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Gorakhpur News: एम्स ने मांगी 25 एकड़ जमीन
Mon, 13 Jul 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:51 AM IST
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गोरखपुर। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाने के लिए गोरखपुर एम्स ने स्वास्थ्य मंत्रालय से 25 एकड़ जमीन मांगी है। संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित सीएम योगी आदित्यनाथ को भी दी है। अब उम्मीद है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और सीएम की पहल पर जल्द ही एम्स को जमीन मिल जाए।
बीते दिनों नई दिल्ली में हुई बैठक में प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने मंत्रालय को बताया था कि जमीन न मिलने के कारण सुपर स्पेशियलिटी वार्ड नहीं बन पा रहा है। इस वार्ड के बनने से अन्य सेवाओं का विस्तार भी एम्स में होना है।
एम्स में रोजाना मरीजों का संख्या बढ़ती जा रहा है। ओपीडी की स्थिति यह है कि हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज एम्स में पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी और ट्रामा की स्थिति का भी यही हाल है। ट्रामा में 68 बेड हैं, जो हर समय में मरीजों से भरे रहते हैं। एम्स में इस समय 632 बेड संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 75 बेड आईसीयू के हैं, जिसके लिए सबसे अधिक मारा-मारी है। इसके अलावा ट्रामा एंड इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से मरीजों को आए दिन एम्स से रेफर करना मजबूरी हो गई है।
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इसे देखते हुए एम्स के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी वार्ड बनाने की तैयारी शुरू की। लेकिन, तैयारी के दौरान पता चला कि एम्स कैंपस में इसके लिए जमीन ही नहीं है। क्योंकि, एम्स के पास करीब 100 एकड़ के आसपास ही जमीन है, जिसका इस्तेमाल एम्स पहले ही कर चुका है। एम्स के अध्यक्ष जमीन न होने की वजह से सुपर स्पेशियलिटी सेवा का विस्तार नहीं हो पा रहा है। बजट की कोई दिक्कत नहीं है।
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बीते दिनों नई दिल्ली में हुई बैठक में प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने मंत्रालय को बताया था कि जमीन न मिलने के कारण सुपर स्पेशियलिटी वार्ड नहीं बन पा रहा है। इस वार्ड के बनने से अन्य सेवाओं का विस्तार भी एम्स में होना है।
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एम्स में रोजाना मरीजों का संख्या बढ़ती जा रहा है। ओपीडी की स्थिति यह है कि हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज एम्स में पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी और ट्रामा की स्थिति का भी यही हाल है। ट्रामा में 68 बेड हैं, जो हर समय में मरीजों से भरे रहते हैं। एम्स में इस समय 632 बेड संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 75 बेड आईसीयू के हैं, जिसके लिए सबसे अधिक मारा-मारी है। इसके अलावा ट्रामा एंड इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से मरीजों को आए दिन एम्स से रेफर करना मजबूरी हो गई है।
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इसे देखते हुए एम्स के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी वार्ड बनाने की तैयारी शुरू की। लेकिन, तैयारी के दौरान पता चला कि एम्स कैंपस में इसके लिए जमीन ही नहीं है। क्योंकि, एम्स के पास करीब 100 एकड़ के आसपास ही जमीन है, जिसका इस्तेमाल एम्स पहले ही कर चुका है। एम्स के अध्यक्ष जमीन न होने की वजह से सुपर स्पेशियलिटी सेवा का विस्तार नहीं हो पा रहा है। बजट की कोई दिक्कत नहीं है।