{"_id":"6a039760f38d8e896d005314","slug":"the-drug-dealers-committee-supported-the-strike-called-by-the-all-india-organisation-of-chemists-and-druggists-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-1318733-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ऑनलाइन दवा बिक्री पर मतभेद, 20 मई को बंदी और दुकानों के खुलने को लेकर दो संगठन आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ऑनलाइन दवा बिक्री पर मतभेद, 20 मई को बंदी और दुकानों के खुलने को लेकर दो संगठन आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 13 May 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद को लेकर दवा व्यापारियों के दो संगठनों के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। दो संगठन आमने-सामने आ गए हैं। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बंदी का विरोध किया है। वहीं दवा विक्रेता समिति ने बंदी का समर्थन किया है। संगठन के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि होलसेल व्यापार में लगभग 10 प्रतिशत और रिटेल में 20 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 50 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार प्रभावित कर रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जानकारी और वैध पर्चे के दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री पर भी नियंत्रण नहीं है।
वहीं दूसरी ओर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेश गुप्ता और जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ने बंद का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों का हित सर्वोपरि है और दवा दुकानों के बंद होने से आम लोगों को परेशानी होगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि 20 मई को उनकी दवा दुकानें खुली रहेंगी। दोनों संगठनों ने अपनी-अपनी बैठकों में व्यापार और मरीज हित को लेकर अलग-अलग पक्ष रखे हैं, जिससे दवा कारोबारियों के बीच भी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं।
दवा विक्रेता समिति की प्रमुख मांगें
- ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाएं देने पर रोक लगे।
- नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री रोकी जाए।
- होलसेल दवा व्यापार में 10 प्रतिशत और रिटेल में 20 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 50 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार प्रभावित कर रही हैं।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की प्रमुख बातें
- दवा दुकानों के बंद होने से मरीजों को परेशानी होगी।
- मरीजों का हित सर्वोपरि है, इसलिए 20 मई को दुकानें खुली रहेंगी।
- कई बार हो चुका है आहृवान, बंदी का कोई औचित्य नहीं है।
- दवा उपलब्धता बाधित होने से आपातकालीन मरीज प्रभावित हो सकते हैं।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि होलसेल व्यापार में लगभग 10 प्रतिशत और रिटेल में 20 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 50 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार प्रभावित कर रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जानकारी और वैध पर्चे के दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री पर भी नियंत्रण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेश गुप्ता और जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ने बंद का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों का हित सर्वोपरि है और दवा दुकानों के बंद होने से आम लोगों को परेशानी होगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि 20 मई को उनकी दवा दुकानें खुली रहेंगी। दोनों संगठनों ने अपनी-अपनी बैठकों में व्यापार और मरीज हित को लेकर अलग-अलग पक्ष रखे हैं, जिससे दवा कारोबारियों के बीच भी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं।
दवा विक्रेता समिति की प्रमुख मांगें
- ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाएं देने पर रोक लगे।
- नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री रोकी जाए।
- होलसेल दवा व्यापार में 10 प्रतिशत और रिटेल में 20 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां 50 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार प्रभावित कर रही हैं।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की प्रमुख बातें
- दवा दुकानों के बंद होने से मरीजों को परेशानी होगी।
- मरीजों का हित सर्वोपरि है, इसलिए 20 मई को दुकानें खुली रहेंगी।
- कई बार हो चुका है आहृवान, बंदी का कोई औचित्य नहीं है।
- दवा उपलब्धता बाधित होने से आपातकालीन मरीज प्रभावित हो सकते हैं।