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Gorakhpur News: दुष्कर्म का फर्जी केस बनाकर वसूली करने वाले गिरोह की महिला गैंगस्टर गिरफ्तार
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गोरखपुर। पीपीगंज पुलिस ने चिलुआताल थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले में वांछित देवरिया के रामपुर कारखाना महादेवा बाजार निवासी गीता को शनिवार गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भिजवा दिया। पुलिस के अनुसार, गीता एक संगठित गिरोह में काम करती थी, जो झूठे दुष्कर्म, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक प्राथमिकी दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती थी।
सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि आरोपी गीता बिहार के दो भाइयों विकास और राकेश सिन्हा के साथ मिलकर काम करती थी। चिलुआताल पुलिस ने गिरोह के पांच लोगों विकास कुमार सिन्हा, उसके भाई राकेश कुमार सिन्हा, गीता, रेखा और हेमवंती सिंह के खिलाफ 27 जनवरी 2025 में गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। इसमें विकास सिन्हा को सरगना बनाया गया था। इसके बाद से गीता भागी हुई थी। शनिवार को पीपीगंज पुलिस ने सर्विलांस की मदद से क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। सीओ के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। गीता और उसके सहयोगियों ने कई मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर झूठे दुष्कर्म केस दर्ज कराए और अवैध धन उगाही की।
गैंग के सरगना ने जेल से ही 40 लाख कीमत की बेची थी गाड़ी
गैंगस्टर विकास कुमार सिन्हा ने गैंगस्टर एक्ट में जब्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए जेल से ही अपनी 40 लाख रुपये कीमत की लक्जरी गाड़ी बेच दी थी। यही नहीं रेलकर्मी अफरोज की हत्या में जेल में बंद सादिया अंसारी से भी 40 लाख रुपये ठग लिए थे।
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सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि आरोपी गीता बिहार के दो भाइयों विकास और राकेश सिन्हा के साथ मिलकर काम करती थी। चिलुआताल पुलिस ने गिरोह के पांच लोगों विकास कुमार सिन्हा, उसके भाई राकेश कुमार सिन्हा, गीता, रेखा और हेमवंती सिंह के खिलाफ 27 जनवरी 2025 में गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। इसमें विकास सिन्हा को सरगना बनाया गया था। इसके बाद से गीता भागी हुई थी। शनिवार को पीपीगंज पुलिस ने सर्विलांस की मदद से क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। सीओ के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। गीता और उसके सहयोगियों ने कई मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर झूठे दुष्कर्म केस दर्ज कराए और अवैध धन उगाही की।
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गैंग के सरगना ने जेल से ही 40 लाख कीमत की बेची थी गाड़ी
गैंगस्टर विकास कुमार सिन्हा ने गैंगस्टर एक्ट में जब्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए जेल से ही अपनी 40 लाख रुपये कीमत की लक्जरी गाड़ी बेच दी थी। यही नहीं रेलकर्मी अफरोज की हत्या में जेल में बंद सादिया अंसारी से भी 40 लाख रुपये ठग लिए थे।
