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UP: ज्वेलरी शोरूम में 40.95 लाख का साइबर फ्रॉड, अलग-अलग खातों से खरीदी ज्वेलरी, शाहपुर पुलिस ने दर्ज की FIR
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 25 Jun 2026 10:19 AM IST
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सार
तहरीर के मुताबिक, आरोपी ने पांच जून को 5.49 लाख रुपये और 8 जून को 23.03 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी खरीदी। इस तरह चार दिनों के भीतर कुल 40.95 लाख रुपये के गहनों की खरीदारी की गई। इसके बाद 11 जून को वह दोबारा शोरूम पहुंचा और एयूएम सोल्यूशंस नामक फर्म के खाते से 10 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी लेने की कोशिश की।
साइबर ठगी
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार
शाहपुर क्षेत्र स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में अलग-अलग बैंक खातों और फर्मों के माध्यम से लाखों रुपये की ज्वेलरी खरीद के मामले में साइबर फ्रॉड और वित्तीय फर्जीवाड़े की आशंका है। बैंक की ओर से शोरूम का खाता होल्ड किए जाने के बाद मामले का पर्दाफाश हुआ। शोरूम प्रबंधन की शिकायत पर शाहपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, असुरन चौक स्थित परिवार ज्वेल्स एंड जेम्स के मैनेजर इरफान अहमद ने तहरीर देकर बताया कि चार जून को हिमेश कुमार सिंह नामक व्यक्ति शोरूम पर पहुंचा।
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उसने अपना आधार कार्ड और एक अन्य बैंक खाताधारक के आधार व पैन कार्ड के आधार पर आरटीजीएस के जरिये 1.48 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी खरीदी। इसके बाद उसी दिन अलग-अलग खातों से 1.65 लाख और 8.30 लाख रुपये का भुगतान कर फिर गहने खरीदे।
तहरीर के मुताबिक, आरोपी ने पांच जून को 5.49 लाख रुपये और 8 जून को 23.03 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी खरीदी। इस तरह चार दिनों के भीतर कुल 40.95 लाख रुपये के गहनों की खरीदारी की गई। इसके बाद 11 जून को वह दोबारा शोरूम पहुंचा और एयूएम सोल्यूशंस नामक फर्म के खाते से 10 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी लेने की कोशिश की।
तहरीर के मुताबिक, आरोपी ने पांच जून को 5.49 लाख रुपये और 8 जून को 23.03 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी खरीदी। इस तरह चार दिनों के भीतर कुल 40.95 लाख रुपये के गहनों की खरीदारी की गई। इसके बाद 11 जून को वह दोबारा शोरूम पहुंचा और एयूएम सोल्यूशंस नामक फर्म के खाते से 10 लाख रुपये का भुगतान कर ज्वेलरी लेने की कोशिश की।
लगातार अलग-अलग खातों और फर्मों से भुगतान किए जाने पर शोरूम प्रबंधन को संदेह हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। शाहपुर पुलिस ने आरोपी हिमेश कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। लेन-देन, बैंक खातों, फर्मों और खरीदारी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बैंक की ई-मेल से बढ़ा शक
प्रबंधन के अनुसार, 17 जून को एचडीएफसी बैंक की ओर से ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें शोरूम का खाता संदिग्ध लेन-देन के कारण होल्ड किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई।
बैंक की ई-मेल से बढ़ा शक
प्रबंधन के अनुसार, 17 जून को एचडीएफसी बैंक की ओर से ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें शोरूम का खाता संदिग्ध लेन-देन के कारण होल्ड किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि खरीदारी के लिए जिन खातों का इस्तेमाल किया गया, उनकी प्रकृति और भुगतान का तरीका संदिग्ध है। प्रबंधन ने आशंका जताई है कि साइबर अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कर ज्वेलरी खरीदी गई हो सकती है।
कई राज्यों से जुड़ सकते हैं तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में इस्तेमाल किए गए खातों और फर्मों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि भुगतान की गई रकम किसी साइबर ठगी या अन्य वित्तीय अपराध से तो नहीं जुड़ी है। जांच में अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी सामने आ सकते हैं।
तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। भुगतान के स्रोत, संबंधित खातों और आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी: निमिष पाटील, एसपी सिटी
कई राज्यों से जुड़ सकते हैं तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में इस्तेमाल किए गए खातों और फर्मों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि भुगतान की गई रकम किसी साइबर ठगी या अन्य वित्तीय अपराध से तो नहीं जुड़ी है। जांच में अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी सामने आ सकते हैं।
तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। भुगतान के स्रोत, संबंधित खातों और आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी: निमिष पाटील, एसपी सिटी