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Gorakhpur News: 10 क्विंटल फफूंद लगी सोन पापड़ी और मिठाई नष्ट कराया, लिए नमूने
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 27 Feb 2026 03:01 AM IST
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गोरखपुर। होली पर मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। मिर्जापुर गोड़ियान मोहल्ले में मेसर्स रामेश्चर पापड़ी एवं चिक्ककी के गोदाम में फंफूद लगी 10 क्विंटल सोन पापड़ी और पैकेट में मिठाई मिली। इनमें फंफूद लगी थी और एक्सपायरी डेट बीत चुकी थी। टीम ने सैंपल लिए और नष्ट कराया। सामान की कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई जा रही है।
वहीं, खाद्य सुरक्षा टीम ने जेपी ट्रेडर्स, कैंपियरगंज से 21 हजार मूल्य का मैदा सीज किया। मैदा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि मैदा काफी पुराना था और खाने योग्य नहीं था। जांच रिपोर्ट आने तक मैदा को सुरक्षित रखा जाएगा। सहजनवां के भगवानपुर स्थित वैभव गृह उद्योग से मोटी सेवई का नमूना लिया गया। टीम ने उत्पाद की स्वच्छता, पैकेजिंग और भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण किया, शुद्धता की जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला भेजा। इसी प्रकार समृद्धि इंटरप्राइजेज से कन्फेक्शनरी आइटम का एक नमूना लिया गया। खुली बिक्री के लिए उपलब्ध चाउमीन की गुणवत्ता की जांच के लिए टीम ने एक नमूना लिया। विभाग का कहना है कि खुले खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता की शिकायतें मिल रही थीं।
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि जांच के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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वहीं, खाद्य सुरक्षा टीम ने जेपी ट्रेडर्स, कैंपियरगंज से 21 हजार मूल्य का मैदा सीज किया। मैदा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि मैदा काफी पुराना था और खाने योग्य नहीं था। जांच रिपोर्ट आने तक मैदा को सुरक्षित रखा जाएगा। सहजनवां के भगवानपुर स्थित वैभव गृह उद्योग से मोटी सेवई का नमूना लिया गया। टीम ने उत्पाद की स्वच्छता, पैकेजिंग और भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण किया, शुद्धता की जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला भेजा। इसी प्रकार समृद्धि इंटरप्राइजेज से कन्फेक्शनरी आइटम का एक नमूना लिया गया। खुली बिक्री के लिए उपलब्ध चाउमीन की गुणवत्ता की जांच के लिए टीम ने एक नमूना लिया। विभाग का कहना है कि खुले खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता की शिकायतें मिल रही थीं।
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इस संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि जांच के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
