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वीकेंड गेटअवे से सेल्फ-एक्सप्रेशन तक: लंबी छुट्टियों को Bye, शॉर्ट गेटअवे को Hii, Gen-Z का नया ट्रैवल ट्रेंड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Mon, 01 Jun 2026 03:47 PM IST
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सार

Gen-Z के लिए ट्रैवल अब सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और पसंद को जाहिर करने का तरीका बन गया है। नई पीढ़ी लंबी छुट्टियों के बजाय छोटे गेटअवे, नए अनुभव और अपने लोगों के साथ यादगार पल बिताने को ज्यादा महत्व दे रही है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

Bye Long Vacations, Hi Short Getaways: Gen Z's New Travel Trend
जेन जी ट्रैवल ट्रेंड - फोटो : AI
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विस्तार

भारत की Gen-Z यात्रा को लेकर नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है। अब उनके लिए ट्रैवल सिर्फ छुट्टियां बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी पहचान, पसंद और जीवनशैली को जाहिर करने का जरिया बन गया है। Airbnb की रिपोर्ट ‘Never the Same: The New Rules of Gen-Z Travel in India’ के अनुसार, युवा अब साल में एक लंबी छुट्टी के बजाय कई छोटी और अनुभव आधारित यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।



रिपोर्ट बताती है कि भारतीय Gen-Z पारंपरिक ट्रैवल ट्रेंड से हटकर अपनी शर्तों पर यात्रा करना पसंद कर रही है। उनके लिए यात्रा का मकसद सिर्फ किसी मशहूर जगह तक पहुंचना नहीं, बल्कि नए अनुभव हासिल करना और अपने करीबी लोगों के साथ समय बिताना है।

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रिपोर्ट की प्रमुख बातें

● 10 में से सात Gen-Z युवा एक लंबी वेकेशन नहीं, सालभर में कई शॉर्ट गेटअवे पसंद करते हैं।

● 95% युवाओं के लिए ट्रैवल सिर्फ घूमना नहीं, उनकी पर्सनैलिटी और पसंद का एक्सटेंशन है।

● 87% Gen-Z का मानना है कि उनका ट्रैवल स्टाइल उनकी पहचान को रिफ्लेक्ट करता है।

● चार में से तीन युवाओं के लिए डेस्टिनेशन से ज्यादा मायने रखता है कि वे किसके साथ ट्रैवल कर रहे हैं।

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● ग्रुप ट्रिप्स में आधे से ज्यादा युवा अलग-अलग होटल रूम्स की बजाय एक साझा घर में स्टे करना पसंद करते हैं।

 

साल में एक ट्रिप नहीं, कई छोटे गेटअवे पसंद

Gen-Z अब महीनों पहले प्लान की गई लंबी छुट्टियों के बजाय छोटे-छोटे ट्रिप्स को ज्यादा पसंद कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 87% युवा एक सप्ताह से कम अवधि की यात्राओं को प्राथमिकता देते हैं। अचानक बने प्लान, वीकेंड गेटअवे और शॉर्ट ट्रिप्स उनकी नई ट्रैवल स्टाइल बन चुके हैं। यही वजह है कि Airbnb पर Gen-Z की ट्रैवल सर्च में 30% से ज्यादा और 2 से 6 रातों वाली घरेलू बुकिंग में करीब 80% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

'मैं कौन हूं' बताने का नया जरिया बनी यात्रा

Gen-Z के लिए ट्रैवल अब सिर्फ घूमने का नहीं, अपनी पर्सनैलिटी दिखाने का तरीका बन गया है। वे ऐसी जगहों को चुनना चाहते हैं जो उनकी पसंद, सोच और लाइफस्टाइल से मेल खाती हों। 92% युवाओं का कहना है कि उनका डेस्टिनेशन और स्टे उनकी पहचान को रिफ्लेक्ट करना चाहिए, जबकि 90% सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी जगहों के बजाय अनदेखे और अनछुए ठिकानों को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं।

डेस्टिनेशन नहीं, स्टे भी बन रहा ट्रिप का हीरो

अब सिर्फ कहां जाना है, यही मायने नहीं रखता; कहां रुकना है, यह भी उतना ही अहम हो गया है। 63% युवाओं ने किसी जगह को सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि उन्हें वहां का स्टे पसंद आया। Gen-Z होटल के पारंपरिक कमरों से ज्यादा घर जैसा माहौल, प्राइवेसी और दोस्तों या परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने की जगह तलाश रही है।

लोकेशन से ज्यादा कंपनी मायने रखती है

Gen-Z के लिए ट्रिप की असली वैल्यू जगह नहीं, बल्कि साथ चलने वाले लोग तय करते हैं। दोस्तों के साथ घूमना उनकी पहली पसंद है, जबकि परिवार दूसरे नंबर पर है। घरेलू ग्रुप ट्रैवल में 55% की बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि युवा अब अनुभवों को लोगों के साथ साझा करने को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

अनप्लान्ड मोमेंट्स ही बना रहे हैं ट्रिप को यादगार

Gen-Z को मिनट-दर-मिनट बनी इटिनरेरी नहीं, बल्कि सफर में मिलने वाले सरप्राइज पसंद हैं। 64% युवा अपनी यात्रा के कुछ हिस्सों को जानबूझकर अनप्लान्ड छोड़ देते हैं, ताकि नई जगहों, लोकल फूड और अनोखे अनुभवों को खुद खोज सकें। उनके लिए वायरल टूरिस्ट स्पॉट से ज्यादा मायने रखते हैं वे छोटे-छोटे पल, जो सफर को यादगार बनाते हैं।

नई Gen-Z, नया ट्रैवल मंत्र

Gen-Z के लिए ट्रैवल अब सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि सेल्फ-एक्सप्रेशन, कनेक्शन और फ्रीडम का एहसास है। वे कम प्लान, ज्यादा एक्सप्लोर; कम दिखावा, ज्यादा अनुभव; और कम चेकलिस्ट, ज्यादा यादों वाले सफर को चुन रहे हैं।

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