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गोरखपुर: आतंकियों के निशाने पर रहा है गोरखपुर, यहां सीरियल ब्लास्ट में गिरफ्तार हुआ था आईएम संगठन का एजेंट

Mon, 04 Apr 2022 02:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Apr 2022 02:48 PM IST
सार

22 मई 2007 की शाम को गोलघर में जलकल गेट के सामने ट्रांसफार्मर के पास पहला ब्लास्ट हुआ। हालांकि धमाका कम आवाज वाला था, लेकिन आसपास अफरा-तफरी मच गई। अभी लोग कुछ समझ पाते की बलदेव प्लाजा के सामने पेट्रोल पंप के पास और गणेश चौराहे के पास ट्रांसफार्मर के पास पांच-पांच मिनट के अंतराल पर विस्फोट हुआ।

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story of serial blast by IM Terrorist in Gorakhpur 2007
आतंकी। (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखनाथ मंदिर में हुए हमले से पूरा गोरखपुर जिला कांप गया है। इस घटना से पहले 2010 में गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित भीम सरोहर ताल के पास 2010 में विस्फोट होने पर सनसनी फैल गई थी। हालांकि, जांच के बाद यह पता चला था कि वह दिवाली वाला बम था।  

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वहीं 22 मई 2007 को गोरखपुर शहर में हुए सीरियल ब्लास्ट से लोग कांप गए थे। इसकी साजिश आइएम आतंकी संगठन ने रची थी। इस घटना में छह लोग घायल हुए थे। पुलिस ने आईएम से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। हालांकि ब्लास्ट की साजिश रचने वालों के स्थानीय मददगारों का अभी तक पता नहीं चल पाया।
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बताया जाता है कि 22 मई 2007 की शाम को गोलघर में जलकल गेट के सामने ट्रांसफार्मर के पास पहला ब्लास्ट हुआ। हालांकि धमाका कम आवाज वाला था, लेकिन आसपास अफरा-तफरी मच गई। अभी लोग कुछ समझ पाते की बलदेव प्लाजा के सामने पेट्रोल पंप के पास और गणेश चौराहे के पास ट्रांसफार्मर के पास पांच-पांच मिनट के अंतराल पर विस्फोट हुआ। गणेश चौराहे के पास हुए ब्लास्ट में छह लोग मामूली रूप से घायल हुए थे।
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पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला कि तीनों स्थानों पर साइकिल में लटका कर रखे गए टिफिन में विस्फोटक हुआ था। किसी गड़बड़ी की वजह से विस्फोटक उतना प्रभावी नहीं हुआ। कुछ ही दिनों में पुलिस ने सिद्धार्थनगर जिले के नेपाल सीमा से एक और बाराबंकी से दो युवकों को गिरफ्तार किया था। तीनों का संबंध पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी से होने का दावा किया था।

जांच में ये भी पता चला कि विस्फोटक रखने के लिए साइकिलों की खरीदारी रेती रोड पर स्थित दो दुकानों से की गई थी। पुलिस का दवा था कि इसमें स्थानीय लोगों का भी हाथ लेकिन उनकी गिरफ्तारी आजतक नहीं हो पाई।

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