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Gorakhpur News: खुद का घर है बदहाल...कार पर ''''भारत सरकार'''' लिखवा दिखाता था भौकाल
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फर्जी आईएएस का मायाजालः साथ में लेकर चलता था असिस्टेंट, खुद को एसडीएम बताकर भी कर चुका था ठगी
शादी में निषाद समाज के कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए
गोरखपुर। खुद को फर्जी आईएएस बताकर गोरखपुर की युवती से शादी रचाने वाला प्रीतम कुमार निषाद खुद को कभी आईएएस तो कभी एसडीएम बताकर लोगों को झांसे में लेता था। हैरानी की बात यह है कि इटावा स्थित उसका घर बदहाल है। बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं, लेकिन फर्जी पहचान के सहारे उसने आलीशान छवि बना ली थी। वह लोगों पर भौकाल जमाने के लिए कार पर ''''भारत सरकार'''' लिखवाकर असिस्टेंट के साथ चलता था।
प्रीतम की ठगी की शिकार गोरखपुर की युवती के पिता ने बताया कि शादी में वह शेरवानी पहनकर बरात में पहुंचा और सात फेरों से पहले भी कपड़े बदले। शादी में 20 से 30 बराती शामिल हुए थे। इटावा से दो लग्जरी कारों में करीब 10 लोग आए, जिनमें आरोपी के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। प्रीतम ने निषाद समाज के कई बड़े नेताओं, मंत्री और सांसदों को भी शादी का कार्ड भेजा था। कई स्थानीय नेता शादी में पहुंचे भी। इनमें से कुछ नेताओं को उस पर शक भी हुआ। उन्होंने लड़की पक्ष से अपनी शंका भी जताई थी।
युवती के पिता ने बताया कि प्रीतम सात मार्च को शादी से चार दिन पहले गोरखपुर आया था। जिस कार से वह आया, उस पर ‘भारत सरकार’ लिखा था और उसके साथ एक तथाकथित असिस्टेंट भी था। उसने घर आकर शादी का कार्ड दिया और बताया कि उसे गोरखपुर में मंत्री, सांसद और पुलिस अधिकारियों को भी कार्ड देना है। इसी बहाने उसने खुद को बड़ा अधिकारी साबित करने की कोशिश की।
फर्जी इंटरव्यू दिखाकर युवती के परिजनों का जीता भरोसा
संदेह होने पर प्रीतम ने सफाई में एक वीडियो दिखाया, जिसमें वह खुद को एसडीएम बताते हुए इंटरव्यू देता नजर आ रहा था। उसने दावा किया कि उसके रिश्तेदार उससे जलते हैं और शादी नहीं होने देना चाहते। इन बातों पर भरोसा कर 12 मार्च 2026 को विदाई की रस्म पूरी कर दी गई। बाद में सच्चाई सामने आने लगी। जब मामला बिगड़ता दिखा, तो प्रीतम ने खुद ही स्वीकार किया कि वह आईएएस नहीं है, बल्कि एक कंपनी में काम करता था और उसने शादी के लिए छुट्टी ली थी। इसके बाद युवती के परिजनों ने इटावा के इकदिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही दो अन्य युवतियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
युवती के परिजनों का दावा-25 शादियां कर चुका है प्रीतम
पीड़ित युवती के पिता का कहना है कि आरोपी प्रीतम 25 शादियां कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीतम ने फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठे और उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था। वह खुद बीमार हैं। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
सोशल ग्रुप से आया था रिश्ता
परिवार के मुताबिक, शादी के लिए रिश्ता समाज के एक ग्रुप के जरिये आया था। प्रोफाइल में प्रीतम को मनिकपुर में तैनात एसडीएम बताया गया था। परिजनों ने इटावा जाकर उसके घर की जांच भी की थी, लेकिन उसने वहां भी झूठी कहानी गढ़कर सबको भरोसे में ले लिया।
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शादी में निषाद समाज के कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए
गोरखपुर। खुद को फर्जी आईएएस बताकर गोरखपुर की युवती से शादी रचाने वाला प्रीतम कुमार निषाद खुद को कभी आईएएस तो कभी एसडीएम बताकर लोगों को झांसे में लेता था। हैरानी की बात यह है कि इटावा स्थित उसका घर बदहाल है। बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं, लेकिन फर्जी पहचान के सहारे उसने आलीशान छवि बना ली थी। वह लोगों पर भौकाल जमाने के लिए कार पर ''''भारत सरकार'''' लिखवाकर असिस्टेंट के साथ चलता था।
प्रीतम की ठगी की शिकार गोरखपुर की युवती के पिता ने बताया कि शादी में वह शेरवानी पहनकर बरात में पहुंचा और सात फेरों से पहले भी कपड़े बदले। शादी में 20 से 30 बराती शामिल हुए थे। इटावा से दो लग्जरी कारों में करीब 10 लोग आए, जिनमें आरोपी के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। प्रीतम ने निषाद समाज के कई बड़े नेताओं, मंत्री और सांसदों को भी शादी का कार्ड भेजा था। कई स्थानीय नेता शादी में पहुंचे भी। इनमें से कुछ नेताओं को उस पर शक भी हुआ। उन्होंने लड़की पक्ष से अपनी शंका भी जताई थी।
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युवती के पिता ने बताया कि प्रीतम सात मार्च को शादी से चार दिन पहले गोरखपुर आया था। जिस कार से वह आया, उस पर ‘भारत सरकार’ लिखा था और उसके साथ एक तथाकथित असिस्टेंट भी था। उसने घर आकर शादी का कार्ड दिया और बताया कि उसे गोरखपुर में मंत्री, सांसद और पुलिस अधिकारियों को भी कार्ड देना है। इसी बहाने उसने खुद को बड़ा अधिकारी साबित करने की कोशिश की।
फर्जी इंटरव्यू दिखाकर युवती के परिजनों का जीता भरोसा
संदेह होने पर प्रीतम ने सफाई में एक वीडियो दिखाया, जिसमें वह खुद को एसडीएम बताते हुए इंटरव्यू देता नजर आ रहा था। उसने दावा किया कि उसके रिश्तेदार उससे जलते हैं और शादी नहीं होने देना चाहते। इन बातों पर भरोसा कर 12 मार्च 2026 को विदाई की रस्म पूरी कर दी गई। बाद में सच्चाई सामने आने लगी। जब मामला बिगड़ता दिखा, तो प्रीतम ने खुद ही स्वीकार किया कि वह आईएएस नहीं है, बल्कि एक कंपनी में काम करता था और उसने शादी के लिए छुट्टी ली थी। इसके बाद युवती के परिजनों ने इटावा के इकदिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही दो अन्य युवतियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
युवती के परिजनों का दावा-25 शादियां कर चुका है प्रीतम
पीड़ित युवती के पिता का कहना है कि आरोपी प्रीतम 25 शादियां कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीतम ने फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठे और उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था। वह खुद बीमार हैं। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
सोशल ग्रुप से आया था रिश्ता
परिवार के मुताबिक, शादी के लिए रिश्ता समाज के एक ग्रुप के जरिये आया था। प्रोफाइल में प्रीतम को मनिकपुर में तैनात एसडीएम बताया गया था। परिजनों ने इटावा जाकर उसके घर की जांच भी की थी, लेकिन उसने वहां भी झूठी कहानी गढ़कर सबको भरोसे में ले लिया।