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गोरखपुर विश्वविद्यालय : पानी में होगी सब्जियों की खेती, लगेगा हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब पानी में सब्जियां उगाने पर शोध होगा। यह संभव होगा हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम से। इसकी स्थापना के लिए एक निजी बैंक ने सीएसआर फंड से 2.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके संचालन की जिम्मेदारी कृषि एवं प्राकृतिक संस्थान को दी गई है। अंतरराष्ट्रीय छात्रावास के पास इसे स्थापित किए जाने की योजना है।
कृषि संस्थान के निदेशक प्रो. आरआर सिंह ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम से बिना मिट्टी के सब्जी उत्पादन पर शोध किया जाएगा। यह तकनीक भविष्य में किसानों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में यह बेहद महत्वपूर्ण है। इस तकनीक से पत्ते वाली सब्जियों की खेती पर विशेष जोर रहेगा। फूल वाली सब्जियों के लिए यह प्रणाली उपयुक्त नहीं है। समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशाला व प्रदर्शनी आयोजित कर छात्रों और किसानों इसकी विधि व तकनीक सिखाई जाएगी।
ऐसे काम करेगा हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम
कृषि संस्थान के समन्वयक डॉ. रामवंत गुप्ता ने बताया कि इस प्रणाली में पौधों के विकास के लिए मिट्टी की कमी पोषक तत्वों के जरिये पूरी की जाएगी। जरूरी पोषक तत्वों का घोल तैयार किया जाएगा। उसका पानी के जरिये पौधों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाएगा। उन तत्वों के जरिये ही पौधों का जीवन चक्र चलेगा। आवश्यक पोषण सही मात्रा में मिलता रहे, इसके लिए विशेष नियंत्रण प्रणाली लगाई जाएगी। इस तकनीक में पानी को लगातार गतिशील रखा जाता है।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि कृषि संस्थान की ओर हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम की स्थापना का प्रस्ताव आया था। इस संबंध में सीएसआर फंड से 2.80 करोड़ की राशि स्वीकृत हो गई है। हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से सब्जियों की खेती पर शोध कर सकेंगे।
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कृषि संस्थान के निदेशक प्रो. आरआर सिंह ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम से बिना मिट्टी के सब्जी उत्पादन पर शोध किया जाएगा। यह तकनीक भविष्य में किसानों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में यह बेहद महत्वपूर्ण है। इस तकनीक से पत्ते वाली सब्जियों की खेती पर विशेष जोर रहेगा। फूल वाली सब्जियों के लिए यह प्रणाली उपयुक्त नहीं है। समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशाला व प्रदर्शनी आयोजित कर छात्रों और किसानों इसकी विधि व तकनीक सिखाई जाएगी।
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ऐसे काम करेगा हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम
कृषि संस्थान के समन्वयक डॉ. रामवंत गुप्ता ने बताया कि इस प्रणाली में पौधों के विकास के लिए मिट्टी की कमी पोषक तत्वों के जरिये पूरी की जाएगी। जरूरी पोषक तत्वों का घोल तैयार किया जाएगा। उसका पानी के जरिये पौधों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाएगा। उन तत्वों के जरिये ही पौधों का जीवन चक्र चलेगा। आवश्यक पोषण सही मात्रा में मिलता रहे, इसके लिए विशेष नियंत्रण प्रणाली लगाई जाएगी। इस तकनीक में पानी को लगातार गतिशील रखा जाता है।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि कृषि संस्थान की ओर हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम की स्थापना का प्रस्ताव आया था। इस संबंध में सीएसआर फंड से 2.80 करोड़ की राशि स्वीकृत हो गई है। हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से सब्जियों की खेती पर शोध कर सकेंगे।