रील्स से तय हो रहा Future?: आखिर कौन है Gen Z का नया करियर गुरु, क्या इससे बढ़ रहा युवाओं का Confusion?
सोशल मीडिया आज की Gen Z के लिए सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया नहीं, बल्कि करियर की दिशा तय करने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। यहां युवा नई नौकरियों, स्किल्स और अवसरों के बारे में सीख रहे हैं, लेकिन साथ ही तुलना, दबाव और गलत सलाह का सामना भी कर रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सोशल मीडिया किस तरह युवाओं के करियर फैसलों को प्रभावित कर रहा है। आइए जानते हैं।
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विस्तार
आज की जेन जी के लिए करियर का मतलब अब सिर्फ एक अच्छी नौकरी पाना भर नहीं रह गया है। यह पीढ़ी अपने काम, कमाई और भविष्य को बिल्कुल नए नजरिए से देख रही है। उनके लिए करियर सिर्फ ऑफिस जाने, सैलरी पाने या किसी तय रास्ते पर चलने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपनी पसंद, आजादी, पहचान और जीवनशैली से जुड़ा एक बड़ा फैसला बन चुका है। आज युवा नई तरह की नौकरियां ही तलाश नहीं रहे हैं, बल्कि वे यह भी तय कर रहे हैं कि उन्हें कैसी जिंदगी जीनी है, किस माहौल में काम करना है और अपने सपनों को किस दिशा में ले जाना है। इस बदलती सोच को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है सोशल मीडिया।
कुछ साल पहले तक कॅरियर से जुड़ी सलाह घर के बड़ों, कॉलेज के शिक्षकों या दफ्तर के अनुभवी लोगों से ली जाती थी। बच्चे अपने टीचर्स से पूछते थे कि कौन-सा विषय या कौन-सी फील्ड बेहतर रहेगी। नौकरी बदलने से पहले लोग परिवार, दोस्तों या सीनियर्स की राय लेते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज मोबाइल स्क्रीन ही युवाओं की सबसे बड़ी कॅरियर गाइड बनती जा रही है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, लिंक्डइन और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म न सिर्फ उन्हें नई नौकरियों और स्किल्स की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि उनकी सोच, फैसलों और उम्मीदों को भी आकार दे रहे हैं। Zety की ‘जेन जी मिस इनफ्लुएंस रिपोर्ट’ ने आंकड़ों के जरिए इस बदलाव की कई दिलचस्प परतें सामने रखी हैं।
क्या आपकी मोबाइल स्क्रीन पर भी यही रील आती है?
आज एक युवा जब भी यूट्यूब खोलता है, तो कुछ ही मिनटों में उसकी स्क्रीन पर अलग अलग तरह के कॅरियर से जुड़े वीडियो आने लगते हैं - '24 की उम्र में कॅरियर बदलो', 'नौकरी छोड़ो और खुद का काम शुरू करो', 'डिग्री से ज्यादा स्किल जरूरी है'। धीरे-धीरे ये बातें सिर्फ कंटेंट नहीं रहतीं, बल्कि सोच का हिस्सा बनने लगती हैं। यही वजह है कि अब सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं रहा। यह Gen Z के लिए career guide, motivation और pressure… तीनों बन चुका है।
किस पर कर रहे जेन जी ज्यादा भरोसा?
रिपोर्ट के मुताबिक हर Gen Z युवा सोशल मीडिया से करियर से जुड़ी सलाह ले रहा है। बड़ी बात यह है कि कई युवा रिक्यूटर्स और प्रोफेशनल करियर एक्सपर्ट से ज्यादा क्रिएटर्स पर भरोसा कर रहे हैं। क्योंकि क्रिएटर्स उन्हें ज्यादा सही और अपनी जिंदगी जैसे लगते हैं।
जब कोई क्रिएटर्स कैमरे के सामने आकर कहता है कि उसने नौकरी छोड़कर फ्रीलांसिंग शुरू की और अब ज्यादा खुश है, तो हजारों युवा खुद की नौकरी से तुलना करने लगते हैं। जब कोई वीडियो बताता है कि '9 से 5 की नौकरी पुरानी सोच है', तो कई लोगों को अपनी जॉब भी गलत लगने लगती है।

सोशल मीडिया से युवाओं की सोच कैसे बदल रही?
धीरे-धीरे सोशल मीडिया लोगों की सोच बदल रहा है। पहले करियर एक लंबा सफर माना जाता था, जहां धीरे-धीरे आगे बढ़ना सामान्य बात थी। लेकिन अब हर चीज जल्दी चाहिए। जल्दी सफलता, जल्दी पैसा और जल्दी पहचान। यही वजह है कि कई युवा अब लगातार खुद की तुलना दूसरों से करने लगे हैं।
अगर किसी वीडियो में दिखता है कि किसी ने तीन महीने में सैलरी दोगुनी कर ली, तो देखने वाला सोचने लगता है कि शायद वह पीछे रह गया है। अगर कोई क्रिएटर कहता है कि डिग्री जरूरी नहीं, तो कई युवा अपनी पढ़ाई पर सवाल उठाने लगते हैं। यहीं से शुरू होता है कन्फ्यूजन। क्योंकि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर कहानी पूरी असली नहीं होती। वहां सफलता दिखती है, लेकिन उसके पीछे की Struggle, तनाव और Risk अक्सर दिखाई नहीं देते। कई बार क्रिएटर्स सिर्फ वही हिस्सा दिखाते हैं जो लोगों को आकर्षित करे।
क्या बताते हैं आंकड़े?
रिपोर्ट के डेटा बताते हैं कि यह असर अब सिर्फ सोच तक सीमित नहीं है, बल्कि असली फैसलों में बदल चुका है।
- 100% Gen Z सोशल मीडिया से करियर के जुड़ी सलाह ले रहे हैं।
- 60% युवाओं ने ऑनलाइन जानकारी देखकर अपनी नौकरी बदल दी।
- 41% Gen Z ने एक नौकरी के साथ ही दूसरा काम भी शुरू कर लिया।
- 36% लोगों ने नौकरी छोड़ दी और 31% फ्रीलांसिंग करने चले गए।
- 94% कहते हैं कि उन्होंने कभी न कभी गलत या भ्रामक सलाह ली है।
यानी जिस प्लेटफॉर्म से लोग सलाह ले रहे हैं, वहीं से कई बार गलत दिशा भी मिल रही है।
कैसे बदल गया है जॉब सर्च का तरीका?
आज जॉब सर्च का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। पहले लोग अखबार या जॉब पोर्टल देखते थे। अब जॉब रील्स, स्टोरीज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मिल रही हैं। कोई क्रिएटर बहुत आराम से बता देता है कि उसकी कंपनी में जॉब है। कोई स्टार्टअप फाउंडर इंस्टाग्राम पर जॉब की जानकारी शेयर कर देता है। और वहीं से जॉब पाने वालों की होड़ सी लग जाती है। अब नौकरी ढूंढना अलग काम नहीं रहा, बल्कि नेट सर्फिंग और स्क्रॉलिंग का हिस्सा बन गया है।

जेन जी कैसे नौकरी चुन रही है?
Gen Z सिर्फ सैलरी देखकर नौकरी नहीं चुन रही। अब वे कंपनी की सोशल मीडिया इमेज भी देखते हैं। कंपनी कैसे पोस्ट करती है, उसके कर्मचारी क्या बोलते हैं, उसका ऑनलाइन व्यवहार कैसा है, ये सब अब जॉब पाने की प्रक्रिया का हिस्सा बन चुका है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अगर किसी कंपनी की ऑनलाइन इमेज बहुत ज्यादा नकली या जरूरत से ज्यादा polished लगे, तो युवा उससे दूरी बना लेते हैं। कई युवा ऐसी कंपनियों को पसंद नहीं करते जो सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा विवादित बातें करती हैं या अलग-अलग platforms पर अलग behavior दिखाती हैं।
कैसे सोशल मीडिया फायदा और नुकसान दोनों कर रहा?
दरअसल Gen Z करियर को अब प्राइवेट तरीके से नहीं बना रही। यह पीढ़ी अपनी learning, struggle, career switch और confusion… सबकुछ देख और समझ रही है। यही सोशल मीडिया की सबसे बड़ी ताकत भी है और सबसे बड़ा खतरा भी।
एक तरफ यहां लोगों को नए मौके मिल रहे हैं। छोटे शहरों के युवा भी अब बड़ी कंपनी और ग्लोबल अवसर के बारे में जान पा रहे हैं। लोग नई स्किल सीख रहे हैं, फ्रीलांसिंग और स्टार्टअप कल्चर को समझ रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ यही प्लेटफॉर्म लगातार एक दूसरे से तुलना और दबाव भी बढ़ा रहा है। हर समय दूसरों की सफलता देखने से लोगों को लगने लगता है कि वे पीछे छूट रहे हैं। कई बार लोग बिना पूरी तैयारी के करियर बदलने जैसे बड़े फैसले ले लेते हैं।