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Gorakhpur News: रेल म्यूजियम में सजा बाल मेला, उत्साह-उमंग के बीच फुल मस्ती
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बाल मेला में पहुंचे बच्चे।
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गोरखपुर। मौसम का भरपूर साथ। उत्साह, उमंग के बीच बच्चों की फुल मस्ती। हर तरफ उछलते-कूदते, झूला झूलते बच्चे। इस बीच सजी बच्चों की सांस्कृतिक महफिल...कुछ ऐसा था अमर उजाला की ओर से शनिवार को रेल म्यूजियम परिसर में आयोजित भव्य मेला का दृश्य, जिसमें उन्होंने जमकर मनोरंजन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभाएं दिखाई।
बाल मेला में शामिल होने के लिए सरकारी और निजी स्कूलों के साथ अनाथालय से आए छोटे-छोटे बच्चे सुबह नौ बजे से ही पहुंचने लगे। जैसे ही वे रेल म्यूजियम पहुंचे, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम की शुरुआत सर्व धर्म की प्रार्थना सभा से हुई। विजय चौक स्थित एसएस एकेडमी की समृद्धि और आरोही ने हिंदू प्रार्थना, आतिफ और हसन ने मुस्लिम, कनिष्का श्री और धान्या ने पंजाबी और अनिका व तनु ने ईसाई प्रार्थना कराई।
इसके बाद बच्चे मनोरंजन का आनंद लेने में जुट गए। रंग-बिरंगे स्टॉल, झूले, खेल और मंचीय प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को बाल उत्सव में बदल दिया। बैलून बैलेंसिंग, बुक बैलेंसिंग और टॉफी दौड़ जैसीं प्रतियोगिताओं ने बच्चों को रोमांचित कर दिया। वहीं, बच्चों ने सिंगिंग और डांसिंग में अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने देशभक्ति गीत गाकर तालियां बटोरीं तो किसी ने फिल्मी गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए मौजूद अभिभावक, शिक्षक और आयोजक भी भावविभोर नजर आए। मंच से बच्चों की हौसला अफजाई की गई, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा।
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पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों से बढ़ता है आत्मविश्वास : डीएम
बाल मेला में बच्चों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे डीएम दीपक मीणा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजन बेहद आवश्यक हैं। बाल मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी देता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ कला, संगीत और खेल जैसीं गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। रेल म्यूजियम जैसे ज्ञानवर्धक स्थल पर बाल मेले का आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बच्चों से आसपास साफ-सफाई रखने की भी अपील की। कार्यक्रम संयोजन में कनक हरि अग्रवाल और डॉ निशि अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ भूमिका निभाई। इस दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य एवं पर्यावरणविद प्रो डीके सिंह, प्रो. शरद मिश्रा, प्रो.अजय शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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ऐसे मंच से निखरती है बच्चों की रचनात्मक सोच : सीपीआरओ
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि देश की प्रगति की रीढ़ है। बच्चों की ओर से रेलवे से जुड़ी पेंटिंग और प्रस्तुतियां देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे रचनात्मक सोच के साथ सीख भी रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को सकारात्मक दिशा देते हैं और समाज को जागरूक बनाते हैं।
आर्यन ने लगाया भोजपुरी तड़का
कार्यक्रम में परम ज्योति इंटर कॉलेज के नन्हें छात्र आर्यन पासवान ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। कक्षा एक में पढ़ने वाले आर्यन ने मंच पर उतरते ही भोजपुरी गानों पर लगातार नृत्य कर माहौल बना दिया। उसकी मासूम अदाएं, आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरी प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आर्यन के डांस की शुरुआत होते ही तालियों की गूंज पूरे परिसर में सुनाई देने लगी। झूला झूल रहे और मस्ती कर रहे बहुत सारे बच्चे दौड़कर पहुंचे और जमकर उत्साह बढ़ाया। दर्शकों में मौजूद अभिभावक, शिक्षक और अतिथि भी उसकी प्रस्तुति देखकर मुस्कुराते नजर आए। छोटे से बच्चे का इतना आत्मविश्वास देखकर सभी ने उसकी सराहना की।
इन विद्यालयों के शामिल हुए बच्चे
बाल मेला कार्यक्रम में आरपीएम एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग, माधव पब्लिक स्कूल, एसएस एकेडमी, केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, कस्तूरबा गांधी विद्यालय पिपरौली, खोराबार और चरगांवा, सेंट जेवियर्स स्कूल, कंपोजिट विद्यालय सिक्टौर, नेहरू इंंटर काॅलेज बिछिया, संस्कृति पब्लिक स्कूल मिर्जापुर व रानीडीहा, आर्यन नेशनल एकेडमी बड़गो, एमजी इंटर काॅलेज, अक्षर युवा फाउंडेशन, राॅबिनहुड फाउंडेशन, सेफ सोसाइटी, अंजू फाउंडेशन, कंपोजिट विद्यालय जंगल शालिग्राम, जागरेशन स्कूल, गुरु गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ गोरखनाथ मंदिर, द बेस पब्लिक स्कूल कुस्म्ही, आइडियल इंटर कॉलेज प्यासी, एसएन एकेडमी खूनीपुर, रावत पाठशाला तुर्कमानपुर, कंपोजिट विद्यालय गिरधरगंज, कंपोजिट विद्यालय मानबेला, परम ज्योति इंटर काॅलेज रसूलपुर, टीएन पब्लिक स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, कंपोजिट विद्यालय हजारीपुर आदि विद्यालय के बच्चों ने हिस्सा लिया।
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बाल मेला में शामिल होने के लिए सरकारी और निजी स्कूलों के साथ अनाथालय से आए छोटे-छोटे बच्चे सुबह नौ बजे से ही पहुंचने लगे। जैसे ही वे रेल म्यूजियम पहुंचे, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम की शुरुआत सर्व धर्म की प्रार्थना सभा से हुई। विजय चौक स्थित एसएस एकेडमी की समृद्धि और आरोही ने हिंदू प्रार्थना, आतिफ और हसन ने मुस्लिम, कनिष्का श्री और धान्या ने पंजाबी और अनिका व तनु ने ईसाई प्रार्थना कराई।
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इसके बाद बच्चे मनोरंजन का आनंद लेने में जुट गए। रंग-बिरंगे स्टॉल, झूले, खेल और मंचीय प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को बाल उत्सव में बदल दिया। बैलून बैलेंसिंग, बुक बैलेंसिंग और टॉफी दौड़ जैसीं प्रतियोगिताओं ने बच्चों को रोमांचित कर दिया। वहीं, बच्चों ने सिंगिंग और डांसिंग में अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने देशभक्ति गीत गाकर तालियां बटोरीं तो किसी ने फिल्मी गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए मौजूद अभिभावक, शिक्षक और आयोजक भी भावविभोर नजर आए। मंच से बच्चों की हौसला अफजाई की गई, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा।
पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों से बढ़ता है आत्मविश्वास : डीएम
बाल मेला में बच्चों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे डीएम दीपक मीणा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजन बेहद आवश्यक हैं। बाल मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी देता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ कला, संगीत और खेल जैसीं गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। रेल म्यूजियम जैसे ज्ञानवर्धक स्थल पर बाल मेले का आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बच्चों से आसपास साफ-सफाई रखने की भी अपील की। कार्यक्रम संयोजन में कनक हरि अग्रवाल और डॉ निशि अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ भूमिका निभाई। इस दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य एवं पर्यावरणविद प्रो डीके सिंह, प्रो. शरद मिश्रा, प्रो.अजय शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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ऐसे मंच से निखरती है बच्चों की रचनात्मक सोच : सीपीआरओ
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि देश की प्रगति की रीढ़ है। बच्चों की ओर से रेलवे से जुड़ी पेंटिंग और प्रस्तुतियां देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे रचनात्मक सोच के साथ सीख भी रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को सकारात्मक दिशा देते हैं और समाज को जागरूक बनाते हैं।
आर्यन ने लगाया भोजपुरी तड़का
कार्यक्रम में परम ज्योति इंटर कॉलेज के नन्हें छात्र आर्यन पासवान ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। कक्षा एक में पढ़ने वाले आर्यन ने मंच पर उतरते ही भोजपुरी गानों पर लगातार नृत्य कर माहौल बना दिया। उसकी मासूम अदाएं, आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरी प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आर्यन के डांस की शुरुआत होते ही तालियों की गूंज पूरे परिसर में सुनाई देने लगी। झूला झूल रहे और मस्ती कर रहे बहुत सारे बच्चे दौड़कर पहुंचे और जमकर उत्साह बढ़ाया। दर्शकों में मौजूद अभिभावक, शिक्षक और अतिथि भी उसकी प्रस्तुति देखकर मुस्कुराते नजर आए। छोटे से बच्चे का इतना आत्मविश्वास देखकर सभी ने उसकी सराहना की।
इन विद्यालयों के शामिल हुए बच्चे
बाल मेला कार्यक्रम में आरपीएम एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग, माधव पब्लिक स्कूल, एसएस एकेडमी, केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, कस्तूरबा गांधी विद्यालय पिपरौली, खोराबार और चरगांवा, सेंट जेवियर्स स्कूल, कंपोजिट विद्यालय सिक्टौर, नेहरू इंंटर काॅलेज बिछिया, संस्कृति पब्लिक स्कूल मिर्जापुर व रानीडीहा, आर्यन नेशनल एकेडमी बड़गो, एमजी इंटर काॅलेज, अक्षर युवा फाउंडेशन, राॅबिनहुड फाउंडेशन, सेफ सोसाइटी, अंजू फाउंडेशन, कंपोजिट विद्यालय जंगल शालिग्राम, जागरेशन स्कूल, गुरु गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ गोरखनाथ मंदिर, द बेस पब्लिक स्कूल कुस्म्ही, आइडियल इंटर कॉलेज प्यासी, एसएन एकेडमी खूनीपुर, रावत पाठशाला तुर्कमानपुर, कंपोजिट विद्यालय गिरधरगंज, कंपोजिट विद्यालय मानबेला, परम ज्योति इंटर काॅलेज रसूलपुर, टीएन पब्लिक स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, कंपोजिट विद्यालय हजारीपुर आदि विद्यालय के बच्चों ने हिस्सा लिया।
