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Gorakhpur News: हड़ताल पर रहे अधिवक्ता, तीसरे दिन भी नहीं हुई रजिस्ट्री
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बृहस्पतिवार को भी हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद कम, बैठक कर अधिवक्ता आज लेंगे फैसला
तीन दिनों से कलक्ट्रेट कचहरी के किसी कोर्ट में नहीं हो सकी मुकदमों की सुनवाई
गोरखपुर। रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण के विरोध में शुरू हुई अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सोमवार से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य न करने से कलक्ट्रेट कचहरी के किसी कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई नहीं हुई और रजिस्ट्री कार्य भी ठप रहा। बृहस्पतिवार को भी हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद कम है। हड़ताल की घोषणा तीन दिनों के लिए की गई थी लेकिन अधिवक्ता अब बृहस्पतिवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय करके की बात कर रहे हैं।
तहसील सदर में ई-रजिस्ट्रेशन नियमावली और फ्रंट ऑफिस प्रोजेक्ट के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने सोमवार को हड़ताल की घोषणा की थी। इनको उम्मीद थी कि इस दौरान शासन से सकारात्मक वार्ता हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बुधवार को जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
महामंत्री ने कहा कि मांगों को लेकर शासन को अवगत करा दिया गया है। कहा कि नई व्यवस्था से वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। निजीकरण के आदेश को वापस लिए जाने तक विरोध किया जाएगा। ज्ञापन देने से पहले अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। रजिस्ट्री कार्यालय के गेट को बंद करा दिया। इससे लोगों का कार्यालय में आना-जाना नहीं हो सका। प्रदर्शन में जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय, महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार चौरसिया, कोषाध्यक्ष उपेंद्र धर दुबे, उपाध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक, सचिन शुक्ला समेत अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता शामिल रहे।
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रजिस्ट्री होती तो न्यूनतम 15 करोड़ की होती आय
हड़ताल से रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह से ठप है। तीन दिनों के दौरान अगर 900 छोटी-बड़ी रजिस्ट्री होती तो कम से कम 15 करोड़ रुपये की आय हुई होती। हड़ताल लंबा खिंचने के कारण लोगों को परेशानी भी हो रही है। तीन दिन से दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की भी आय ठप है। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से कुछ वेंडरों ने चोरी-छिपे बुधवार को स्टांप की बिक्री की है। दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष शैलेश कुमार गोस्वामी ने कहा कि मांगों को आयुक्त स्टांप से वार्ता हुई है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
आज की बैठक में होगा निर्णय : महामंत्री
जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र ने कहा कि 25 जून को एसोसिएशन के सभागार में दोपहर 12 बजे से बैठक होगी। इसमें आंदोलन के स्वरूप को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
तीन दिनों से कलक्ट्रेट कचहरी के किसी कोर्ट में नहीं हो सकी मुकदमों की सुनवाई
गोरखपुर। रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण के विरोध में शुरू हुई अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सोमवार से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य न करने से कलक्ट्रेट कचहरी के किसी कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई नहीं हुई और रजिस्ट्री कार्य भी ठप रहा। बृहस्पतिवार को भी हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद कम है। हड़ताल की घोषणा तीन दिनों के लिए की गई थी लेकिन अधिवक्ता अब बृहस्पतिवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय करके की बात कर रहे हैं।
तहसील सदर में ई-रजिस्ट्रेशन नियमावली और फ्रंट ऑफिस प्रोजेक्ट के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने सोमवार को हड़ताल की घोषणा की थी। इनको उम्मीद थी कि इस दौरान शासन से सकारात्मक वार्ता हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बुधवार को जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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महामंत्री ने कहा कि मांगों को लेकर शासन को अवगत करा दिया गया है। कहा कि नई व्यवस्था से वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। निजीकरण के आदेश को वापस लिए जाने तक विरोध किया जाएगा। ज्ञापन देने से पहले अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। रजिस्ट्री कार्यालय के गेट को बंद करा दिया। इससे लोगों का कार्यालय में आना-जाना नहीं हो सका। प्रदर्शन में जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय, महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार चौरसिया, कोषाध्यक्ष उपेंद्र धर दुबे, उपाध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक, सचिन शुक्ला समेत अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता शामिल रहे।
रजिस्ट्री होती तो न्यूनतम 15 करोड़ की होती आय
हड़ताल से रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह से ठप है। तीन दिनों के दौरान अगर 900 छोटी-बड़ी रजिस्ट्री होती तो कम से कम 15 करोड़ रुपये की आय हुई होती। हड़ताल लंबा खिंचने के कारण लोगों को परेशानी भी हो रही है। तीन दिन से दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की भी आय ठप है। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से कुछ वेंडरों ने चोरी-छिपे बुधवार को स्टांप की बिक्री की है। दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष शैलेश कुमार गोस्वामी ने कहा कि मांगों को आयुक्त स्टांप से वार्ता हुई है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
आज की बैठक में होगा निर्णय : महामंत्री
जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र ने कहा कि 25 जून को एसोसिएशन के सभागार में दोपहर 12 बजे से बैठक होगी। इसमें आंदोलन के स्वरूप को लेकर निर्णय लिया जाएगा।