन्हें पहले से जानते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं वीर को काफी समय से जानता हूं, इसलिए काम बहुत आराम से हुआ। दूसरी बार जब आप किसी के साथ काम करते हैं तो समझ और बेहतर हो जाती है। हर इंसान एक-दूसरे से कुछ न कुछ सीखता है और मैंने भी उससे बहुत कुछ सीखा है।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या राजकुमार हिरानी के बेटे होने की वजह से वीर को कोई विशेष छूट मिलती थी, तो अरशद ने तुरंत हंसते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल नहीं। उस बेचारे को तो खूब डांट पड़ती थी। हमारा रिश्ता थोड़ा अलग है। मैं उसे गलत काम नहीं करने दे सकता। अगर किसी दृश्य में वह बिल्कुल अलग दिशा में चला जाता था तो मैं दोबारा करवाता था। कई बार दोबारा दृश्य करना पड़ा। राजकुमार हिरानी का बेटा होने का मतलब यह नहीं कि काम के दौरान छूट मिल जाएगी।
देखिए, जब दो लोगों के बीच अहंकार नहीं होता तो उसका असर काम पर साफ दिखाई देता है। वीर मेरे बेटे जैसा है। हमारा रिश्ता बहुत खूबसूरत है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह परदे पर भी नजर आएगा। हमारे बीच सब कुछ बहुत सहज और स्वाभाविक है।’
‘हम भारतीय भावुक लोग हैं, इसलिए ये किरदार लोगों को जरूर पसंद आएंगे’
अपनी सीरीज को लेकर बढ़ती उम्मीदों पर बात करते हुए अरशद ने कहा कि किसी भी सीरीज की सबसे बड़ी ताकत उसके किरदार होते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर लोगों को किरदार पसंद आ जाएं तो वही किसी सीरीज की असली सफलता होती है। इस सीरीज के दोनों किरदार लोगों को पसंद आएंगे। उनकी जिंदगी में दर्द है, संघर्ष है लेकिन फिर भी वे मुस्कुराते हुए जिंदगी जीते हैं। मुझे लगता है कि हम भारतीय बहुत भावुक लोग हैं। हम लोगों के दर्द को समझते हैं, उनसे जुड़ते हैं और यही वजह है कि ये दोनों किरदार लोगों को अपने लगेंगे।’
'अजय देवगन ने बहुत प्यार से अपनी फिल्म की रिलीज आगे बढ़ा दी'
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड में भी वैसा ही अपनापन और भावनाएं देखने को मिलती हैं, तो उन्होंने कहा, ‘लोगों को लगता है कि यहां सिर्फ कॉम्पटीशन है, बॉक्स ऑफिस की लड़ाई है या कलाकारों के बीच टकराव है। लेकिन ऐसा नहीं है। यहां बहुत अपनापन भी है। हाल ही में दो बड़ी फिल्में - 'धमाल 4' और वेलकम टू द जंगल', लगभग एक ही तारीख पर आने वाली थीं। तब अजय देवगन ने बेहद प्यार से अपनी फिल्म की रिलीज आगे बढ़ा दी। हर जगह समस्याएं होती हैं, हमारी इंडस्ट्री में भी हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह एक अच्छी जगह है और इतने वर्षों से इंडस्ट्री चल रही है तो जाहिर है बहुत कुछ सही भी है।'
मलेशिया में हुआ था कार्ड फ्रॉड, बोले- ‘मैं घबरा गया था’
आखरी में, अरशद ने साइबर फ्रॉड से जुड़ा अपना निजी अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा, ‘कई साल पहले मैं मलेशिया में था। अचानक बैंक से फोन आया कि मेरे कार्ड से कोई टीवी खरीदने की कोशिश कर रहा है। तब पता चला कि कार्ड की जानकारी स्कैन कर ली गई थी। मैं काफी घबरा गया था। शुक्र है कि सब ठीक हो गया। आज बैंकिंग पहले से सुरक्षित जरूर हो रही है, लेकिन धोखाधड़ी करने वाले लोग लगातार नए तरीके खोज लेते हैं।’