‘थलापति विजय विदाई के हकदार’, ‘जन नायकन’ की रिलीज टलने पर मेकर्स ने जताया दुख; विवाद पर दर्शकों से मांगी माफी
Jana Nayagan Legal Tussle With CBFC: थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ सीबीएफसी सर्टिफिकेट को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गई है। अब फिल्म के मेकर्स का मानना है कि विजय एक अच्छी विदाई के हकदार हैं। जानिए प्रोड्यूसर ने बयान जारी कर विवाद की क्या असल वजह बताई...
विस्तार
पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होने से पहले ‘जन नायकन’ थलापति विजय की आखिरी फिल्म है। इसके बाद वो राजनीति पर ध्यान देंगे और सिनेमा से दूरी बना लेंगे। हालांकि, ‘जन नायकन’ की रिलीज सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण टल गई है और फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो पाई है। प्रमाणीकरण को लेकर फिल्म मद्रास हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई का सामना कर रही है। इस बीच अब ‘जन नायकन’ के मेकर्स ने एक बयान जारी कर इसे बेहद मुश्किल वक्त बताया है। साथ ही उन्होंने विजय को इंडस्ट्री से एक शानदार विदाई का हकदार भी बताया है। जानिए कानूनी लड़ाई को लेकर फिल्म के मेकर्स ने क्या कुछ कहा..
प्रोड्यूसर ने बताया अब तक क्या कुछ हुआ
‘जन नायकन’ के प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने एक वीडियो जारी कर फिल्म की कानूनी लड़ाई के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने विजय को शानदार विदाई देने की बात भी कही। वीडियो में निर्माता ने कहा कि फिल्म को 18 दिसंबर 2025 को सीबीएफसी को प्रस्तुत किया गया था, जिसकी जांच समिति ने समीक्षा की। इसके बाद 22 दिसंबर 2025 को हमें एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया कि कुछ बदलावों के साथ फिल्म को यूए 16+ प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। हमने सुझाए गए बदलावों को शामिल किया और फिल्म को प्रस्तुत कर दिया। हमारी निर्धारित रिलीज डेट 5 जनवरी 2026 से कुछ दिन पहले हमें बताया गया कि एक शिकायत के आधार पर फिल्म को समीक्षा समिति के पास भेज दिया गया है। समीक्षा समिति से संपर्क करने का समय समाप्त हो रहा था और शिकायतकर्ता कौन था, यह जाने बिना, हमने माननीय उच्च न्यायालय का रुख किया।
— KVN Productions (@KvnProductions) January 9, 2026
14 जनवरी को रिलीज करने की थी योजना
निर्माता ने आगे बताया कि 6 और 7 जनवरी को अदालती सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पीटी आशा ने सीबीएफसी को 9 जनवरी को 'जना नायकन' को मंजूरी देने का निर्देश दिया। सीबीएफसी द्वारा इसे चुनौती दिए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। मामले की सुनवाई 21 जनवरी को तय की गई। फिल्म निर्माताओं ने फिल्म को 14 जनवरी को रिलीज करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें अप्रत्याशित बाधाओं का सामना करना पड़ा।
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अधर में लटका फिल्म का भविष्य
वेंकट के नारायण ने आगे विजय की शानदार विदाई की बात करते हुए कहा कि ‘जन नायकन’ की रिलीज का भविष्य अधर में लटका हुआ है, खासकर आगामी तमिलनाडु चुनावों के मद्देनजर। यह उन सभी के लिए बेहद भावनात्मक और कठिन क्षण है, जिन्होंने इस फिल्म में अपना दिल, आत्मा और कई साल की मेहनत लगाई है। सबसे बढ़कर, हम ये मानते हैं कि थलापति विजय सर अपने प्रशंसकों के दशकों के प्यार से अर्जित विदाई के हकदार हैं। निर्माता ने ‘जन नायकन’ की रिलीज पर निर्भर प्रशंसकों, वितरकों और प्रदर्शकों से माफी भी मांगी और इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया से बाहर बताया।
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21 जनवरी को होगी मामले की अगली सुनवाई
‘जन नायकन’ को विजय की तमिलनाडु चुनाव में 'तमिलगा वेट्री कज़गम' के साथ चुनाव लड़ने से पहले उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस फिल्म में विजय के साथ मामिता बैजू, पूजा हेगड़े और बॉबी देओल भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिलहाल अब इस मामले में अगली सुनवाई मद्रास हाईकोर्ट में 21 जनवरी को होनी है। अब देखना ये है कि विजय की ये आखिरी फिल्म कब तक रिलीज हो पाती है।