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Gorakhpur News: बर्खास्त सिपाही से 12 घंटे पूछताछ करेगी पुलिस, कल होगी रिमांड पर सुनवाई
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गोरखपुर। 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में गिरफ्तार बर्खास्त सिपाही से पूछताछ के लिए पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। पुलिस आरोपी को 12 घंटे की रिमांड पर लेकर घटना से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाएगी। रिमांड को लेकर तीन अगस्त को कोर्ट में सुनवाई होगी।
पुलिस की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने आरोपी की पुलिस रिमांड की मंजूरी दे दी है। अब निर्धारित तारीख पर उसे जेल से कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद हो सकता है, जो विवेचना में अहम साक्ष्य साबित होगा। जांच टीम आरोपी से घटना के समय की गतिविधियों, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी हासिल करेगी। पुलिस का प्रयास है कि मामले से जुड़े हर पहलू को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत किया जाए।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि मामले में किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कोशिश है कि जल्द से जल्द विवेचना पूरी कर अदालत में प्रभावी तरीके से आरोप पत्र दाखिल किया जा सके।
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फॉरेंसिक साइंस लैब को भी भेजा गया पत्र
विवेचना को पुख्ता बनाने के लिए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब को पत्र भेजकर डीएनए, जैविक नमूनों और अन्य वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अधिकारियों के मुताबिक, फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और मजबूती मिलेगी और आरोप पत्र तैयार करने में मदद मिलेगी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करना शुरू कर दिया है। जांच अधिकारी वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और प्रत्यक्ष तथ्यों को जोड़कर मजबूत केस तैयार करने में जुटे हैं।
तीन मासूमों की हत्या के मामलों की एसपी करेंगे निगरानी
गोरखपुर में मासूमों की हत्या से जुड़े तीन मामलों की न्यायिक कार्रवाई पर एसपी उत्तरी, एसपी दक्षिणी और एसपी सिटी नजर रखेंगे। दो जुलाई को सहजनवा में किराएदार ने मकान मालिक के बेटे की फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी थी। 26 जुलाई को खजनी में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की एक करोड़ रुपये की फिरौती की साजिश में पड़ोसी सर्वेश शर्मा ने हत्या कर दी थी। वहीं, 28 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र में बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव पर 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप है। संबंधित एसपी विवेचना, आरोपपत्र दाखिल करने, गवाहों की पेशी और चिकित्सकों व फॉरेंसिक विशेषज्ञों की गवाही की निगरानी करेंगे, ताकि मुकदमे की सुनवाई में देरी न हो।
मासूम की हत्या में धारदार हथियार का भी किया था इस्तेमाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बच्ची के शरीर पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। जंघे के पास और पेट पर धारदार हथियार से हमला होने की वजह से उसके अंदरुनी पार्ट्स पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए था। जबड़े पर भी हमला किया गया था। अब पुलिस धारदार हथियार को बरामद करने की कोशिश में जुटी है।
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पुलिस की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने आरोपी की पुलिस रिमांड की मंजूरी दे दी है। अब निर्धारित तारीख पर उसे जेल से कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद हो सकता है, जो विवेचना में अहम साक्ष्य साबित होगा। जांच टीम आरोपी से घटना के समय की गतिविधियों, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी हासिल करेगी। पुलिस का प्रयास है कि मामले से जुड़े हर पहलू को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत किया जाए।
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सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि मामले में किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कोशिश है कि जल्द से जल्द विवेचना पूरी कर अदालत में प्रभावी तरीके से आरोप पत्र दाखिल किया जा सके।
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फॉरेंसिक साइंस लैब को भी भेजा गया पत्र
विवेचना को पुख्ता बनाने के लिए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब को पत्र भेजकर डीएनए, जैविक नमूनों और अन्य वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अधिकारियों के मुताबिक, फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और मजबूती मिलेगी और आरोप पत्र तैयार करने में मदद मिलेगी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करना शुरू कर दिया है। जांच अधिकारी वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और प्रत्यक्ष तथ्यों को जोड़कर मजबूत केस तैयार करने में जुटे हैं।
तीन मासूमों की हत्या के मामलों की एसपी करेंगे निगरानी
गोरखपुर में मासूमों की हत्या से जुड़े तीन मामलों की न्यायिक कार्रवाई पर एसपी उत्तरी, एसपी दक्षिणी और एसपी सिटी नजर रखेंगे। दो जुलाई को सहजनवा में किराएदार ने मकान मालिक के बेटे की फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी थी। 26 जुलाई को खजनी में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की एक करोड़ रुपये की फिरौती की साजिश में पड़ोसी सर्वेश शर्मा ने हत्या कर दी थी। वहीं, 28 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र में बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव पर 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप है। संबंधित एसपी विवेचना, आरोपपत्र दाखिल करने, गवाहों की पेशी और चिकित्सकों व फॉरेंसिक विशेषज्ञों की गवाही की निगरानी करेंगे, ताकि मुकदमे की सुनवाई में देरी न हो।
मासूम की हत्या में धारदार हथियार का भी किया था इस्तेमाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बच्ची के शरीर पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। जंघे के पास और पेट पर धारदार हथियार से हमला होने की वजह से उसके अंदरुनी पार्ट्स पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए था। जबड़े पर भी हमला किया गया था। अब पुलिस धारदार हथियार को बरामद करने की कोशिश में जुटी है।