क्या है 'एंटी-टूरिस्ट समर' ट्रेंड?: क्यों फेमस टूरिस्ट स्पॉट से भाग रहे GEN-Z, ये हैं पांच फेवरेट डेस्टिनेशन
Gen Z अब भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स छोड़कर ऑफबीट डेस्टिनेशंस की ओर बढ़ रही है। 'Anti-Tourist Summer' ट्रेंड के तहत युवा अनदेखी और कम चर्चित जगहों को चुन रहे हैं। आइए जानते हैं इसकी वजह
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पहाड़ वही हैं, समुद्र वही है, लेकिन अब इन जगहों पर घूमने वालों की पसंद बदल गई है। जेन-जी भीड़ से भरे फेमस टूरिस्ट स्पॉट को पंसद नहीं कर रहें हैं। उन्हें अब ऐसी जगहें आकर्षित कर रही हैं, जिसके बारे में अभी इंटरनेट पर ज्यादा जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया के दौर में एक रील किसी अनजान गांव, कैफे या झरने को रातों-रात फेमस बना देती है और ये युवा अब उन जगहों की तलाश में निकल पड़े हैं, जो अभी भी "Best-Kept Secrets" बनी हुईं हैं।
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90 फीसदी जेन-जी ऐसी जगहों पर जाना चाहते हैं, जिनकी ऑनलाइन चर्चा न हुई हो।
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49 फीसदी किसी डेस्टिनेशन को उसके लोकप्रिय होने से पहले ही देख लेना चाहते हैं।
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80 फीसदी युवा मानते हैं कि यात्रा की असली यादें वहां की छोटी-छोटी चीजों से बनती हैं।
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64 फीसदी जेन-जी यात्री अपनी ट्रिप पहले से प्लान नहीं करते। वे कभी भी निकल जाते हैं।
जेन-जी ‘Main Character Energy" नियम को मानती है। इसका मतलब है कि व्यक्ति खुद को अपनी कहानी का मुख्य किरदार महसूस करे। Gen-Z ट्रैवल के दौरान यही एहसास ढूंढते हैं।

भारत में भी ऑफ-सीजन ट्रैवल का चलन बढ़ रहा है। Booking.com की रिपोर्ट के अनुसार, 71 फीसदी भारतीय यात्री भीड़ से बचने के लिए ऑफ-सीजन में घूमना पसंद करते हैं। यही कारण है कि Airbnb ने इन्हें 'Anti-Itinerary Travellers' नाम दिया है। सोशल मीडिया में इसे 'Anti-Tourist Summer' ट्रेंड कहते हैं। यानी ऐसी छुट्टियां, जहां मकसद सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि भीड़ से दूर किसी छिपे हुए खजाने जैसी जगह को खोजना हो।
जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश: कल्पना करिए...चारों ओर हरे-भरे खेत, धुंध से ढके पहाड़ और प्रकृति की आवाजें। जीरो वैली सिर्फ एक डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि एक एहसास है। यहां की अपतानी जनजाति की संस्कृति और मशहूर Ziro Music Festival इसे युवाओं का पसंदीदा बनाते हैं। यह उन लोगों के लिए है, जो प्लेलिस्ट और पहाड़ों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन चाहते हैं।
1. सिर्फ घूमना नहीं, जगह को महसूस करना चाहते हैं Gen Z
आज के युवा सिर्फ फोटो क्लिक करने के लिए यात्रा नहीं करते। वे किसी जगह की संस्कृति, लोगों और लोकल जीवन को करीब से जानना चाहते हैं। वह होमस्टे में रहना, लोकल खाना खाना या गांव की जिंदगी को देखना, उन्हें ज्यादा आकर्षित करता है। यही असली और यादगार अनुभव उन्हें ऑफबीट जगहों पर मिलते हैं।
जेन-जी ट्रैवल तो करना चाहती है, लेकिन बिना जेब पर ज्यादा बोझ डाले। ऑफबीट डेस्टिनेशन में रहने, खाने और घूमने का खर्च अक्सर कम होता है। ऐसे में कम पैसे में ज्यादा अनुभव मिल जाते हैं, जो युवाओं के लिए बड़ा आकर्षण है।
हर कोई वही तस्वीर पोस्ट नहीं करना चाहता, जो हजारों लोग पहले ही कर चुके हैं। जेन-जी ऐसी जगहों की तलाश में रहती है जो नई हों, अनदेखी हों और सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच सकें। यही वजह है कि Hidden Gems तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
नई पीढ़ी सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से घूमने में भी विश्वास रखती है। कम भीड़ वाले और प्रकृति के करीब डेस्टिनेशन पर्यावरण पर कम दबाव डालते हैं। इसलिए कई युवा ऐसे स्थानों को चुन रहे हैं, जहां Sustainable Tourism को बढ़ावा मिलता है।
जेन-जी के लिए ट्रैवल का मतलब सिर्फ Sightseeing नहीं है। वे ट्रैकिंग, कैंपिंग, लोकल कल्चर को एक्सप्लोर करना और नई-नई चीजें आजमाना उन्हें ज्यादा पसंद है। ऑफबीट डेस्टिनेशन हर बार कुछ नया और अनोखा अनुभव देते हैं, जो इस पीढ़ी को बार-बार आकर्षित करता है।