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Gorakhpur News: आठ महीने में बसपा ने बदले छह जिलाध्यक्ष, दो का कार्यकाल 15 दिन से भी कम
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गोरखपुर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में गोरखपुर जिले के संगठन में बदलाव का सिलसिला थम नहीं रहा है। करीब आठ महीने में पार्टी ने छह जिलाध्यक्ष बदल दिए हैं। इनमें दो जिलाध्यक्ष ऐसे रहे, जिनका कार्यकाल 15 दिन से भी कम रहा। लगातार हो रहे बदलाव से पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है। हालांकि पूर्व जिलाध्यक्षों को मंडल स्तर पर जिम्मेदारियां देकर संगठन में सक्रिय रखा गया है।
जानकारी के अनुसार, दिलीप कुमार 20 जनवरी तक जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद 20 जनवरी को घनश्याम राही को जिम्मेदारी मिली लेकिन वह महज सात दिन ही पद पर रहे। 27 जनवरी को हरिप्रकाश निषाद ने जिलाध्यक्ष की कमान संभाली और 12 जून तक इस पद पर रहे। इसके बाद संतोष कुमार जिज्ञासु को जिलाध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने चार अगस्त तक जिम्मेदारी संभाली। चार अगस्त को ऋषि कपूर को जिलाध्यक्ष बनाया गया लेकिन उनका कार्यकाल भी महज 13 दिन रहा। 17 अगस्त को पार्टी ने जयकार प्रसाद को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इस तरह आठ महीने के भीतर छह चेहरों को जिले की कमान सौंपी जा चुकी है।
पूर्व जिलाध्यक्षों को मंडल स्तर की जिम्मेदारी
लगातार जिलाध्यक्ष बदले जाने के बावजूद पार्टी ने पूर्व पदाधिकारियों को संगठन से अलग नहीं किया है। हरिप्रकाश निषाद को मंडल के पिछड़ा वर्ग भाईचारा का मंडल संयोजक बनाया गया है। वहीं, पूर्व जिलाध्यक्ष ऋषि कपूर और संतोष कुमार जिज्ञासु को मुख्य मंडल प्रभारी, गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी में लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है। उनका मानना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्ष पद पर स्थिरता जरूरी है। वहीं, पार्टी नेतृत्व के स्तर से इसे संगठन को सक्रिय करने और अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अब नए जिलाध्यक्ष जयकार प्रसाद के सामने जिले में संगठन को स्थिरता देने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की चुनौती होगी।
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जानकारी के अनुसार, दिलीप कुमार 20 जनवरी तक जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद 20 जनवरी को घनश्याम राही को जिम्मेदारी मिली लेकिन वह महज सात दिन ही पद पर रहे। 27 जनवरी को हरिप्रकाश निषाद ने जिलाध्यक्ष की कमान संभाली और 12 जून तक इस पद पर रहे। इसके बाद संतोष कुमार जिज्ञासु को जिलाध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने चार अगस्त तक जिम्मेदारी संभाली। चार अगस्त को ऋषि कपूर को जिलाध्यक्ष बनाया गया लेकिन उनका कार्यकाल भी महज 13 दिन रहा। 17 अगस्त को पार्टी ने जयकार प्रसाद को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इस तरह आठ महीने के भीतर छह चेहरों को जिले की कमान सौंपी जा चुकी है।
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पूर्व जिलाध्यक्षों को मंडल स्तर की जिम्मेदारी
लगातार जिलाध्यक्ष बदले जाने के बावजूद पार्टी ने पूर्व पदाधिकारियों को संगठन से अलग नहीं किया है। हरिप्रकाश निषाद को मंडल के पिछड़ा वर्ग भाईचारा का मंडल संयोजक बनाया गया है। वहीं, पूर्व जिलाध्यक्ष ऋषि कपूर और संतोष कुमार जिज्ञासु को मुख्य मंडल प्रभारी, गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी में लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है। उनका मानना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्ष पद पर स्थिरता जरूरी है। वहीं, पार्टी नेतृत्व के स्तर से इसे संगठन को सक्रिय करने और अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अब नए जिलाध्यक्ष जयकार प्रसाद के सामने जिले में संगठन को स्थिरता देने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की चुनौती होगी।
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