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एम्स : महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति किया जागरुक
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- 25 से 65 वर्ष की महिलाओं के लिए नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एम्स की तरफ से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, टीकाकरण पर जागरूकता कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया। एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की तरफ से इसका आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित सरल एवं व्यवहारिक संदेशों पर विशेष जोर दिया गया। जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौम्या ने सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एक सरल जांच है, जिसे पैप टेस्ट कहा जाता है और इसमें केवल कुछ ही मिनट लगते हैं।
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डॉ. जागृति ने एचपीवी टीकाकरण के महत्व, इसकी सुरक्षा एवं सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में इसकी प्रभावी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नर्सिंग ऑफिसर अंकिता ने जीवनशैली एवं निवारक उपायों पर प्रकाश डालते हुए जननांग स्वच्छता बनाए रखने, योनि संक्रमणों का समय पर उपचार कराने और असामान्य रक्तस्राव को कभी नजरअंदाज न करने की सलाह दी।
प्रोफेसर डॉ. शिखा सेठ ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, जबकि यह बड़े स्तर पर रोकथाम योग्य है। उन्होंने कहा कि 25 से 65 वर्ष की सभी महिलाओं को प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार सर्वाइकल कैंसर की जांच अवश्य करानी चाहिए। डॉ. अराधना सिंह ने कहा कि ज्ञान, जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है।
कार्यक्रम में एम्स के नर्सिंग छात्रों की तरफ से नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई। इसमें शीघ्र स्वास्थ्य सेवा लेने, नियमित स्क्रीनिंग एवं टीकाकरण के महत्व को सरल और प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया। इस अवसर पर नर्सिंग ट्यूटर देविगा ने भी किशोरियों के समय पर टीकाकरण के महत्व पर बल दिया। इस दौरान डॉ. प्रीति प्रियदर्शनी एवं डॉ. विभा रानी सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहीं।
