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‘भूल भुलैया’ जैसी नहीं है ‘भूत बंगला’, प्रियदर्शन ने बताया किस बारे में है फिल्म; अक्षय कुमार पर कही ये बात

Kiran Vinod Kumar Jain Kiran Vinod Kumar Jain
Updated Mon, 30 Mar 2026 10:40 AM IST
सार

Priyadarshan Exclusive Interview: ‘भूत बंगला’ को लेकर चर्चाओं में बने प्रियदर्शन ने फिल्म के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि क्यों अक्षय कुमार हैं उनकी पसंद? साथ ही फिल्म मेकिंग को लेकर बताया क्या है सबसे बड़ी परेशानी…

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Priyadarshan Exclusive Interview He Talks About Bhooth Bangla Akshay Kumar Actors Entourage And Film Making
प्रियदर्शन - फोटो : अमर उजाला

प्रियदर्शन ‘भूत बंगला’ से एक बार फिर हॉरर-कॉमेडी जॉनर में वापसी कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए उनकी और अक्षय कुमार की हिट जोड़ी 14 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी को तैयार है। फिल्म को लेकर काफी बज बना हुआ है और दर्शक बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं।



हाल ही में अमर उजाला से खास बातचीत में प्रियदर्शन ने ‘भूत बंगला’ को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म किसी पुरानी हॉरर कॉमेडी की तरह नहीं है। इसे ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्म समझना गलत होगा। इस दौरान प्रियदर्शन ने अक्षय कुमार के साथ अपने पुराने तालमेल, सेट के माहौल और आज की फिल्ममेकिंग में आए बदलावों पर भी खुलकर बात की।

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प्रियदर्शन और अक्षय कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

14 साल बाद साथ लौटे हैं, लेकिन भरोसा वही है
अक्षय कुमार के साथ दोबारा काम करने पर प्रियदर्शन ने कहा, ‘हम 14 साल बाद साथ काम कर रहे हैं। अब तक हमने 8 फिल्में साथ की हैं। लेकिन हमारे बीच जो भरोसा है, वो वही है। हमने पहले भी साथ में कई फिल्में की हैं। जब चीजें हमारे बीच काम करने लगीं, तो हमने बहुत तेजी से काम किया।

कई फिल्में साथ कीं और उसी दौरान एक समझ बन गई। अब हालत ये है कि मुझे अक्षय को किसी विषय के लिए मनाना नहीं पड़ता। अगर मुझे कोई फिल्म अच्छी लगती है, तो मैं बस उससे कहता हूं कि मैं इस फिल्म को लेकर उत्साहित हूं, हम ये करना चाहते हैं। अगर वो भी उत्साहित हैं, तो बात वहीं बन जाती है। यही वो भरोसा है, जो इतने साल में बना है।’

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भूत बंगला - फोटो : एक्स

‘भूत बंगला’ को ‘भूल भुलैया’ जैसा समझना गलत होगा
फिल्म को लेकर निर्देशक ने कहा कि लोगों को शायद ये लग सकता है कि ‘भूत बंगला’ भी उसी तरह की फिल्म होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। ये ‘भूल भुलैया’ जैसी बिल्कुल नहीं है। वो एक मनोवैज्ञानिक रहस्य-रोमांच वाली फिल्म थी। ये एक फैंटेसी है।

लेकिन फैंटेसी होने के बावजूद इसमें बहुत-सी ऐसी चीजें हैं, जिन पर भारत में लोग विश्वास करते हैं। जैसे काला जादू, भूत-प्रेत, बलि और ऐसी कई बातें, जो लोककथाओं और पौराणिक मान्यताओं का हिस्सा हैं। हमने इन सारी चीजों को फिल्म में शामिल किया है।

उन्होंने आगे कहा कि लेकिन सबसे जरूरी बात ये थी कि ये सब सिर्फ यूं ही न हो। हमने इसमें ह्यूमर डाला, तर्क डाला, डर वाले सीन डाले और इन सबको मिलाकर तैयार किया। मेरे लिए ये जरूरी था कि फिल्म सिर्फ डराने या चौंकाने तक सीमित न रहे, बल्कि उसके भीतर एक ढांचा भी हो।’

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फिल्म 'भूत बंगला' का टीजर रिलीज - फोटो : इंस्टाग्राम@akshaykumar

लोककथा पर बनी फिल्म में भी तर्क होना चाहिए
फिल्म के ट्रीटमेंट पर प्रियदर्शन ने कहा, ‘लोककथा वाली फिल्मों में कई बार चीजें बिना वजह होती चली जाती हैं। लेकिन मेरे लिए ये जरूरी था कि अगर फिल्म के भीतर कुछ हो रहा है, तो उसके पीछे वजह हो। दर्शक को ये महसूस होना चाहिए कि ये ऐसे हुआ है, इसलिए ऐसा हो रहा है। अगर आप फैंटेसी या अलौकिक दुनिया बना रहे हैं, तब भी उसके अपने नियम होने चाहिए। वही चीज फिल्म को ज्यादा विश्वसनीय बनाती है।’

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प्रियदर्शन - फोटो : सोशल मीडिया
आजकल सेट पर जरूरत से ज्यादा लोग हो गए हैं
1984 से भारतीय सिनेमा में निर्देशक और पटकथा लेखक के तौर पर सक्रिय प्रियदर्शन मलयालम, तमिल, हिंदी और तेलुगु सिनेमा में लंबा सफर तय कर चुके हैं। ऐसे में जब उनसे फिल्म निर्माण में आए बदलावों के बारे में पूछा गया, तो निर्देशक नेसाफ कहा कि मुझे लगता है कि आज के सेट पर जरूरत से ज्यादा लोग होने लगे हैं।

मैं देखता हूं कि सेट पर बहुत सारे लोग खड़े रहते हैं, जिनका कोई काम भी नहीं होता। कई बार इतने लोग होते हैं कि फ्रेम के बाहर भी लोग नजर आते रहते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि कौन क्या कर रहा है। ये आज की फिल्ममेकिंग की एक बड़ी दिक्कत है।

इसलिए मुझे ऐड फिल्म की शूटिंग करना अच्छा लगता है, क्योंकि वहां बहुत छोटा क्रू होता है। मुझे छोटे क्रू के साथ काम करना पसंद है। उसमें साफ रहता है कि कौन क्या कर रहा है? आजकल सेट पर इतने लोग होते हैं, मैनेजर होते हैं, असिस्टेंट होते हैं, 15-20 लोग बस खड़े रहते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि वो वहां कर क्या रहे हैं।
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