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Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

Fri, 17 Nov 2017 02:33 PM IST
रवि बुले
रवि बुले Updated Fri, 17 Nov 2017 02:33 PM IST
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Film Review Of Vidya Balan Starrer Film Tumahri Sulu By Ravi Buley
tumhari sulu

निर्माताः टी सीरीज/इलिप्सिस एंटरटेनमेंट

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निर्देशकः सुरेश त्रिवेणी
सितारेः विद्या बालन, मानव कौल, नेहा धूपिया
रेटिंग ***

इसमें संदेह नहीं कि विद्या बालन अपने दम पर फिल्म खींचने वाली अभिनेत्रियों में से हैं। फिल्म 'डर्टी पिक्चर' और 'कहानी' जैसी लोकप्रिय और कामयाब फिल्में इसका उदाहरण हैं। इसी कड़ी में आप 'तुम्हारी सुलु' को भी जोड़ सकते हैं। यह अलग बात है कि बीते पांच वर्षों में अच्छी कथा-पटकथा के चयन ने विद्या की फिल्मों को सफलता नहीं मिलने दी, वर्ना उनकी प्रतिभा पर शक की कोई गुंजाइश नहीं है। फिल्म 'तुम्हारी सुलु' पूरी तरह से विद्या की परफॉरमेंस पर टिकी है। उनकी चपलता, चिंता, सादगी और मुस्कुराट सुलु की भूमिका को जीवन में कुछ बड़ा करने को आतुर गृहिणी के रूप में सजीव बना देती है। फिल्म में सुलु उन घरेलू महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है जिनके भीतर महत्वाकांक्षाओं के बीज जिंदा हैं। जिनके मन में जीवन के हर मोड़ पर विश्वास बरकरार है कि ‘मैं कर सकती है।’

ये है फिल्म की कहानी

Film Review Of Vidya Balan Starrer Film Tumahri Sulu By Ravi Buley
तुम्हारी सुलु - फोटो : T-Series

सुलोचना दुबे (विद्या) मुंबई के उपनगर विरार के एक छोटे-से फ्लैट में पति अशोक (मानव) और बेटे प्रणव के साथ रहती है। अशोक एक गारमेंट फेक्ट्री में सुपरवाइजर-मैनेजरनुमा नौकरी करता है और 40 हजार रुपये तनख्वाह पाता है। सुलु रेडियो सुनती है और उसमें होने वाले कॉन्टेस्टों में हिस्सा लेते हुए यदा-कदा पुरस्कार जीतती रहती है। इस बार उसने वॉव रेडियो से प्रेशर कुकर जीता है। रेडियो के दफ्तर में सुलोचना की नजर आरजे बनने के कॉन्टेस्ट पर पड़ती है और वह इसमें हिस्सा लेना चाहती है। रेडियो स्टेशन की मालकिन मारिया सूद (नेहा) को सुलोचना की आवाज सेक्सी लगती है और वह उसे लेट नाइट शो की आरजे बना देती है। इसके बाद कहानी करवट लेती है। थोड़ा पति का अहंकार, थोड़ा बच्चे का बिगड़ना और बाकी परिवार के अन्य लोगों की लेट नाइट शो के प्रति नाराजगी क्योंकि जब सुलु लेट नाइट दुनिया भर के लफंगों से रसीली बातें करती है तो वह पूरे जमाने की ‘भाभी’ बन जाती है। अनाप-शनाप ऑडियो भी बन जाते हैं। क्या सुलु छोड़ देगी यह काम?

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पारिवारिक फिल्म है 'तुम्हारी सुलु'

Film Review Of Vidya Balan Starrer Film Tumahri Sulu By Ravi Buley
tumhari sulu

लेखक-निर्देशक ने कहानी को गृहणियों के अनुकूल बनाने की पूरी कोशिश की है और उन्हें जोड़ने वाले इमोशनल दृश्य और संवाद इसमें डाले हैं। कुछ छोटे-छोटे दृश्य हंसाते है। लेकिन फिल्म की टोन न तो कॉमिक है और न रोमांटिक। फिल्म का फील मेट्रो वाला होने के बावजूद पारिवारिक है। फिल्म 'तुम्हारी सुलु' दो घंटे 20 मिनट लंबी है और यह इसकी एक समस्या है। फिल्म पूरी तरह विद्या पर निर्भर है और उनसे अलग कुछ ट्रैक/दृश्य कहानी को सिर्फ खींचते हैं। इस लिहाज से स्क्रिप्ट में कसावट का अभाव है। 

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फैन्स के लिए ट्रीट से कम नहीं यह फिल्म

Film Review Of Vidya Balan Starrer Film Tumahri Sulu By Ravi Buley
तुम्हारी सुलु - फोटो : T-Series

मानव कौल अच्छे अभिनेता हैं और उन्होंने अपनी कहानी की डिमांड के मुताबिक हर लिहाज से खुद को विद्या से एक कदम पीछे रखा। वहीं नेहा धूपिया रेडियो कंपनी की मालकिन के रोल में जमी हैं। उनकी भूमिका बेहद सीमित है। फिल्म के केंद्र में रेडियो होने के बावजूद इसमें आकर्षक गीतों की कमी है। अगर आप विद्या के पक्के फैन हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।

पढ़ें: विद्या बालन ने लिखी चिट्ठी, 'हमें ही तो कायनात ने ये खूबी बख्शी है कि...'
 

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