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UP: नेपाल में बढ़ती मुस्लिम आबादी से बढ़ी हिंदू राष्ट्र की मांग, 10 साल में 3% तक बढ़ोतरी; रिपोर्ट से खुलासा

Tue, 11 Aug 2026 03:34 PM IST
Sharukh Khan श्याम सुंदर तिवारी, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
श्याम सुंदर तिवारी, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 11 Aug 2026 03:34 PM IST
सार

नेपाल में बढ़ती मुस्लिम आबादी से हिंदू राष्ट्र की मांग बढ़ गई है। 10 साल में 3 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। बदलते सामाजिक समीकरणों के बीच हिंदू राष्ट्र की मांग तेज हो गई है। 2021 की जनगणना के मुताबिक, रौतहट और बारा में तेजी से मुस्लिम आबादी बढ़ रही है।

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Demand for a Hindu nation rises alongside Nepal growing Muslim population
भारत-नेपाल सीमा का प्रवेश द्वार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी में हुई हिंसा की आंच मधेश तक पहुंच गई है। नेपाल में जनसांख्यिकी बदलावों के कारण बदल रहे सामाजिक समीकरण पर चर्चा के साथ ही हिंदू राष्ट्र की मांग तेज हो गई है। नेपाल की जनगणना के आंकड़े बता रहे हैं कि पड़ोसी मुल्क के मधेश प्रांत में जनसांख्यिकी का चेहरा भी धीरे-धीरे बदल रहा है। एक दशक में जहां मुस्लिम आबादी में तीन फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, 2021 से 26 के बीच भी वृद्धि दर दो फीसदी तक रहने का अनुमान है।
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जुलाई-2026 के अंतिम सप्ताह में नेपाल के सुनसरी जिले के दीवानगंज में हिंदू-मुस्लिम विवाद के बाद हिंसा हुई। इसके बाद विश्व हिंदू महासंघ और कई अन्य संगठनों ने मधेश इलाके में पिछले एक दशक के दौरान हुए जनसांख्यिकी बदलाव पर चिंता जाहिर की। 
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नेपाल की सुरक्षा से जुड़े जानकारों के मुताबिक, मधेश प्रदेश के जिलों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है। बाहरी लोग आकर शरण ले रहे हैं। बढ़ती आबादी और बाहर से लोगों के आने से नेपाल में सामाजिक समीकरण तेजी से बदल रहा है।
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नेपाल के आधिकारिक सूत्रों से मिली नेपाल की 2021 की आधिकारिक जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, रौतहट में मुस्लिम आबादी कुल आबादी की 22.5 प्रतिशत थी, जो देश के सभी जिलों में सर्वाधिक है।

हर जिले में मुस्लिम आबादी दो फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान
वहीं, मधेश प्रदेश में मुस्लिम आबादी का अनुपात 13.3 प्रतिशत रहा जो नेपाल के प्रांतों में सबसे अधिक है। सूत्रों का कहना है कि अब जनगणना वर्ष 2031 में होगी पर इन पांच वर्षों की आंतरिक रिपोर्ट बता रही है कि हर जिले में मुस्लिम आबादी दो फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।

 

भारतीय क्षेत्र में भी हलचलसूत्रों के मुताबिक, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर और आसपास के भारतीय सीमावर्ती जिलों का नेपाल के तराई क्षेत्र से सीधा संपर्क है। मधेश के जिलों में होने वाली सामाजिक या सांप्रदायिक हलचल का असर भारतीय क्षेत्र में भी महसूस किया जा सकता है। 

 

ऐसे में जनसंख्या के आंकड़ों के साथ यह भी जांच का विषय है कि पिछले एक दशक में धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक लामबंदी, स्थानीय विवादों और सोशल मीडिया की गतिविधियों में किस तरह का बदलाव आया है।

मधेश के जनपदों में बढ़ती आबादी

जनपद 2011 2021 वृद्धि
रौतहट 19.5 22.4 2.9
बांके 19.0 19.9 0.9
कपिलवस्तु 18.2 18.2 स्थिर
पर्सा 14.5 14.5 स्थिर
बारा 13.0 14.4 1.4
महोत्तरी 13.3 13.4 0.1
सुनसरी 11.0 11.5 0.5
                
 

आबादी के साथ बदलते व्यवहार पर भी नजर जरूरी
नेपाल की सुरक्षा से जुड़े एक पूर्व अधिकारी के अनुसार, नेपाल में हर 10 वर्ष पर जनगणना होती है। वर्ष-2011 के बाद 2021 में हुई जनगणना के आंकड़े सीमावर्ती जिलों के बदलते सामाजिक स्वरूप की तस्दीक करते हैं। जनगणना के धर्म संबंधी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल की मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा तराई के जिलों में है। 

 

पूर्व अधिकारी के मुताबिक, कुछ मामलों में बाहरी लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की स्थानीय स्तर पर जांच की गई और सुरक्षा एजेंसियों ने भी ऐसे मामलों की पड़ताल की गई। इसमें कुछ संदिग्ध लोग नेपाल में रहकर कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए, जिनका प्रभाव नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। एजेंसियों के मुताबिक नई उम्र के युवाओं को धर्म की आड़ में बरगलाया जा रहा है। यहां धार्मिक कार्यक्रमों में लोगों को उकसाने की बातें भी सामने आई हैं।
 

नेपाल सरकार ने तीन माह का मांगा है समय
विश्व हिंदू महासंघ नेपाल, कपिलवस्तु के जिला सचिव विनोद चौधरी ने कहा कि सुनसरी में हुए सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर सरकार ने हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग पर विचार के लिए एक माह का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि एक अगस्त को धनुषा जिले में संयुक्त हिन्दू मोर्चा और गृहमंत्री सूदन गुरुंग के बीच हुए समझौते के तहत लिए सरकार के इस निर्णय से संगठन सहमत है।

देश में विशेष समुदाय के लोगों की कथित घुसपैठ और अवैध रूप से बसने तथा उनकी बढ़ती जनसंख्या को लेकर महासंघ चिंतित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व हिन्दू महासंघ नेपाल को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग जारी रखेगा।

 

बोले जिम्मेदार
सुनसरी में हिंसा के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। फिलहाल, यहां स्थिति सामान्य है। प्रशासन और पुलिस संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। शांति समिति की बैठक में विभिन्न संगठनों और समुदायों से जुड़े लोगों ने शांति, सौहार्द और आपसी समन्वय को लेकर चर्चा की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।- रिपेंद्र सिंह, डीएसपी, कपिलवस्तु, नेपाल
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