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कोचिंग सेंटर: जांच में खुली लापरवाही, अधिकतर में आग से बचाव के उपाय ही नहीं
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लखनऊ अग्निकांड के बाद सघन निरीक्षण अभियान, बेसमेंट में मिला एक कोचिंग सेंटर
31 भवनों की जांच में कई अनियमितताएं उजागर
26 भवनों में नहीं मिला स्वीकृत मानचित्र, नौ में मानकों के विपरीत संचालन
53 कारण बताओ नोटिस जारी, अवैध निर्माण पर सीलिंग की चेतावनी
गोरखपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से कोचिंग सेंटर समेत कई सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण जारी है। बुधवार को हुई जांच में अधिकतर कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के साधन ही नहीं मिले। एक कोचिंग सेंटर तो बेसमेंट में चलते मिला। इसके साथ ही नौ जगहों पर मानक के विपरीत गतिविधियों का संचालन हो रहा था।
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 31 भवनों की जांच की गई। निरीक्षण में पांच भवनों में ही स्वीकृत मानचित्र था, जबकि एक भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाया गया। जांच के दौरान 26 भवनों के स्वामियों या संचालकों के पास स्वीकृत मानचित्र नहीं मिला। इसके अलावा एक भवन में बेसमेंट/पार्किंग क्षेत्र में कोचिंग और लाइब्रेरी का संचालन पाया गया जो भवन मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसी तरह नौ भवनों में बिना निर्धारित मानकों के लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और कोचिंग सेंटर का संचालन होता पाया गया। इस पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं।
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उपाध्यक्ष के अनुसार अब तक कुल 53 कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को निर्धारित अवधि में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर कमियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो संबंधित भवनों के विरुद्ध सीलिंग सहित कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग सेंटरों में नहीं मिला इमरजेंसी एग्जिट
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने भी शहर और कस्बों में कोचिंग सेंटरों की जांच की। ज्यादातर में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला। इसके साथ ही आग से बचाव के उपाय भी नहीं थे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी चालू हालत में नहीं मिला। सीएफओ संतोष कुमार राय ने बताया कि सभी संचालकों को आग से बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
31 भवनों की जांच में कई अनियमितताएं उजागर
26 भवनों में नहीं मिला स्वीकृत मानचित्र, नौ में मानकों के विपरीत संचालन
53 कारण बताओ नोटिस जारी, अवैध निर्माण पर सीलिंग की चेतावनी
गोरखपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से कोचिंग सेंटर समेत कई सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण जारी है। बुधवार को हुई जांच में अधिकतर कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के साधन ही नहीं मिले। एक कोचिंग सेंटर तो बेसमेंट में चलते मिला। इसके साथ ही नौ जगहों पर मानक के विपरीत गतिविधियों का संचालन हो रहा था।
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 31 भवनों की जांच की गई। निरीक्षण में पांच भवनों में ही स्वीकृत मानचित्र था, जबकि एक भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाया गया। जांच के दौरान 26 भवनों के स्वामियों या संचालकों के पास स्वीकृत मानचित्र नहीं मिला। इसके अलावा एक भवन में बेसमेंट/पार्किंग क्षेत्र में कोचिंग और लाइब्रेरी का संचालन पाया गया जो भवन मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
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इसी तरह नौ भवनों में बिना निर्धारित मानकों के लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और कोचिंग सेंटर का संचालन होता पाया गया। इस पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं।
उपाध्यक्ष के अनुसार अब तक कुल 53 कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को निर्धारित अवधि में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर कमियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो संबंधित भवनों के विरुद्ध सीलिंग सहित कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग सेंटरों में नहीं मिला इमरजेंसी एग्जिट
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने भी शहर और कस्बों में कोचिंग सेंटरों की जांच की। ज्यादातर में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला। इसके साथ ही आग से बचाव के उपाय भी नहीं थे। फायर फाइटिंग सिस्टम भी चालू हालत में नहीं मिला। सीएफओ संतोष कुमार राय ने बताया कि सभी संचालकों को आग से बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।