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Gorakhpur News: पॉक्सो के तहत चिह्नित बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना सामाजिक जिम्मेदारी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:39 AM IST
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It is a social responsibility to make girls identified under POCSO self-reliant.
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र और पिडिलाइट हॉबी आइडियाज के संयुक्त तत्वावधान में प्रतीक्षा आश्रय गृह में शनिवार को सात दिवसीय हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पॉक्सो के तहत चिह्नित बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी है।
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कुलपति ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल का निरंतर बल बालिका शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण पर रहा है। इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय की ओर से समाज के वंचित एवं संवेदनशील वर्ग की बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने बताया कि बालिकाओं को जूट बैग पर स्टेंसिल पेंटिंग, लिप्पन आर्ट, टेराकोटा पेंटिंग व टाई एंड डाई आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं को रंग संयोजन, डिजाइन विकास, हस्तनिर्मित उत्पाद निर्माण एवं बाजारोन्मुख कौशल से परिचित कराया जा रहा है। इस अवसर पर चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर डॉ. सुमन शुक्ला, काउंसलर सीमा सिंह आदि मौजूद रहीं।
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