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Gorakhpur News: खसरे की थी आशंका, जांच में चिकनपॉक्स की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:20 AM IST
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गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र के दो गांवों में खसरे के संभावित मामलों की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया था लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। जिन लोगों में खसरे जैसे लक्षण पाए गए थे, वे वास्तव में चिकनपॉक्स से संक्रमित निकले। इसके बाद विभाग ने राहत की सांस ली है।
सरदारनगर ब्लॉक के सरैया गांव में एक महिला और उसकी चार वर्षीय पुत्री के शरीर पर दाने निकलने व अन्य लक्षण दिखाई देने पर खसरे की आशंका जताई गई थी। इससे करीब दस दिन पहले सुरसर देउरी गांव में भी एक परिवार के दो-तीन सदस्यों में इसी तरह के लक्षण सामने आए थे। प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ लोगों ने इसे खसरे का मामला माना, जिससे स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा के निर्देश पर प्रभावित लोगों की चिकित्सीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि सभी मरीज चिकनपॉक्स से पीड़ित हैं और खसरे का कोई मामला नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और उनकी नियमित निगरानी शुरू कर दी।
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सीएमओ ने बताया कि प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही संबंधित गांवों में लोगों को बीमारी के लक्षणों, बचाव के उपायों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि संक्रमण का प्रसार रोका जा सके।
सरदारनगर ब्लॉक के सरैया गांव में एक महिला और उसकी चार वर्षीय पुत्री के शरीर पर दाने निकलने व अन्य लक्षण दिखाई देने पर खसरे की आशंका जताई गई थी। इससे करीब दस दिन पहले सुरसर देउरी गांव में भी एक परिवार के दो-तीन सदस्यों में इसी तरह के लक्षण सामने आए थे। प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ लोगों ने इसे खसरे का मामला माना, जिससे स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा के निर्देश पर प्रभावित लोगों की चिकित्सीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि सभी मरीज चिकनपॉक्स से पीड़ित हैं और खसरे का कोई मामला नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और उनकी नियमित निगरानी शुरू कर दी।
सीएमओ ने बताया कि प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही संबंधित गांवों में लोगों को बीमारी के लक्षणों, बचाव के उपायों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि संक्रमण का प्रसार रोका जा सके।