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Gorakhpur News: शताब्दी वर्ष तक 100 संस्थाओं का संचालन करता दिखेगा एमपीएसपी
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गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप राव ने वर्ष 2032 में होने वाले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के शताब्दी वर्ष की तैयारियों का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि परिषद शताब्दी वर्ष तक 100 संस्थाओं का संचालन करता दिखेगा।
वह बुधवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ योग संस्थान व एमपीएसपी की ओर से गोलघर स्थित प्रताप आश्रम में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. राव ने बताया कि शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शताब्दी वर्ष की तैयारियों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, चिकित्सालय, योग एवं अन्य सेवा प्रकल्पों सहित परिषद की 52 संस्थाएं संचालित हैं। परिषद का लक्ष्य शताब्दी वर्ष तक संस्थाओं की संख्या बढ़ाकर 100 करना है। इसी वर्ष पांच नई संस्थाओं व 15 सेवा प्रकल्पों को प्रारंभ करने की तैयारी भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि परिषद अपने गौरवशाली पूर्व विद्यार्थियों को भी एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। प्रत्येक संस्था 100 विद्यार्थियों का विवरण तैयार कर रही है। इसके तहत देश-दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर चुके 5,000 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों का व्यापक डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक संस्था ऐसे 100 परिवारों की पहचान भी कर रही है, जिन्होंने संस्था के विकास में योगदान दिया है। ऐसे 100 परिवारों का विवरण भी संकलित किया जा रहा है जिनके उत्थान और प्रगति में संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देश-दुनिया के 100 विशिष्ट व्यक्तियों को परिषद से जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अध्यक्षता परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने की। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह व प्रमथ नाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।
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वह बुधवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ योग संस्थान व एमपीएसपी की ओर से गोलघर स्थित प्रताप आश्रम में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. राव ने बताया कि शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शताब्दी वर्ष की तैयारियों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, चिकित्सालय, योग एवं अन्य सेवा प्रकल्पों सहित परिषद की 52 संस्थाएं संचालित हैं। परिषद का लक्ष्य शताब्दी वर्ष तक संस्थाओं की संख्या बढ़ाकर 100 करना है। इसी वर्ष पांच नई संस्थाओं व 15 सेवा प्रकल्पों को प्रारंभ करने की तैयारी भी की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि परिषद अपने गौरवशाली पूर्व विद्यार्थियों को भी एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। प्रत्येक संस्था 100 विद्यार्थियों का विवरण तैयार कर रही है। इसके तहत देश-दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर चुके 5,000 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों का व्यापक डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक संस्था ऐसे 100 परिवारों की पहचान भी कर रही है, जिन्होंने संस्था के विकास में योगदान दिया है। ऐसे 100 परिवारों का विवरण भी संकलित किया जा रहा है जिनके उत्थान और प्रगति में संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देश-दुनिया के 100 विशिष्ट व्यक्तियों को परिषद से जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अध्यक्षता परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने की। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह व प्रमथ नाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।