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सुरक्षा में बड़ी चूक: गार्ड सोता रहा, मेंटल आश्रय गृह से 4 युवक भागे; मेन गेट के कैमरे का तार काट हुए फरार
Wed, 02 Sep 2026 11:55 AM IST
Rohit Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:55 AM IST
सार
एमआर होम में इस समय करीब 48 संवासी रह रहे हैं। सुरक्षा के लिए तीन गार्ड तैनात हैं और तीनों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट लगती है। घटना के समय यादव नामक गार्ड की ड्यूटी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि संवासियों ने पहले मुख्य गेट के सीसीटीवी कैमरे का तार खराब किया और फिर मौका मिलते ही बाहर निकल गए। सुबह जानकारी होने पर संस्था में हड़कंप मच गया।
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मेंटल आश्रय गृह से 4 संवासी भागे
- फोटो : स्त्रोत- अमर उजाला व पुलिस
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विस्तार
राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र (पुरुष) से चार संवासी सोमवार रात करीब 9 बजे भाग गए। संस्था के अधीक्षक रविकांत पांडेय की सूचना पर राजघाट पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। चारों मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं। वे लावारिस अवस्था में मिलने के बाद आश्रय गृह में रह रहे थे।
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पुलिस के अनुसार, लापता संवासियों की पहचान रवि (22), आजम (19), बबलू (23) और सोमारू (19) के रूप में हुई है। चारों के पिता और स्थायी पते की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आश्रय गृह से उनके लापता होने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों ने आसपास तलाश की लेकिन पता नहीं चला।
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इसके बाद अधीक्षक ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर सूचना दी। राजघाट पुलिस ने मामले को गुमशुदगी में दर्ज करते हुए चारों की तलाश के लिए टीम गठित की है।
पुलिस राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह (एमआर होम) और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिये उनके आश्रय गृह से निकलने के बाद जाने की दिशा और संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह (एमआर होम) और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिये उनके आश्रय गृह से निकलने के बाद जाने की दिशा और संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
चारों संवासियों की तलाश के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस टीमों को लगाया गया है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी उनके हुलिए की जानकारी भेजी गई है। आसपास के थानों को भी सूचना दी गई है, ताकि किसी स्थान पर चारों में से कोई दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को जानकारी मिल सके।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि चारों संवासियों की बरामदगी के लिए पुलिस टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि चारों संवासियों की बरामदगी के लिए पुलिस टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सोता रहा गार्ड, मेन गेट के कैमरे का तार काट कर भाग निकले संवासी
एमआर होम से चार संवासियों के भागने की घटना में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिसर और स्कूल-हॉस्टल में करीब 16 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद संवासियों ने भागने से पहले मुख्य गेट पर लगे कैमरे का तार काट दिया।
इसके बाद जिस गार्ड की ड्यूटी थी, उसके सोने का फायदा उठाकर चारों मेन गेट से निकल गए। एमआर होम की करीब आठ फीट ऊंची दीवार होने की वजह से पुलिस भी गेट के रास्ते से ही बाहर जाने की आशंका जता रही है।
एमआर होम से चार संवासियों के भागने की घटना में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिसर और स्कूल-हॉस्टल में करीब 16 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद संवासियों ने भागने से पहले मुख्य गेट पर लगे कैमरे का तार काट दिया।
इसके बाद जिस गार्ड की ड्यूटी थी, उसके सोने का फायदा उठाकर चारों मेन गेट से निकल गए। एमआर होम की करीब आठ फीट ऊंची दीवार होने की वजह से पुलिस भी गेट के रास्ते से ही बाहर जाने की आशंका जता रही है।
एमआर होम में इस समय करीब 48 संवासी रह रहे हैं। सुरक्षा के लिए तीन गार्ड तैनात हैं और तीनों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट लगती है। घटना के समय यादव नामक गार्ड की ड्यूटी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि संवासियों ने पहले मुख्य गेट के सीसीटीवी कैमरे का तार खराब किया और फिर मौका मिलते ही बाहर निकल गए।
सुबह जानकारी होने पर संस्था में हड़कंप मच गया। भागने वालों में रवि (22), आजम (19) और बबलू (23) को चार मई 2014 को लखनऊ बाल सुधार गृह से एमआर होम भेजा गया था।
सुबह जानकारी होने पर संस्था में हड़कंप मच गया। भागने वालों में रवि (22), आजम (19) और बबलू (23) को चार मई 2014 को लखनऊ बाल सुधार गृह से एमआर होम भेजा गया था।
वहीं, सोमारू नौ जून 2025 को आया था। इसकी उम्र 19 वर्ष है। एमआर होम के बाहर लंबे समय से दुकान चलाने वाले एक दुकानदार के मुताबिक, वर्षों से यहां रहने के कारण अधिकांश संवासियों का व्यवहार सामान्य हो गया था। उसने रवि को अपेक्षाकृत तेज-तर्रार बताया। आशंका जताई जा रही है कि उसी के कहने या उकसाने पर चारों ने एक साथ भागने की योजना बनाई होगी।
रवि के पास मोबाइल होने की जानकारी से पुलिस को मिली अहम कड़ी
थाना प्रभारी राजघाट गौरव कुमार वर्मा के अनुसार, रवि के पास मोबाइल होने की भी जानकारी मिली है। उसका मोबाइल फिलहाल बंद है लेकिन आखिरी लोकेशन बस स्टैंड के पास मिली है। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने तलाश तेज कर दी है। एमआर होम से लेकर रेलवे स्टेशन तक पुलिस टीमों ने करीब 47 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है।
चार अलग-अलग टीमें संवासियों की तलाश में लगाई गई हैं। इधर, संस्था के अधीक्षक रविकांत पांडेय ने बताया कि घटना की जानकारी सुबह हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कैमरे का तार किस तरह खराब किया गया और सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई।
थाना प्रभारी राजघाट गौरव कुमार वर्मा के अनुसार, रवि के पास मोबाइल होने की भी जानकारी मिली है। उसका मोबाइल फिलहाल बंद है लेकिन आखिरी लोकेशन बस स्टैंड के पास मिली है। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने तलाश तेज कर दी है। एमआर होम से लेकर रेलवे स्टेशन तक पुलिस टीमों ने करीब 47 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है।
चार अलग-अलग टीमें संवासियों की तलाश में लगाई गई हैं। इधर, संस्था के अधीक्षक रविकांत पांडेय ने बताया कि घटना की जानकारी सुबह हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कैमरे का तार किस तरह खराब किया गया और सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई।
घटना के बाद रात आठ बजे ही बंद कर दिया गया मुख्य गेट
एमआर होम के बाहर दुकान चलाने वाले दुकानदार के मुताबिक, यहां का मुख्य गेट आमतौर पर रात 11 बजे के बाद बंद किया जाता था। चार संवासियों के भागने की घटना के बाद मंगलवार को एहतियातन रात आठ बजे ही गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद परिसर में किसी तरह की गतिविधि नहीं हुई।
घटना की जानकारी के बाद पूरे दिन एमआर होम में अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही घटना से जुड़े बिंदुओं की जांच करते रहे।
एमआर होम के बाहर दुकान चलाने वाले दुकानदार के मुताबिक, यहां का मुख्य गेट आमतौर पर रात 11 बजे के बाद बंद किया जाता था। चार संवासियों के भागने की घटना के बाद मंगलवार को एहतियातन रात आठ बजे ही गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद परिसर में किसी तरह की गतिविधि नहीं हुई।
घटना की जानकारी के बाद पूरे दिन एमआर होम में अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही घटना से जुड़े बिंदुओं की जांच करते रहे।