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Gorakhpur News: मांगें न मानी गईं तो पांच से आंदोलन करेंगे लेखपाल
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गोरखपुर। स्थानांतरण, संसाधन की कमी, पदोन्नति न होना और भत्तों के भुगतान में विलंब होने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे पांच अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार करेंगे, जिससे राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
तहसील सदर अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में लेखपालों ने एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार से वार्ता के दौरान कहा कि वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों की अनदेखी से गहरा असंतोष है। लेखपाल पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है लेकिन संसाधन, पदोन्नति और भत्तों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे अहम कार्यों का बोझ लेखपालों पर है। इसके बावजूद उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। वर्ष 2025 में 2669 लेखपालों से स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे मानसिक और पारिवारिक दबाव झेल रहे हैं।
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तहसील सदर अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में लेखपालों ने एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार से वार्ता के दौरान कहा कि वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों की अनदेखी से गहरा असंतोष है। लेखपाल पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है लेकिन संसाधन, पदोन्नति और भत्तों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे अहम कार्यों का बोझ लेखपालों पर है। इसके बावजूद उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। वर्ष 2025 में 2669 लेखपालों से स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे मानसिक और पारिवारिक दबाव झेल रहे हैं।
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